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Gurugram News: छात्राओं से अभद्र व्यवहार मामले में शिक्षक पर प्राथमिकी दर्ज
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गुरुग्राम। छात्राओं से अभद्र व्यवहार के मामले में स्कूल प्रिंसिपल की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में अभद्र भाषा का प्रयोग और बैड टच करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला संवेदनशील होने के कारण छात्राओं और उनके अभिभावकों से बातचीत की जा रही है। अब तक जिन छात्राओं से पूछताछ की गई है, उनमें से किसी ने भी सीधे तौर पर आरोपों की पुष्टि नहीं की है। जांच के तहत बच्चियों की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष काउंसलिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा न्यायिक अधिकारी के सामने भी उनके बयान दर्ज कराए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि काउंसलिंग और बयानों में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
जानकारी के अनुसार, जिले के एक सरकारी स्कूल की छात्राओं ने शिक्षक के व्यवहार को लेकर 24 अप्रैल को स्कूल प्रिंसिपल को शिकायत दी थीए जिसके बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा। 2 मई को खंड शिक्षा अधिकारी स्कूल पहुंचे और प्रारंभिक जांच की। नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में पहले स्कूल की पॉक्सो कमेटी द्वारा जांच की जानी चाहिए थी लेकिन बिना आंतरिक जांच के ही मामला आगे भेज दिया गया। मंगलवार को शिक्षक की तीन सदस्यीय मेडिकल कमिटी ने जांच की। आरोपी शिक्षक की मनोवैज्ञानिक जांच भी सेक्टर-38 स्थित पालीक्लिनिक में पूरी की गई। मनोचिकित्सक अपनी रिपोर्ट जिला नागरिक अस्पताल की मेडिकल कमेटी को सौंपेंगे, जिसके आधार पर शिक्षा विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। फिलहाल संबंधित शिक्षक को स्कूल से हटाकर विभागीय कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए गठित कमेटी ने बृहस्पतिवार को दोबारा स्कूल पहुंचकर छात्राओं और शिक्षकों के बयान दर्ज किए। बीईओ राकेश शर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट में छात्राओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई।
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वहीं हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी बृहस्पतिवार को मामले का संज्ञान लेते हुए स्कूल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने स्कूल शिकायत रजिस्टर, आंतरिक जांच रिपोर्ट, स्कूल प्रबंधन समिति और बाल संरक्षण समिति से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला संवेदनशील होने के कारण छात्राओं और उनके अभिभावकों से बातचीत की जा रही है। अब तक जिन छात्राओं से पूछताछ की गई है, उनमें से किसी ने भी सीधे तौर पर आरोपों की पुष्टि नहीं की है। जांच के तहत बच्चियों की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष काउंसलिंग करवाई जाएगी। इसके अलावा न्यायिक अधिकारी के सामने भी उनके बयान दर्ज कराए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि काउंसलिंग और बयानों में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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जानकारी के अनुसार, जिले के एक सरकारी स्कूल की छात्राओं ने शिक्षक के व्यवहार को लेकर 24 अप्रैल को स्कूल प्रिंसिपल को शिकायत दी थीए जिसके बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा। 2 मई को खंड शिक्षा अधिकारी स्कूल पहुंचे और प्रारंभिक जांच की। नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में पहले स्कूल की पॉक्सो कमेटी द्वारा जांच की जानी चाहिए थी लेकिन बिना आंतरिक जांच के ही मामला आगे भेज दिया गया। मंगलवार को शिक्षक की तीन सदस्यीय मेडिकल कमिटी ने जांच की। आरोपी शिक्षक की मनोवैज्ञानिक जांच भी सेक्टर-38 स्थित पालीक्लिनिक में पूरी की गई। मनोचिकित्सक अपनी रिपोर्ट जिला नागरिक अस्पताल की मेडिकल कमेटी को सौंपेंगे, जिसके आधार पर शिक्षा विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। फिलहाल संबंधित शिक्षक को स्कूल से हटाकर विभागीय कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए गठित कमेटी ने बृहस्पतिवार को दोबारा स्कूल पहुंचकर छात्राओं और शिक्षकों के बयान दर्ज किए। बीईओ राकेश शर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट में छात्राओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई।
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वहीं हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी बृहस्पतिवार को मामले का संज्ञान लेते हुए स्कूल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने स्कूल शिकायत रजिस्टर, आंतरिक जांच रिपोर्ट, स्कूल प्रबंधन समिति और बाल संरक्षण समिति से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।