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Gurugram News: नो एंट्री में प्रवेश कर सकेंगे जरूरी सेवा वाहन
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पोर्टल विकसित कर रहा जीएमडीए, ऑनलाइन मिलेगा परमिट
प्रक्रिया में कम से कम होगा मानवीय हस्तक्षेप
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में नो एंट्री टाइम के दौरान आवश्यक सेवा वाले वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही की सुविधा के लिए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर रहा है। संबंधित वाहन इस दौरान शहर के भीतर आने-जाने के लिए डिजिटल परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं। अभी यह प्रक्रिया बेहद समय लेने वाली और मैनुअल संपन्न होने वाली है। एक समिति सार्वजनिक डोमेन में पोर्टल लॉन्च करने से पहले इन परमिटों की अवधि, आवेदन के तौर-तरीकों आदि से संबंधित इस प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर आगे चर्चा और विचार-विमर्श करेगी।
जीएमडीए एक एप्लिकेशन विकसित कर रहा है जिसका उपयोग वाणिज्यिक विक्रेताओं, संगठनों और फर्मों द्वारा किया जाएगा। आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आने वाले ऐसे वाणिज्यिक वाहन जो नो एंट्री पीरियड के दौरान शहर में प्रवेश के लिए परमिट मांगते हैं। उनके लिए यह व्यवस्था कारगर साबित होगी। इस प्रक्रिया का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। यह पूरा काम पेपर लैस होगा। इसमें बेहद कम मानवीय हस्तक्षेप रहेगा।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर राजपाल कहते हैं कि इस नई व्यवस्था में यातायात पुलिस, नगर निगम भी जुड़े हुए रहेंगे। नो-एंट्री के समय यानी सुबह आठ बजे से लेकर 10 बजे तक और शाम पांच बजे से लेकर नौ बजे तक आवेदक अपने वाहन के लिए ऑनलाइन पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद यातायात पुलिस द्वारा आवेदन स्वीकृत कर दिए जाने के बाद आवेदक को डिजिटल मूवमेंट पास हासिल हो जाएगा।
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इस ऑनलाइन व्यवस्था से आवेदक को उसके मोबाइल एप पर क्यू आर कोड के साथ एक सर्टिफिकेट मिलेगा जिसे यातायात पुलिस स्कैन कर सकेगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जो वाहन नो एंट्री के समय शहर में मूवमेंट कर रहा है, उसके पास परमिट है या नहीं। इस एप के माध्यम से जीएमडीए के एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर में मूवमेंट ट्रैक करने के लिए इन वाहनों को जीपीएस लगा होना चाहिए।
किसको मिलेगा लाभ
फार्मा, खाद्य खानपान, किराने का सामान, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला, विनिर्माण उद्योग और अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित संगठनों या फर्मों से संबंधित वाहनों के परमिट के लिए आवेदन कर सकेंगे। इन वाहनों को परमिट मुफ्त में दिया जाएगा। यह यातायात के घनत्व और सड़क की क्षमता पर निर्भर करेगा कि जिस रूट के लिए अनुमति मांगी जा रही है उस समय अनुमति मिलेगी या बाद में दी जाएगी। इस साल की शुरुआत में जनवरी में बैठक हुई थी, इसमें छोटे औद्योगिक वाहनों को रात के समय शहर की सड़कों पर चलने के लिए छूट देने पर चर्चा की गई थी।
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इस एप्लिकेशन के विकास पर काम पूरा हो गया है और इन वाणिज्यिक वाहनों के लाभ के लिए एक सहज और परेशानी मुक्त एप्लिकेशन की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए फीडबैक लिया जा रहा है। - सुधीर राजपाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जीएमडीए
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प्रक्रिया में कम से कम होगा मानवीय हस्तक्षेप
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में नो एंट्री टाइम के दौरान आवश्यक सेवा वाले वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही की सुविधा के लिए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर रहा है। संबंधित वाहन इस दौरान शहर के भीतर आने-जाने के लिए डिजिटल परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं। अभी यह प्रक्रिया बेहद समय लेने वाली और मैनुअल संपन्न होने वाली है। एक समिति सार्वजनिक डोमेन में पोर्टल लॉन्च करने से पहले इन परमिटों की अवधि, आवेदन के तौर-तरीकों आदि से संबंधित इस प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर आगे चर्चा और विचार-विमर्श करेगी।
जीएमडीए एक एप्लिकेशन विकसित कर रहा है जिसका उपयोग वाणिज्यिक विक्रेताओं, संगठनों और फर्मों द्वारा किया जाएगा। आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आने वाले ऐसे वाणिज्यिक वाहन जो नो एंट्री पीरियड के दौरान शहर में प्रवेश के लिए परमिट मांगते हैं। उनके लिए यह व्यवस्था कारगर साबित होगी। इस प्रक्रिया का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। यह पूरा काम पेपर लैस होगा। इसमें बेहद कम मानवीय हस्तक्षेप रहेगा।
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प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर राजपाल कहते हैं कि इस नई व्यवस्था में यातायात पुलिस, नगर निगम भी जुड़े हुए रहेंगे। नो-एंट्री के समय यानी सुबह आठ बजे से लेकर 10 बजे तक और शाम पांच बजे से लेकर नौ बजे तक आवेदक अपने वाहन के लिए ऑनलाइन पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद यातायात पुलिस द्वारा आवेदन स्वीकृत कर दिए जाने के बाद आवेदक को डिजिटल मूवमेंट पास हासिल हो जाएगा।
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इस ऑनलाइन व्यवस्था से आवेदक को उसके मोबाइल एप पर क्यू आर कोड के साथ एक सर्टिफिकेट मिलेगा जिसे यातायात पुलिस स्कैन कर सकेगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जो वाहन नो एंट्री के समय शहर में मूवमेंट कर रहा है, उसके पास परमिट है या नहीं। इस एप के माध्यम से जीएमडीए के एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर में मूवमेंट ट्रैक करने के लिए इन वाहनों को जीपीएस लगा होना चाहिए।
किसको मिलेगा लाभ
फार्मा, खाद्य खानपान, किराने का सामान, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला, विनिर्माण उद्योग और अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित संगठनों या फर्मों से संबंधित वाहनों के परमिट के लिए आवेदन कर सकेंगे। इन वाहनों को परमिट मुफ्त में दिया जाएगा। यह यातायात के घनत्व और सड़क की क्षमता पर निर्भर करेगा कि जिस रूट के लिए अनुमति मांगी जा रही है उस समय अनुमति मिलेगी या बाद में दी जाएगी। इस साल की शुरुआत में जनवरी में बैठक हुई थी, इसमें छोटे औद्योगिक वाहनों को रात के समय शहर की सड़कों पर चलने के लिए छूट देने पर चर्चा की गई थी।
इस एप्लिकेशन के विकास पर काम पूरा हो गया है और इन वाणिज्यिक वाहनों के लाभ के लिए एक सहज और परेशानी मुक्त एप्लिकेशन की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए फीडबैक लिया जा रहा है। - सुधीर राजपाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जीएमडीए