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आरोप: 500 रुपये नहीं दिए तो टीका लगाने से किया इन्कार, अस्पताल से निकाला
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सीएचसी का मामला, सीएमओ से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। बादलपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गर्भवती से बूस्टर डोज लगाने के एवज में रुपये मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पैसा न देने पर उसे धक्का देकर अस्पताल से बाहर कर दिया गया। परिजन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि पीड़ित ने मामले की शिकायत सीएमओ से भी की थी। पिछले एक माह से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जान समाना गांव निवासी जगत सिंह ने बताया कि उनकी बहू रिंकी पांच माह की गर्भवती हैं। उनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बादलपुर में इलाज चल रहा है। हर सप्ताह बूस्टर इंजेक्शन लगता है। 28 जून को वह अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के लिए गई थीं। आरोप है कि स्टाफ नर्स ने इंजेक्शन लगाने के नाम पर 500 रुपये की मांग की। उन्होंने कहा कि रुपये देने के बाद ही इंजेक्शन लगेगा। पैसा नहीं देने पर इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया गया। जब काफी देर तक इंजेक्शन नहीं लगाया तो स्टाफ नर्स की शिकायत अस्पताल प्रभारी से की गई। उसके बाद मरीज के साथ गाली-गलौज कर अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया।
वर्जन
गर्भवती महिला बाहर से इंजेक्शन लाकर लगवाना चाहती थी इसलिए नर्स ने इन्कार कर दिया था। 500 रुपये मांगने का आरोप निराधार है। -डॉ. टीकम सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी। बादलपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर गर्भवती से बूस्टर डोज लगाने के एवज में रुपये मांगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पैसा न देने पर उसे धक्का देकर अस्पताल से बाहर कर दिया गया। परिजन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि पीड़ित ने मामले की शिकायत सीएमओ से भी की थी। पिछले एक माह से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जान समाना गांव निवासी जगत सिंह ने बताया कि उनकी बहू रिंकी पांच माह की गर्भवती हैं। उनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बादलपुर में इलाज चल रहा है। हर सप्ताह बूस्टर इंजेक्शन लगता है। 28 जून को वह अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के लिए गई थीं। आरोप है कि स्टाफ नर्स ने इंजेक्शन लगाने के नाम पर 500 रुपये की मांग की। उन्होंने कहा कि रुपये देने के बाद ही इंजेक्शन लगेगा। पैसा नहीं देने पर इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया गया। जब काफी देर तक इंजेक्शन नहीं लगाया तो स्टाफ नर्स की शिकायत अस्पताल प्रभारी से की गई। उसके बाद मरीज के साथ गाली-गलौज कर अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया।
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गर्भवती महिला बाहर से इंजेक्शन लाकर लगवाना चाहती थी इसलिए नर्स ने इन्कार कर दिया था। 500 रुपये मांगने का आरोप निराधार है। -डॉ. टीकम सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी
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