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Gurugram News: चंडीगढ़ में अटकी फाइल, बच्चों की पढ़ाई चौपट

Sat, 10 May 2025 12:20 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 10 May 2025 12:20 AM IST
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File stuck in Chandigarh, children's education disrupted
नूंह जिले में लगे 600 सहायक शिक्षकों को नहीं मिला एक्सटेंशन
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शेरसिंह डागर
नूंह। मेवात के स्कूलों में पढ़ा रहे 600 सहायक शिक्षकों को आगे बढ़ाने के लिए एक्सटेंशन नहीं मिला है। इन शिक्षकों को स्कूलों से हटे हुए करीब सवा महीना हो चुका है। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई चौपट हो रही है । इसके अलावा उक्त शिक्षकों को पिछले 6 महीने से वेतन भी नहीं दिया गया है। ऐसे में यह अध्यापक वेतन और अपने एक्सटेंशन के लिए सरकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे है, लेकिन अभी इन्हें कोई कामयाबी नहीं मिली है। उपायुक्त इस मामले में गंभीर नजर आ रहे है और उन्होंने इस बारे में उच्च अधिकारियों से बात की है।
एक अप्रैल से शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है। इतना ही नहीं यहां पिछले काफी दिनों से कई हजार अध्यापकों और डीइइओ व डीपीसी व बीईओ तक के पद खाली है। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई से लेकर सुपरविजन तक नहीं हो पा रहा है। अब गंभीर विषय है कि अध्यापकों की कमी को कुछ हद तक अस्थाई तौर पर पूरा करने के लिए सरकार ने एनजीओ के माध्यम से जो सहायक शिक्षक लगाए थे लेकिन उन्हें भी अब बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। उन्हें पढ़ाने के लिए कोई एक्सटेंशन नहीं दी गई है। फिलहाल करीब 600 सहायक शिक्षक हटने से बदहाल इन स्कूलों की स्थिति और बदहाल हो गई।
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बता दें, कि नूंह जिले में 950 स्कूल हैं। जिनमें 126 सीनियर सेकेंडरी, 08 हाई स्कूल, 306 मिडिल स्कूल, 500 प्राइमरी स्कूल हैं तो पांच आरोही मॉडल तथा पांच कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हैं। जिनमें करीब दो लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही है। जिले की कुल साक्षरता दर लगभग 54 प्रतिशत है। जिसमें पुरुष साक्षरता दर लगभग 69 प्रतिशत है तो महिला साक्षरता दर 36 प्रतिशत है। मेव महिला साक्षरता दर करीब दस प्रतिशत है। यहां साक्षरता दर कम होने के गरीबी भी है। जिसके कारण नूंह जिला केंद्र सरकार के अति पिछड़े जिलों की श्रेणी में है। प्राइमरी स्कूलों का सबसे बुरा हाल है। यहां स्कूलों में 1061 पद रिक्त हैं। इससे इन स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिर गया है। यही कारण है कि यहां पांचवीं के बाद करीब 60 प्रतिशत छात्र ड्राप आउट हो जाते हैं।
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अभी एक्सटेंशन नहीं मिला है। स्कूल खुलने के बाद स्टाफ की दिक्कत ज्यादा हो गई है। इस मामले में उपायुक्त ने चंडीगढ़ में बैठे उच्च अधिकारियों से बातचीत की है।

अजीत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, नूंह।

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हम लगातार सहायक शिक्षकों को एक्सटेंशन दिलाने की कोशिश में हैं। लेकिन अभी कुछ अड़चन आ रही हैं। लेकिन उम्मीद है जल्द ही सकारात्मक नतीजा निकलेगा।

विश्राम मीणा उपायुक्त नूंह।
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