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रेलवे स्टेशन पर किसानों-ट्रेड यूनियन सदस्यों ने दिया धरना

Mon, 15 Mar 2021 06:01 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 15 Mar 2021 06:01 PM IST
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Farmers-trade union members staged a sit-in at the railway station
गुड़गांव रेलवे स्टेशन के परिसर में शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन करने के बाद प्रधानमंत्री के नाम तह - फोटो : Gurgaon
गुरुग्राम। ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर सोमवार को तीनों कृषि कानूनों, श्रम कानूनों, निजीकरण, पेट्रोल-डीजल तथा घरेलू गैस की बढ़ी हुई कीमतों के विरोध में जिले के किसानों और यूनियनों के सदस्यों ने रेलवे स्टेशन पर शांतिपूर्वक धरना दिया। इसमें शामिल किसानों और यूनियन सदस्यों में केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर रोष था।
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किसानों ने कहा कि 3 माह से अधिक समय से किसान नए कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार अपने तानाशाही रवैये पर अड़ी हुई है। केंद्र सरकार धरना दे रहे किसानों की बात सुनने को तैयार नहीं है, जिस कारण पिछले तीन माह से सर्दी, बरसात व गर्मी को सहते हुए अन्नदाता दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलन करने को मजबूर हैं। जब तक सरकार कृषि कानूनों को रद्द नहीं करती है, यह आंदोलन चलता रहेगा। सोमवार को उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम गुरुग्राम तहसीलदार दर्शन सिंह कंबोज को ज्ञापन सौंपा।
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‘सरकार को सिर्फ पूंजीपतियों के हितों की चिंता’
रेलवे स्टेशन पर धरने में बैठे किसानों को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है। अगर देश में किसान ही नहीं रहेगा तो लोगों को अन्न कहां से मिलेगा। सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के फायदे के बारे में सोच रही है। किसान अपने हक को लेकर लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों की मांगों को नहीं मान रही, जिस कारण आज देश का किसान सड़क पर बैठा है।
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नए कानूनों से होगा मजदूरों का शोषण
कामरेड सतबीर सिंह ने कहा कि सरकार ने 44 श्रम कानून खत्म कर दिए हैं तथा चार कोड लागू कर दिए हैं, जिससे मजदूरों का शोषण होगा। यह सभी कानून सरकार ने पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाए हैं। सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों को बेचने में मस्त है तथा पूंजीपति देश को लूटने में व्यस्त है। निजीकरण से मजदूरों का शोषण होगा और नौकरियों में छंटनी होगी तथा बेरोजगारी भी बढ़ेगी। वहीं, ऊषा सरोहा ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

घरेलू गैस की कीमतें पिछले दो माह में ही बहुत ज्यादा बढ़ाई गई हैं। अगर इसी तरह चीजों की कीमतें बढ़ती रहीं तो लोगों के लिए घर चलाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से आम जनता त्रस्त है तथा जनता में आक्रोश है। रेलवे स्टेशन पर सोमवार को धरने में बलवान सिंह, अनिल पंवार, धर्मवीर राठी, योगेश्वर दहिया, तेज राम यादव, मुकेश डागर, जयसिंह पूनिया, कंवर लाल यादव, महिपाल सिंह यादव समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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