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Gurugram News: तकनीकी शिक्षा के जरिये मेवात के युवाओं को हुनरमंद बनाने पर जोर
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नए कोर्स बढ़ाने की तैयारी, सरकार दे रही युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा पर खास जोर
शेरसिंह डागर
नूंह। मेवात के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के जरिये रोजगार व स्वरोजगार परक बनाने के लिए सरकार गंभीर नजर आ रही है। यहां पिछले कुछ सालों में न केवल आईटीआई की संख्या बढ़ी है बल्कि बहुतकनीकी कॉलेज की संख्या में भी इजाफा हुआ है। जिनके जरिये कई हजार छात्रा-छात्राएं विभिन्न ट्रेडों में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। अब नए सत्र में इन संस्थानों में और नए कोर्स बढ़ाने की तैयारी है। इन संस्थानों के बूते ही तकनीकी शिक्षण संस्थानों के मामले में मेवात प्रदेश के अग्रणी जिलों में शुमार हो गया है। सरकार यहां के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा पर खास जोर दे रही है। हालांकि, इन संस्थानों में स्टाफ के साथ-साथ अन्य कुछ कमियां हैं, लेकिन फिर भी यहां से हजारों युवा हर साल पास होकर रोजगारपरक बन रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में मेवात अभी भी काफी पिछड़ा हुआ है, लेकिन यहां हुनरमंद युवाओं की कमी नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां तकनीकी संस्थानों पर जोर दिया गया है। इस तरह यहां के युवाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा का न सिर्फ माहौल दिया जा रहा है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस शिक्षण संस्थानों की सौगात भी दी जा रही है। पल्ला गांव में इंजीनियरिंग कॉलेज भी तकनीकी शिक्षा के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। इनके अलावा इंडरी और मालब में एक-एक बहुतकनीकी संस्थान भी मेवात के युवाओं को तकनीकी शिक्षा देने में मददगार हो रहे हैं। इन संस्थानों में मेवात के युवाओं को दाखिले में खास रियायत दी जा रही है। प्रदेश की सबसे बड़ी आईटीआई भी नूंह में ही बनाई गई है। हालांकि अभी इन संस्थानों में स्टाफ व संसाधनों की कमी है। लेकिन इनके दूरगामी परिणाम बेहतर जरूर होंगे। पिछले डेढ़ दशक में इन संस्थानों पर करीब सौ करोड़ खर्च किए गए हैं। कांग्रेस सरकार में प्रदेश की सबसे बड़ी आईटीआई का निर्माण नूंह में कराया था।
बढ़ेंगे कोर्स
नए सत्र शुरू होने से पहले कुछ ऐसे नए कोर्सों को शामिल किया जाएगा जिनकी समय के अनुसार मांग बढ़ रही है। जिले की सभी आईटीआई व पॉलिटेक्निक कॉलेज में करीब 10 कोर्स और बढ़ाए जाने की तैयारी है। इसके लिए अभी से तैयारी की जा रही है। इस बारे में जानकारी भी मांगी गई है। वक्फ इंजीनियर कॉलेज में कुछ कोर्स शुरू करने का फैसला भी लिया जा चुका है। इससे युवाओं को फायदा होगा।
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आईटीआई
नूंह फिरोजपुर झिरका उजीना नगीना
1100
260 450
350
ट्रेड -17 29 11 15
इनके अलावा पिनगवां, पुन्हाना, धमाला व झामुवास आईटीआई में भी एक हजार से अधिक सीट हैं।
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नूंह आईटीआई में ट्रेड की स्थिति :
इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, कारपेंटर, मशीनिस्ट,फिटर, वेल्डर, टर्नर, वायरमैन, ड्राफ्टसमैन मैकेनिकल, डीजल मैकेनिक, शीट मेटल, ट्रैक्टर मैकेनिक, पलंबर, फ्रिज एंड एसी मैकेनिक,
हेल्थ सेनेटरी इंस्पेक्टर, ड्राफ्टसमैन सिविल ट्रेड शामिल हैं।
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फि. झिरका में ट्रेड पर नजर :
