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Gurugram News: निजी एजेंसियों को किसानों ने बेची फसल, मंडी कार्यालय में किया हंगामा
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- मंडी में धान व बाजरे की फसल को लेकर पहुंचे किसानों के अधिकारियों ने नहीं काटे गेट पास
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। धान व बाजरे की फसल लेकर ट्रैक्टर ट्राली के साथ अनाज मंडी पहुंचे किसानों के मंडी सचिव की सह कर्मचारियों ने गेट पास नहीं काटे। गेट पास नहीं कटने से शहर में जाम की स्थिति बन गई। नाराज किसान मंडी कार्यालय पहुंचे जहां किसानों ने मंडी सचिव पर व्यापारियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। बाद में किसान निजी एजेंसियों को अपनी फसल को बिक्री कर वापस अपने घरों को लौट गए।
शुक्रवार की सुबह छः बजे शहर की अनाज मंडी में ट्रैक्टर ट्राली में भरकर अपनी बाजरे व धान की फसल को बिक्री को लेकर मंडी के गेट पर पहुंचे तो कर्मचारियों ने गेट पास काटने से मना कर दिया। जब किसानों ने कर्मचारियों से गेट पास नहीं काटने का कारण पूछा तो उन्होंने मार्केट सचिव से बात करने को कहा, लेकिन मार्केट सचिव दोपहर तक मंडी कार्यालय नहीं आए।
सचिव के कार्यालय नहीं पहुंचने पर किसानों की सब्र का बांध टूट गया। किसान एकत्रित होकर मंडी सचिव के कार्यालय पहुंचे। थोड़ी देर बाद मंडी सचिव भी कार्यालय आ गए। इस दौरान मंडी सचिव विद्यासागर ने किसानों पर भड़कते हुए उन पर व्यापारियों के साथ मिली भगत करने का आरोप लगाया। किसानों ने मंडी सचिव से अपनी फसल के गेट पास काटने की बात की तो उन्होंने साइट बंद होने का हवाला देते हुए उन्हें बाहर जाने को कह दिया। किसानों ने बताया कि पलवल व हथीन में साइट चलने के बारे में जानकारी दी। लेकिन मंडी अधिकारियों ने सिरे से नकार दिया। इस मामले में जब मंडी सचिव विद्यासागर से फोन पर बात करनी चाहिए तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। धान व बाजरे की फसल लेकर ट्रैक्टर ट्राली के साथ अनाज मंडी पहुंचे किसानों के मंडी सचिव की सह कर्मचारियों ने गेट पास नहीं काटे। गेट पास नहीं कटने से शहर में जाम की स्थिति बन गई। नाराज किसान मंडी कार्यालय पहुंचे जहां किसानों ने मंडी सचिव पर व्यापारियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। बाद में किसान निजी एजेंसियों को अपनी फसल को बिक्री कर वापस अपने घरों को लौट गए।
शुक्रवार की सुबह छः बजे शहर की अनाज मंडी में ट्रैक्टर ट्राली में भरकर अपनी बाजरे व धान की फसल को बिक्री को लेकर मंडी के गेट पर पहुंचे तो कर्मचारियों ने गेट पास काटने से मना कर दिया। जब किसानों ने कर्मचारियों से गेट पास नहीं काटने का कारण पूछा तो उन्होंने मार्केट सचिव से बात करने को कहा, लेकिन मार्केट सचिव दोपहर तक मंडी कार्यालय नहीं आए।
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सचिव के कार्यालय नहीं पहुंचने पर किसानों की सब्र का बांध टूट गया। किसान एकत्रित होकर मंडी सचिव के कार्यालय पहुंचे। थोड़ी देर बाद मंडी सचिव भी कार्यालय आ गए। इस दौरान मंडी सचिव विद्यासागर ने किसानों पर भड़कते हुए उन पर व्यापारियों के साथ मिली भगत करने का आरोप लगाया। किसानों ने मंडी सचिव से अपनी फसल के गेट पास काटने की बात की तो उन्होंने साइट बंद होने का हवाला देते हुए उन्हें बाहर जाने को कह दिया। किसानों ने बताया कि पलवल व हथीन में साइट चलने के बारे में जानकारी दी। लेकिन मंडी अधिकारियों ने सिरे से नकार दिया। इस मामले में जब मंडी सचिव विद्यासागर से फोन पर बात करनी चाहिए तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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