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जेहन में लॉकडाउन का खौफ, फिर भी लोग बेपरवाह
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गुरुग्राम के सदर बाजार में नहीं किया जा रहा कोविड नियमों का पालन।
- फोटो : Gurgaon
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गुरुग्राम। पिछले साल 22 मार्च को लॉकडाउन और संक्रमण के शुरुआती दौर में कोरोना के खौफ की यादें लोगों के जेहन में अब भी ताजा हैं, बावजूद इसके कोरोना बचाव मानकों का पालन करने में लोग अब भी जमकर लापरवाही कर रहे हैं।
स्थिति यह है कि जिले में फिर से पहले जैसे ही हालात बनने लगे हैं और अब रोजाना आने वाले नए मरीजों की संख्या 100 से भी ज्यादा हो गई है। वहीं, लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की तरफ से जिस तरीके से सख्ती देखने को मिली थी, वह अब कहीं दिखाई नहीं दे रही है। बाजार, शॉपिंग मॉल्स, बस, ट्रेन समेत अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं व सार्वजनिक स्थलों पर कोरोना बचाव मानकों का खुला उल्लंघन देखने को मिल रहा है, लेकिन पुलिस-प्रशासन की तरफ से कोई मजबूत प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में कैद होकर रह गए थे, लेकिन अब लोग कोरोना को लेकर पूरी तरह से बेफिक्र नजर आ रहे हैं। सामाजिक दूरी, फेस मास्क व सैनिटाइजेशन समेत अन्य कोरोना प्रोटोकॉल को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।
पिछले साल 13 मार्च को जिले में पहली मरीज
पिछले साल 22 मार्च को देश में पहली बार लॉकडाउन लगा था तो वहीं आज की स्थिति यह है कि शहर के बाजारों समेत कहीं पर भी कोरोना प्रोटोकाल का पालन नहीं कर रहे हैं। सामाजिक दूरी की खुलेआम अवहेलना हो रही है। कोरोना के दौर में पिछले एक साल कोरोना संक्रमण काल जिले के लिए खासा चुनौती भरा रहा है। जिले में पिछले साल 13 मार्च को कोरोना की पहली महिला मरीज सामने आई थी, जिसके बाद कोरोना संक्रमण के मामले में उतार-चढ़ाव का लंबा सिलसिला चला। कोरोना की शुरुआत से अब तक 60707 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं तो वहीं 360 लोगों की कोरोना से मौत हुई है।
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माहवार इतने आए मरीज
मार्च - 10
अप्रैल - 48
मई - 717
जून - 4573
जुलाई - 3720
अगस्त - 2850
सितंबर - 8782
अक्तूबर - 8299
नवंबर - 19594
दिसंबर - 7199
जनवरी - 1416
फरवरी - 786
मार्च (अब तक) - 1714
कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में जिस तरीके से देश ने पहली बार लॉकडाउन का नजारा देखा था, उसकी यादें अब भी ताजा हैं। लोगों से अपील है कि कोरोना बचाव मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें ताकि दोबारा से लॉकडाउन लगाने की नौबत न आए।
- अभय कुमार, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष
कोरोना महामारी की शुरुआत में लॉकडाउन का अनुभव काफी अलग व डराने वाला था। लोगों को सोचना होगा कि वह पूरी तरह से कोरोना बचाव मानकों का पालन करें ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
- गोविंद सलूजा, उद्यमी
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स्थिति यह है कि जिले में फिर से पहले जैसे ही हालात बनने लगे हैं और अब रोजाना आने वाले नए मरीजों की संख्या 100 से भी ज्यादा हो गई है। वहीं, लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की तरफ से जिस तरीके से सख्ती देखने को मिली थी, वह अब कहीं दिखाई नहीं दे रही है। बाजार, शॉपिंग मॉल्स, बस, ट्रेन समेत अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं व सार्वजनिक स्थलों पर कोरोना बचाव मानकों का खुला उल्लंघन देखने को मिल रहा है, लेकिन पुलिस-प्रशासन की तरफ से कोई मजबूत प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। पिछले साल लॉकडाउन के दौरान लोग घरों में कैद होकर रह गए थे, लेकिन अब लोग कोरोना को लेकर पूरी तरह से बेफिक्र नजर आ रहे हैं। सामाजिक दूरी, फेस मास्क व सैनिटाइजेशन समेत अन्य कोरोना प्रोटोकॉल को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।
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पिछले साल 13 मार्च को जिले में पहली मरीज
पिछले साल 22 मार्च को देश में पहली बार लॉकडाउन लगा था तो वहीं आज की स्थिति यह है कि शहर के बाजारों समेत कहीं पर भी कोरोना प्रोटोकाल का पालन नहीं कर रहे हैं। सामाजिक दूरी की खुलेआम अवहेलना हो रही है। कोरोना के दौर में पिछले एक साल कोरोना संक्रमण काल जिले के लिए खासा चुनौती भरा रहा है। जिले में पिछले साल 13 मार्च को कोरोना की पहली महिला मरीज सामने आई थी, जिसके बाद कोरोना संक्रमण के मामले में उतार-चढ़ाव का लंबा सिलसिला चला। कोरोना की शुरुआत से अब तक 60707 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं तो वहीं 360 लोगों की कोरोना से मौत हुई है।
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माहवार इतने आए मरीज
मार्च - 10
अप्रैल - 48
मई - 717
जून - 4573
जुलाई - 3720
अगस्त - 2850
सितंबर - 8782
अक्तूबर - 8299
नवंबर - 19594
दिसंबर - 7199
जनवरी - 1416
फरवरी - 786
मार्च (अब तक) - 1714
कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में जिस तरीके से देश ने पहली बार लॉकडाउन का नजारा देखा था, उसकी यादें अब भी ताजा हैं। लोगों से अपील है कि कोरोना बचाव मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें ताकि दोबारा से लॉकडाउन लगाने की नौबत न आए।
- अभय कुमार, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष
कोरोना महामारी की शुरुआत में लॉकडाउन का अनुभव काफी अलग व डराने वाला था। लोगों को सोचना होगा कि वह पूरी तरह से कोरोना बचाव मानकों का पालन करें ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
- गोविंद सलूजा, उद्यमी