रेफरिजरेटर, एयरकंडीशनर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, एचएमवी, इलेक्ट्रिकल मैकेनिक, अगरिकलचर, इंडराड रि-मकेनिक लीडल वर्क, कोपा, कटींग-सेविंग, आर्केटेक्ट एसिस्टेंस, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, कारपेंटर, मशीनिस्ट,फिटर, वेल्डर, टर्नर, वायरमैन, ड्राफ्टसमैन मैकेनिकल, डीजल मैकेनिक, शीट मेटल, ट्रैक्टर मैकेनिक, पलंबर, फ्रिज एंड एसी मैकेनिक,
हेल्थ सेनेटरी इंस्पेक्टर, ड्राफ्टसमैन सिविल ट्रेड शामिल है।
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छात्राओं के लिए अलग आईटीआई, मगर रूचि नहीं दिखा रहीं
नूंह में छात्राओं के लिए अलग से आईटीआई बनाई गई है। इसमें छात्राओं की पसंद के ट्रेड को शामिल किया गया है। इसमें कुल 320 सीटें है। कटिंग, कढ़ाई-सिलाई, ड्रेसिंग एंड मैकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रीकल, ब्यूटिशियन (हेयर एंड स्किन केयर), स्टेनोग्राफी (हिंदी-इंगलिश) आर्किटेक्ट एसिसटेंस, फैशन टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर द्वारा कढ़ाई-सिलाई जैसी ट्रेड है। लेकिन लड़कियां आईटीआई कोर्स में रूचि नहीं दिखा रही हैं, जिसके कारण यहां दाखिला नहीं हो पाए हैं और बिल्डिंग खंडहर हो रही है। हालांकि, कुछ अन्य आईटीआई और बहुतकनीकी कॉलेजों में बेटियां पढ़ रही हैं।
आज जमाना तकनीक का है। सरकार मेवात के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के बेहतर प्रयास कर रही है। युवाओं को इन सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। - सुरेन्द्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष।
.............
निश्चित तौर पर मेवात के युवाओं इसका खासा फायदा होगा। अभिभावक लड़कियों की तकनीकी शिक्षा पर ध्यान दें। एनसीआर के शहरों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत गंभीर होकर तकनीकी शिक्षा हासिल करने की है। - भगत सिंह, प्राचार्य आइटीआइ, नूंह।
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शेरसिंह डागर
नूंह। मेवात के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के जरिये रोजगार व स्वरोजगार परक बनाने के लिए सरकार गंभीर नजर आ रही है। यहां पिछले कुछ सालों में न केवल आईटीआई की संख्या बढ़ी है बल्कि बहुतकनीकी कॉलेज की संख्या में भी इजाफा हुआ है। जिनके जरिये कई हजार छात्रा-छात्राएं विभिन्न ट्रेडों में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। अब नए सत्र में इन संस्थानों में और नए कोर्स बढ़ाने की तैयारी है। इन संस्थानों के बूते ही तकनीकी शिक्षण संस्थानों के मामले में मेवात प्रदेश के अग्रणी जिलों में शुमार हो गया है। सरकार यहां के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा पर खास जोर दे रही है। हालांकि, इन संस्थानों में स्टाफ के साथ-साथ अन्य कुछ कमियां हैं, लेकिन फिर भी यहां से हजारों युवा हर साल पास होकर रोजगारपरक बन रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में मेवात अभी भी काफी पिछड़ा हुआ है, लेकिन यहां हुनरमंद युवाओं की कमी नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां तकनीकी संस्थानों पर जोर दिया गया है। इस तरह यहां के युवाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा का न सिर्फ माहौल दिया जा रहा है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस शिक्षण संस्थानों की सौगात भी दी जा रही है। पल्ला गांव में इंजीनियरिंग कॉलेज भी तकनीकी शिक्षा के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। इनके अलावा इंडरी और मालब में एक-एक बहुतकनीकी संस्थान भी मेवात के युवाओं को तकनीकी शिक्षा देने में मददगार हो रहे हैं। इन संस्थानों में मेवात के युवाओं को दाखिले में खास रियायत दी जा रही है। प्रदेश की सबसे बड़ी आईटीआई भी नूंह में ही बनाई गई है। हालांकि अभी इन संस्थानों में स्टाफ व संसाधनों की कमी है। लेकिन इनके दूरगामी परिणाम बेहतर जरूर होंगे। पिछले डेढ़ दशक में इन संस्थानों पर करीब सौ करोड़ खर्च किए गए हैं। कांग्रेस सरकार में प्रदेश की सबसे बड़ी आईटीआई का निर्माण नूंह में कराया था।
