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मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने दी परिवार पहचान पत्र की जानकारी
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गुुरुग्राम। सेक्टर-27 स्थित सामुदायिक केंद्र में शुक्रवार को परिवार पहचान-पत्र के बारे में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रधान सचिव वी उमाशंकर ने परिवार पहचान पत्र की उपयोगिता एवं आवश्यकता के बारे में निगम पार्षदों, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों तथा निजी स्कूल संचालकों को जानकारी दी। कहा कि सरकार डिजिटल तरीके से सभी सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ नागरिकों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।
इसी क्रम में सरकार ने परिवार पहचान-पत्र बनाने की शुरुआत की है। वी उमाशंकर ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा भत्ते के लिए हमें सभी जरूरी दस्तावेज लेकर शासकीय कार्यालयों में जाना पड़ता है, लेकिन पीपीपी के माध्यम से पूरे परिवार का बेहतर डाटाबेस होगा तथा जैसे ही परिवार का कोई सदस्य 60 वर्ष की आयु पूरी करता है, वेरिफिकेशन के बाद उसकी पेंशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही आने वाले समय में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री भी जिले की किसी भी तहसील में करवाई जा सकेगी।
परिवार पहचान पत्र का डाटाबेस पूरी तरह सुरक्षित
वी उमाशंकर ने कहा कि परिवार पहचान-पत्र के लिए एकत्र किया जाने वाला डाटाबेस पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं में ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीपीपी के लिए अलग से प्राधिकरण का गठन किया गया है तथा जल्द ही इसके लिए कानून में भी प्रावधान किया जाएगा। कोविड-19 के दौरान प्रदेश में शुरू की गई डिस्ट्रेस राशन टोकन प्रणाली को सरकार ने वन नेशन-वन राशन कार्ड के रूप में आगे बढ़ाया और पीपीपी को भी पूरे देश में लागू किया जा सकता है। बैठक में उन्होंने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना तथा स्वामित्व योजना के बारे में भी जानकारी दी।
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इसी क्रम में सरकार ने परिवार पहचान-पत्र बनाने की शुरुआत की है। वी उमाशंकर ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा भत्ते के लिए हमें सभी जरूरी दस्तावेज लेकर शासकीय कार्यालयों में जाना पड़ता है, लेकिन पीपीपी के माध्यम से पूरे परिवार का बेहतर डाटाबेस होगा तथा जैसे ही परिवार का कोई सदस्य 60 वर्ष की आयु पूरी करता है, वेरिफिकेशन के बाद उसकी पेंशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही आने वाले समय में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री भी जिले की किसी भी तहसील में करवाई जा सकेगी।
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परिवार पहचान पत्र का डाटाबेस पूरी तरह सुरक्षित
वी उमाशंकर ने कहा कि परिवार पहचान-पत्र के लिए एकत्र किया जाने वाला डाटाबेस पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं में ही किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीपीपी के लिए अलग से प्राधिकरण का गठन किया गया है तथा जल्द ही इसके लिए कानून में भी प्रावधान किया जाएगा। कोविड-19 के दौरान प्रदेश में शुरू की गई डिस्ट्रेस राशन टोकन प्रणाली को सरकार ने वन नेशन-वन राशन कार्ड के रूप में आगे बढ़ाया और पीपीपी को भी पूरे देश में लागू किया जा सकता है। बैठक में उन्होंने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना तथा स्वामित्व योजना के बारे में भी जानकारी दी।
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