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संयुक्त किसान मोर्चा आज करेगा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
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गुरुग्राम। देश के सभी किसान मोर्चो पर बुधवार को सुबह बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी एवं महात्मा बुद्ध के विचारों को प्रसारित किया जाएगा। वहीं किसान आंदोलन के 6 माह पूरे होने पर पूरे देश में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। बुधवार को किसान तथा आंदोलन को समर्थन कर रहे सभी जनसंगठन, ट्रेड यूनियन तथा ट्रांसपोर्टर्स के कार्यकर्ता अपने मकानों, दुकानों, ट्रकों और अन्य वाहनों पर काले झंडे लगाकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। उक्त बात संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन गुरुग्राम के पूर्व प्रधान संतोख सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि हिसार में किसानों के संघर्ष और सच्चाई की जीत हुई है। हरियाणा सरकार द्वारा किसानों पर किए गए अत्याचार के खिलाफ हजारों किसान हिसार में एकजुट हुए। हरियाणा सरकार ने पुलिसबल के जरिए किसानों को डराना चाहा। परंतु किसानों के हौसले बुलंद थे और हजारों की संख्या में ट्रैक्टरों, कार, जीप और ट्रकों में आए। समाज की 36 बिरादरी की एकजुटता ने सिद्ध कर दिया कि लोग अब जुल्म नहीं सहेंगे। सरकार इसके द्वारा जवानों और किसानों को लड़ाना भी चाहती है। हिसार के क्रांतिमान पार्क में इकट्ठे होकर किसानों ने हिसार कमिश्नरेट का घेराव करने का ऐलान किया।
संतोख सिंह ने बताया कि किसानों के हिसार में आने के कारण के दबाव में प्रशासन को तुरंत एक बैठक बुलानी पड़ी। जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं समेत हिसार के किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया। प्रशासन के साथ चली लंबी बातचीत में किसानों की मांगें मान ली गई और प्रशासन की तरफ से 16 मई की पुलिस कार्रवाई की माफी मांगी गई। इस बैठक में मुख्य रूप से 3 निर्णय हुए। जिसक तहत 16 मई की घटना से संबंधित किसानों पर दर्ज पुलिस मुकदमे वापस लिए जाएंगे। पंचायत के दौरान शहीद हुए किसान रामचंद्र के परिवार के योग्य सदस्य को जिला प्रशासन द्वारा सरकारी नौकरी दी जाएगी और किसानों की गाड़ियां जो पुलिस द्वारा तोड़ी गई थी, वह प्रशासन द्वारा ठीक करवाई जाएंगी। संतोख सिंह ने कहा कि हम केंद्र सरकार से भी अपील करते हैं कि किसानों को बदनाम करने की बजाय तीन कृषि कानून वापस ले, एमएसपी पर कानून बनाए तो किसान अपने आप घर चले जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि हिसार में किसानों के संघर्ष और सच्चाई की जीत हुई है। हरियाणा सरकार द्वारा किसानों पर किए गए अत्याचार के खिलाफ हजारों किसान हिसार में एकजुट हुए। हरियाणा सरकार ने पुलिसबल के जरिए किसानों को डराना चाहा। परंतु किसानों के हौसले बुलंद थे और हजारों की संख्या में ट्रैक्टरों, कार, जीप और ट्रकों में आए। समाज की 36 बिरादरी की एकजुटता ने सिद्ध कर दिया कि लोग अब जुल्म नहीं सहेंगे। सरकार इसके द्वारा जवानों और किसानों को लड़ाना भी चाहती है। हिसार के क्रांतिमान पार्क में इकट्ठे होकर किसानों ने हिसार कमिश्नरेट का घेराव करने का ऐलान किया।
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संतोख सिंह ने बताया कि किसानों के हिसार में आने के कारण के दबाव में प्रशासन को तुरंत एक बैठक बुलानी पड़ी। जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं समेत हिसार के किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया। प्रशासन के साथ चली लंबी बातचीत में किसानों की मांगें मान ली गई और प्रशासन की तरफ से 16 मई की पुलिस कार्रवाई की माफी मांगी गई। इस बैठक में मुख्य रूप से 3 निर्णय हुए। जिसक तहत 16 मई की घटना से संबंधित किसानों पर दर्ज पुलिस मुकदमे वापस लिए जाएंगे। पंचायत के दौरान शहीद हुए किसान रामचंद्र के परिवार के योग्य सदस्य को जिला प्रशासन द्वारा सरकारी नौकरी दी जाएगी और किसानों की गाड़ियां जो पुलिस द्वारा तोड़ी गई थी, वह प्रशासन द्वारा ठीक करवाई जाएंगी। संतोख सिंह ने कहा कि हम केंद्र सरकार से भी अपील करते हैं कि किसानों को बदनाम करने की बजाय तीन कृषि कानून वापस ले, एमएसपी पर कानून बनाए तो किसान अपने आप घर चले जाएंगे।
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