{"_id":"5fe7427f8ebc3e41a4677660","slug":"faridabad-police-beaten-with-belt-and-kick-punches-in-the-name-of-questioning-gurgaon-news-noi5561739102","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूछताछ के नाम पर फरीदाबाद पुलिस ने बेल्ट और लात-घूंसों से पीटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूछताछ के नाम पर फरीदाबाद पुलिस ने बेल्ट और लात-घूंसों से पीटा
विज्ञापन
मृतक आशा उर्फ आयशा
- फोटो : Gurgaon
गुरुग्राम। छह पुलिसकर्मियों के बीच से धोखाधड़ी के आरोपी को साथी द्वारा छुड़ा ले जाने से फरीदाबाद पुलिस का गुस्सा सातवें आसमान पर था। यही कारण है कि पुलिस ने अपना गुस्सा आरोपी के परिवार पर निकाला। आरोपी शंकर का पता लगाने के लिए पुलिस ने मानवता की सभी हदें पार कर दी। परिवार का आरोप है कि शंकर के बारे में पूछताछ करने के नाम पर उसकी भाभी, बहन और जीजा को बेल्ट, लात-घूंसों और डंडों से पीटा।
पीड़ित नैनतारा (भाभी) ने बताया कि बृहस्पतिवार को जब पुलिस उनके घर आई तो उन्होंने ही दरवाजा खोला था। दरवाजा खोलते ही महिला पुलिसकर्मी ने बिना कुछ बात किए उन्हें पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर उनकी ननद आशा उर्फ आयशा आ गई और उन्हें भी पुलिस ने बुरी तरह से पीटा। आरोप है कि उपनिरीक्षक राजेश ने आशा को लातों से मारा था। इस तरह घर में घुसकर पुलिस द्वारा बिना बात किए पीटे जाने से दोनों ही काफी आहत और डरे हुए थे।
दो पुलिसकर्मी रात भर घर में सोए
नैनतारा ने बताया कि बृहस्पतिवार रात से ही पुलिस ने उनके घर पर कब्जा कर लिया। एक महिला व एक पुरुष पुलिसकर्मी रात भर उनके घर पर डेरा जमाए रहे। उनके मोबाइल को भी अपने कब्जे में ले लिया। घर में लकवाग्रस्त पड़े उनके ससुर व 11 साल के बच्चे के सामने उन दोनों को बुरी तरह से पीटा गया। बताया कि पुलिस पहले आशा को भी अपने साथ गाड़ी में ले जाना चाह रही थी, लेकिन बीमार ससुर और बच्चे को देखकर पुलिस ने सिर्फ नैनतारा को अपनी हिरासत में लिया। वहीं, आशा को घर छोड़कर चेतावनी दी गई कि वह शंकर से संपर्क करे और उसे अपने साथी राहुल के साथ हर हाल में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए दबाव बनाए। ऐसा न करने पर उसे भी थाने ले जाकर टॉर्चर करने की धमकी दी थी।
विज्ञापन
जीजा की हालत देखकर निकल गए थे आंसू
पुलिस से घर पर ही मार खा चुकी आशा के उस वक्त आंसू निकल गए थे जब शुक्रवार शाम को उसकी भाभी और जीजा पुलिस हिरासत से वापस घर लौटे। उनके शरीर पर बने डंडों, बेल्ट के निशान देखकर वह अपने आप को रोने से नहीं रोक पाई। उसके मन में डर बैठ गया था। भाभी नैनतारा ने जब उसे बताया कि जीजा संदीप को पुलिस ने नग्न कर बुरी तरह से पीटा तो वह और सहम गई।
विज्ञापन
पीड़ित नैनतारा (भाभी) ने बताया कि बृहस्पतिवार को जब पुलिस उनके घर आई तो उन्होंने ही दरवाजा खोला था। दरवाजा खोलते ही महिला पुलिसकर्मी ने बिना कुछ बात किए उन्हें पीटना शुरू कर दिया। शोर सुनकर उनकी ननद आशा उर्फ आयशा आ गई और उन्हें भी पुलिस ने बुरी तरह से पीटा। आरोप है कि उपनिरीक्षक राजेश ने आशा को लातों से मारा था। इस तरह घर में घुसकर पुलिस द्वारा बिना बात किए पीटे जाने से दोनों ही काफी आहत और डरे हुए थे।
विज्ञापन
दो पुलिसकर्मी रात भर घर में सोए
नैनतारा ने बताया कि बृहस्पतिवार रात से ही पुलिस ने उनके घर पर कब्जा कर लिया। एक महिला व एक पुरुष पुलिसकर्मी रात भर उनके घर पर डेरा जमाए रहे। उनके मोबाइल को भी अपने कब्जे में ले लिया। घर में लकवाग्रस्त पड़े उनके ससुर व 11 साल के बच्चे के सामने उन दोनों को बुरी तरह से पीटा गया। बताया कि पुलिस पहले आशा को भी अपने साथ गाड़ी में ले जाना चाह रही थी, लेकिन बीमार ससुर और बच्चे को देखकर पुलिस ने सिर्फ नैनतारा को अपनी हिरासत में लिया। वहीं, आशा को घर छोड़कर चेतावनी दी गई कि वह शंकर से संपर्क करे और उसे अपने साथी राहुल के साथ हर हाल में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए दबाव बनाए। ऐसा न करने पर उसे भी थाने ले जाकर टॉर्चर करने की धमकी दी थी।
विज्ञापन
जीजा की हालत देखकर निकल गए थे आंसू
पुलिस से घर पर ही मार खा चुकी आशा के उस वक्त आंसू निकल गए थे जब शुक्रवार शाम को उसकी भाभी और जीजा पुलिस हिरासत से वापस घर लौटे। उनके शरीर पर बने डंडों, बेल्ट के निशान देखकर वह अपने आप को रोने से नहीं रोक पाई। उसके मन में डर बैठ गया था। भाभी नैनतारा ने जब उसे बताया कि जीजा संदीप को पुलिस ने नग्न कर बुरी तरह से पीटा तो वह और सहम गई।