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किसानों को फसल नहीं मिल रहा उचित दाम : योगेंद्र
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किसानों को फसल नहीं मिल रहा उचित दाम : योगेंद्र
गुरुग्राम। स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक योगेंद्र यादव ने रविवार को पटौदी में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर योगेंद्र ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्वराज इंडिया का ईमान पत्र जारी करते हुए कहा कि फसल का पत्र के अनुसरा सरकारी भाव 2402 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन राज्य सरकार महज 2000 रुपये दे रही है। पिछले साल बाजरा का दाना दाना सरकारी भाव पर खरीदने का झूठा दावा करने वाली सरकार ने आचार संहिता लगने से पहले राज्य कोष से बाजरा खरीद की कोई व्यवस्था नहीं की।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लगाई गई फिजूल की शर्तों के चलते किसान बाजरा तय सरकारी भाव पर बेचने में असमर्थ है। स्वराज इंडिया ने अपने ईमान पत्र में मिशन अन्नदाता के तहत विश्वास व्यक्त किया कि 5 साल में किसान को कर्जमुक्त कर दिया जाएगा। उसकी आय 2 लाख से बढ़कर 5 लाख होगी तो मान बड़ेगा, खेती से 90 हजार किसानों का पलायन रुकेगा तो इस कारण बढ़ती बेरोजगारी रुकेगी। योगेंद्र ने कहा कि स्वराज इंडिया मिशन अन्नदाता के तहत किसान को उसकी पूरी फसल का बिना किसी शर्त के लागत का डेढ़ गुना भाव देगा। स्वराज इंडिया के प्रदेश महासचिव दीपक लाम्बा ने कहा कि सरकार बाजरे की खरीद कीमत को लेकर फिर से वादे से भाग रही है। लाम्बा ने कहा कि किसान इस वादाखिलाफी का जवाब देने के लिए तैयार हैं और आगामी चुनाव में वे सरकार को धरातल पर ला पटकेंगे। उन्होंने कहा कि स्वराज इंडिया किसानों के हितों के लिए संघर्षरत है और उनका हक़ उन्हें दिलाने के लिए वचनबद्ध है।
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गुरुग्राम। स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक योगेंद्र यादव ने रविवार को पटौदी में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर योगेंद्र ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्वराज इंडिया का ईमान पत्र जारी करते हुए कहा कि फसल का पत्र के अनुसरा सरकारी भाव 2402 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन राज्य सरकार महज 2000 रुपये दे रही है। पिछले साल बाजरा का दाना दाना सरकारी भाव पर खरीदने का झूठा दावा करने वाली सरकार ने आचार संहिता लगने से पहले राज्य कोष से बाजरा खरीद की कोई व्यवस्था नहीं की।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लगाई गई फिजूल की शर्तों के चलते किसान बाजरा तय सरकारी भाव पर बेचने में असमर्थ है। स्वराज इंडिया ने अपने ईमान पत्र में मिशन अन्नदाता के तहत विश्वास व्यक्त किया कि 5 साल में किसान को कर्जमुक्त कर दिया जाएगा। उसकी आय 2 लाख से बढ़कर 5 लाख होगी तो मान बड़ेगा, खेती से 90 हजार किसानों का पलायन रुकेगा तो इस कारण बढ़ती बेरोजगारी रुकेगी। योगेंद्र ने कहा कि स्वराज इंडिया मिशन अन्नदाता के तहत किसान को उसकी पूरी फसल का बिना किसी शर्त के लागत का डेढ़ गुना भाव देगा। स्वराज इंडिया के प्रदेश महासचिव दीपक लाम्बा ने कहा कि सरकार बाजरे की खरीद कीमत को लेकर फिर से वादे से भाग रही है। लाम्बा ने कहा कि किसान इस वादाखिलाफी का जवाब देने के लिए तैयार हैं और आगामी चुनाव में वे सरकार को धरातल पर ला पटकेंगे। उन्होंने कहा कि स्वराज इंडिया किसानों के हितों के लिए संघर्षरत है और उनका हक़ उन्हें दिलाने के लिए वचनबद्ध है।
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