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बढ़ेंगे कोर्स
नए सत्र शुरू होने से पहले कुछ ऐसे नए कोर्सों को शामिल किया जाएगा जिनकी समय के अनुसार मांग बढ़ रही है। जिले की सभी आईटीआई व पॉलिटेक्निक कॉलेज में करीब 10 कोर्स और बढ़ाए जाने की तैयारी है। इसके लिए अभी से तैयारी की जा रही है। इस बारे में जानकारी भी मांगी गई है। वक्फ इंजीनियर कॉलेज में कुछ कोर्स शुरू करने का फैसला भी लिया जा चुका है। इससे युवाओं को फायदा होगा।
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आईटीआई
नूंह फिरोजपुर झिरका उजीना नगीना
1100
260 450
350
ट्रेड -17 29 11 15
इनके अलावा पिनगवां, पुन्हाना, धमाला व झामुवास आईटीआई में भी एक हजार से अधिक सीट हैं।
नूंह आईटीआई में ट्रेड की स्थिति :
इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, कारपेंटर, मशीनिस्ट,फिटर, वेल्डर, टर्नर, वायरमैन, ड्राफ्टसमैन मैकेनिकल, डीजल मैकेनिक, शीट मेटल, ट्रैक्टर मैकेनिक, पलंबर, फ्रिज एंड एसी मैकेनिक,
हेल्थ सेनेटरी इंस्पेक्टर, ड्राफ्टसमैन सिविल ट्रेड शामिल हैं।
फि. झिरका में ट्रेड पर नजर :
रेफरिजरेटर, एयरकंडीशनर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, एचएमवी, इलेक्ट्रिकल मैकेनिक, अगरिकलचर, इंडराड रि-मकेनिक लीडल वर्क, कोपा, कटींग-सेविंग, आर्केटेक्ट एसिस्टेंस, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, कारपेंटर, मशीनिस्ट,फिटर, वेल्डर, टर्नर, वायरमैन, ड्राफ्टसमैन मैकेनिकल, डीजल मैकेनिक, शीट मेटल, ट्रैक्टर मैकेनिक, पलंबर, फ्रिज एंड एसी मैकेनिक,
हेल्थ सेनेटरी इंस्पेक्टर, ड्राफ्टसमैन सिविल ट्रेड शामिल है।
छात्राओं के लिए अलग आईटीआई, मगर रूचि नहीं दिखा रहीं
नूंह में छात्राओं के लिए अलग से आईटीआई बनाई गई है। इसमें छात्राओं की पसंद के ट्रेड को शामिल किया गया है। इसमें कुल 320 सीटें है। कटिंग, कढ़ाई-सिलाई, ड्रेसिंग एंड मैकिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रीकल, ब्यूटिशियन (हेयर एंड स्किन केयर), स्टेनोग्राफी (हिंदी-इंगलिश) आर्किटेक्ट एसिसटेंस, फैशन टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर द्वारा कढ़ाई-सिलाई जैसी ट्रेड है। लेकिन लड़कियां आईटीआई कोर्स में रूचि नहीं दिखा रही हैं, जिसके कारण यहां दाखिला नहीं हो पाए हैं और बिल्डिंग खंडहर हो रही है। हालांकि, कुछ अन्य आईटीआई और बहुतकनीकी कॉलेजों में बेटियां पढ़ रही हैं।
आज जमाना तकनीक का है। सरकार मेवात के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा के बेहतर प्रयास कर रही है। युवाओं को इन सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए और अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। - सुरेन्द्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष।
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निश्चित तौर पर मेवात के युवाओं इसका खासा फायदा होगा। अभिभावक लड़कियों की तकनीकी शिक्षा पर ध्यान दें। एनसीआर के शहरों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। जरूरत गंभीर होकर तकनीकी शिक्षा हासिल करने की है। - भगत सिंह, प्राचार्य आइटीआइ, नूंह।