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Gurugram News: घरों में दरार का डर, सहमे लोग, रातों की नींद उड़ी
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सुशांत लोक सी ब्लॉक में पांच मंजिला इमारत झुकने से आस-पास के परिवारों में दहशत
पुलिस ने 20 से अधिक लोगों को घरों से बाहर निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। घर को इंसान सबसे सुरक्षित जगह मानता है, लेकिन सुशांत लोक-1 के सी ब्लॉक में पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत झुकने की घटना ने आसपास रहने वाले परिवारों के मन में डर पैदा कर दिया। बगल के प्लॉट में जेसीबी से नींव की खुदाई के दौरान इमारत के 2 से 2.5 इंच तक झुकने की जानकारी सामने आने के बाद आसपास के घरों में रहने वाले लोग सहम गए। अचानक सामने आए इस खतरे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। जिन घरों में लोग रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, वहां सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए। लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि झुकी हुई इमारत के आसपास रहना कितना सुरक्षित है और कहीं स्थिति और बिगड़ने पर बड़ा हादसा तो नहीं हो जाएगा।
मकान मालिक व पुलिस तक पहुंचा मामला
सोमवार शाम लगभग 5 बजे निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मजदूरों ने बिल्डिंग के झुकाव पर ध्यान दिया तो उन्होंने मकान मालिक को सूचना दी। इसके बाद दोनों मकान व प्लॉट मालिकों में आपस में बहस हुई। तब मामले में शिकायत सुशांत लोक थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और हालात देखते के बाद यहां आस-पास लगते तीन मकानों को खाली कराया गया। इन लोगों को अपने परिचितों या अन्य सुरक्षित जगह जाने को कहा गया। देर रात लगभग 12 बजे इमारत की सुरक्षा को देखते हुए हाइड्रा क्रेन बुलाकर इसे सहारा दिया गया ताकि ये और न झुके और गिरे नहीं।
इमारत में फंसा सामान
पड़ोस में रहने वाले तरुण चोपड़ा ने बताया कि इमारत में क्रैक आने के बाद उनके घर को खाली करवाया गया है। इस कारण वे अपने दोस्त के घर में शिफ्ट हुए हैं। वहीं, दूसरे घर वाले भी अपने जानकारों के पास चले गए हैं। सोमवार की रात करीब 9 बजे पुलिसकर्मियों ने साथ वाले मकानों को खाली करवाया था। इसके बाद उन घरों के लोग दो-चार जोड़ी कपड़े बैग में डालकर निकल गए थे। इस कारण अन्य सभी सामान तीनों बंद मकान में ही मौजूद है।
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कब तक ऐसे रहना पड़ेगा, पता नहीं
तरुण चोपड़ा का कहना है कि पुलिस इस चीज को भी कंफर्म नहीं कर रही है कि यह मामला कब तक लटका रहेगा। निर्माणधिन इमारत को तुड़वाया जाएगा या कोई अन्य विकल्प निकाला जाएगा। बुधवार की सुबह इन मकानों के मालिक पुलिस आयुक्त और उपयुक्त उत्तम सिंह से मिलने जाएंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष वे अपनी समस्या रखेंगे ताकि कोई समाधान निकाल सके।
निर्माण कार्य में लापरवाही पर उठे सवाल
घटना ने आस-पास के भूखंडों पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्र में एक प्लॉट की नींव खोदते समय बगल की पांच मंजिला इमारत का झुकना गंभीर चिंता का विषय है। निर्माण कार्य के दौरान आसपास की इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि किसी की लापरवाही का खामियाजा दूसरे परिवारों को न भुगतना पड़े।
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पुलिस ने 20 से अधिक लोगों को घरों से बाहर निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। घर को इंसान सबसे सुरक्षित जगह मानता है, लेकिन सुशांत लोक-1 के सी ब्लॉक में पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत झुकने की घटना ने आसपास रहने वाले परिवारों के मन में डर पैदा कर दिया। बगल के प्लॉट में जेसीबी से नींव की खुदाई के दौरान इमारत के 2 से 2.5 इंच तक झुकने की जानकारी सामने आने के बाद आसपास के घरों में रहने वाले लोग सहम गए। अचानक सामने आए इस खतरे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। जिन घरों में लोग रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, वहां सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए। लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि झुकी हुई इमारत के आसपास रहना कितना सुरक्षित है और कहीं स्थिति और बिगड़ने पर बड़ा हादसा तो नहीं हो जाएगा।
मकान मालिक व पुलिस तक पहुंचा मामला
सोमवार शाम लगभग 5 बजे निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मजदूरों ने बिल्डिंग के झुकाव पर ध्यान दिया तो उन्होंने मकान मालिक को सूचना दी। इसके बाद दोनों मकान व प्लॉट मालिकों में आपस में बहस हुई। तब मामले में शिकायत सुशांत लोक थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और हालात देखते के बाद यहां आस-पास लगते तीन मकानों को खाली कराया गया। इन लोगों को अपने परिचितों या अन्य सुरक्षित जगह जाने को कहा गया। देर रात लगभग 12 बजे इमारत की सुरक्षा को देखते हुए हाइड्रा क्रेन बुलाकर इसे सहारा दिया गया ताकि ये और न झुके और गिरे नहीं।
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इमारत में फंसा सामान
पड़ोस में रहने वाले तरुण चोपड़ा ने बताया कि इमारत में क्रैक आने के बाद उनके घर को खाली करवाया गया है। इस कारण वे अपने दोस्त के घर में शिफ्ट हुए हैं। वहीं, दूसरे घर वाले भी अपने जानकारों के पास चले गए हैं। सोमवार की रात करीब 9 बजे पुलिसकर्मियों ने साथ वाले मकानों को खाली करवाया था। इसके बाद उन घरों के लोग दो-चार जोड़ी कपड़े बैग में डालकर निकल गए थे। इस कारण अन्य सभी सामान तीनों बंद मकान में ही मौजूद है।
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कब तक ऐसे रहना पड़ेगा, पता नहीं
तरुण चोपड़ा का कहना है कि पुलिस इस चीज को भी कंफर्म नहीं कर रही है कि यह मामला कब तक लटका रहेगा। निर्माणधिन इमारत को तुड़वाया जाएगा या कोई अन्य विकल्प निकाला जाएगा। बुधवार की सुबह इन मकानों के मालिक पुलिस आयुक्त और उपयुक्त उत्तम सिंह से मिलने जाएंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष वे अपनी समस्या रखेंगे ताकि कोई समाधान निकाल सके।
निर्माण कार्य में लापरवाही पर उठे सवाल
घटना ने आस-पास के भूखंडों पर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्र में एक प्लॉट की नींव खोदते समय बगल की पांच मंजिला इमारत का झुकना गंभीर चिंता का विषय है। निर्माण कार्य के दौरान आसपास की इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि किसी की लापरवाही का खामियाजा दूसरे परिवारों को न भुगतना पड़े।