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Gurugram News: उद्यमियों ने भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते को बताया ऐतिहासिक
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बोले-निर्यात के रास्ते आसान होने से देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। साइबर सिटी के उद्यमियों ने भारत और ब्रिटेन के बीच हुए व्यापारिक समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि इससे उद्योगों को आगे बढ़ने में काफी मदद मिलेगी। निर्यात के रास्ते आसान होने से देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। गुरुग्राम और मानेसर में ज्यादातर एमएसएमई इकाइयां हैं। इस समझौते के कारण उन्हें निर्यात करने के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। उद्यमियों ने इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शिता पूर्ण कदम बताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है।
भारत को निर्यात में बहुत सहायता मिलेगी
गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन भारत और ब्रिटेन के व्यापार समझौते का स्वागत करता है। इस समझौते से दोनों देशों को लाभ होगा। भारत अपनी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की ओर अग्रसर है। भारत को निर्यात में बहुत सहायता मिलेगी और अन्य देशों जैसे चीन के उत्पादों से प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलेगी। छोटे और लघु उद्योग भी अब निर्यात और उससे जुड़ी कठिनाइयों से जूझने में सक्षम होंगे। देश के कई उद्योग पहले से ही ब्रिटेन को अपना उत्पाद निर्यात कर रहे हैं उन्हें निर्यात बढ़ाने और नए उत्पाद जोड़ने में सहायता होगी।
- सुमित राव, अध्यक्ष, गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
लेदर, फार्मा, प्लास्टिक व टेक्स्टाइल इंडस्ट्री को फायदा होगा
समझौते से लेदर, फार्मा, प्लास्टिक तथा टेक्स्टाइल इंडस्ट्री को ज्यादा फायदा होगा। टेक्स्टाइल सेक्टर में पहले 12 प्रतिशत टैक्स था, जो अब शून्य हो गया है। अब भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों से कम रेट पर माल भेज सकेगा। अभी तक भारत लगभग 8600 करोड़ का फार्मा ब्रिटेन को निर्यात करता है। शून्य टैरिफ से फार्मा के निर्यात में तीन गुना तेजी आने की संभावना है। प्लास्टिक सेक्टर में पहले 6 प्रतिशत टैक्स था, अब टैक्स फ्री हो गया है। इससे टॉय इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा। लेदर प्रोडक्ट पर पहले 16 प्रतिशत टैक्स था, अब शून्य हो गया है। अगले दो वर्षो में लेदर का निर्यात दो गुना होने की संभावना है।
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- दीपक मैनी, चेयरमैन, प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री
उद्योगों को आगे बढ़ने में काफी मदद मिलेगी
भारत में निर्यात बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा अवसर है। कपड़ा और परिधान निर्यात में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे रोजगार में भी इजाफा होगा। गुरुग्राम और मानेसर में करीब 1600 परिधान निर्यातक उद्योग हैं। उन्हें इस समझौते का काफी लाभ मिलेगा। व्यापारिक समझौते से उद्योगों को आगे बढ़ने में काफी मदद मिलेगी। समझौता ऐतिहासिक है।
- अनिमेष सक्सेना,अध्यक्ष, उद्योग विहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
अर्थव्यवस्था की विकास दर बढ़ने में मदद मिलेगी
यह समझौता ऐतिहासिक है। इस समझौते से हमारी एमएसएमई इंडस्ट्री को बहुत लाभ मिलेगा। विशेषकर कपड़ा, कृषि उद्योग, रासायनिक उद्योग, चमड़ा, मेडिकल इंस्ट्रूूमेंट और दवा उद्योग को फायदा होगा। इस समझौते से हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर बढ़ने में बहुत मदद मिलेगी। उद्योग जगत के लिए ये समझौता मील का पत्थर साबित होगा।
- उमेश द्विवेदी, महासचिव, दौलताबाद रोड इंडस्टि्रयल एसोसिएशन
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। साइबर सिटी के उद्यमियों ने भारत और ब्रिटेन के बीच हुए व्यापारिक समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि इससे उद्योगों को आगे बढ़ने में काफी मदद मिलेगी। निर्यात के रास्ते आसान होने से देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। गुरुग्राम और मानेसर में ज्यादातर एमएसएमई इकाइयां हैं। इस समझौते के कारण उन्हें निर्यात करने के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। उद्यमियों ने इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शिता पूर्ण कदम बताते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है।
भारत को निर्यात में बहुत सहायता मिलेगी
गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन भारत और ब्रिटेन के व्यापार समझौते का स्वागत करता है। इस समझौते से दोनों देशों को लाभ होगा। भारत अपनी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की ओर अग्रसर है। भारत को निर्यात में बहुत सहायता मिलेगी और अन्य देशों जैसे चीन के उत्पादों से प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलेगी। छोटे और लघु उद्योग भी अब निर्यात और उससे जुड़ी कठिनाइयों से जूझने में सक्षम होंगे। देश के कई उद्योग पहले से ही ब्रिटेन को अपना उत्पाद निर्यात कर रहे हैं उन्हें निर्यात बढ़ाने और नए उत्पाद जोड़ने में सहायता होगी।
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- सुमित राव, अध्यक्ष, गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
लेदर, फार्मा, प्लास्टिक व टेक्स्टाइल इंडस्ट्री को फायदा होगा
समझौते से लेदर, फार्मा, प्लास्टिक तथा टेक्स्टाइल इंडस्ट्री को ज्यादा फायदा होगा। टेक्स्टाइल सेक्टर में पहले 12 प्रतिशत टैक्स था, जो अब शून्य हो गया है। अब भारत, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों से कम रेट पर माल भेज सकेगा। अभी तक भारत लगभग 8600 करोड़ का फार्मा ब्रिटेन को निर्यात करता है। शून्य टैरिफ से फार्मा के निर्यात में तीन गुना तेजी आने की संभावना है। प्लास्टिक सेक्टर में पहले 6 प्रतिशत टैक्स था, अब टैक्स फ्री हो गया है। इससे टॉय इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा। लेदर प्रोडक्ट पर पहले 16 प्रतिशत टैक्स था, अब शून्य हो गया है। अगले दो वर्षो में लेदर का निर्यात दो गुना होने की संभावना है।
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- दीपक मैनी, चेयरमैन, प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री
उद्योगों को आगे बढ़ने में काफी मदद मिलेगी
भारत में निर्यात बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा अवसर है। कपड़ा और परिधान निर्यात में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे रोजगार में भी इजाफा होगा। गुरुग्राम और मानेसर में करीब 1600 परिधान निर्यातक उद्योग हैं। उन्हें इस समझौते का काफी लाभ मिलेगा। व्यापारिक समझौते से उद्योगों को आगे बढ़ने में काफी मदद मिलेगी। समझौता ऐतिहासिक है।
- अनिमेष सक्सेना,अध्यक्ष, उद्योग विहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
अर्थव्यवस्था की विकास दर बढ़ने में मदद मिलेगी
यह समझौता ऐतिहासिक है। इस समझौते से हमारी एमएसएमई इंडस्ट्री को बहुत लाभ मिलेगा। विशेषकर कपड़ा, कृषि उद्योग, रासायनिक उद्योग, चमड़ा, मेडिकल इंस्ट्रूूमेंट और दवा उद्योग को फायदा होगा। इस समझौते से हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर बढ़ने में बहुत मदद मिलेगी। उद्योग जगत के लिए ये समझौता मील का पत्थर साबित होगा।
- उमेश द्विवेदी, महासचिव, दौलताबाद रोड इंडस्टि्रयल एसोसिएशन