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Gurugram News: 33 केवीए स्वीचिंग स्टेशनों से नए सेक्टरों में दूर होगी बिजली की समस्या
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निगम द्वारा कराया जाएगा निर्माण, सोसाइटियों को 400 वर्ग गज जमीन नि:शुल्क उपलब्ध करानी होगी
निवासियों और बिल्डर दोनों को बिजली की समस्या से मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नए सेक्टरों की सोसाइटियों में अस्थायी कनेक्शन के कारण बिजली संबंधित संकट और बिल्डरों की मनमानी से आने वाले दिनों में लोगों को राहत मिलेगी। बिजली निगम ने नए सेक्टरों 58 से लेकर 115, सेक्टर 37 सी, डी, दिल्ली जयपुर हाईवे के बाई ओर बसी सोसाइटियों और फरीदाबाद की नई सोसाइटियों के लिए नए नियम तय कर लिए हैं। इसके पहले यह आदेश जारी हुआ था कि अब 33 केवीए सबस्टेशन बिजली निगम बनाकर देगा, बिल्डरों को नहीं बनाना होगा। अभी तक नए सेक्टरों में 33 केवीए सबस्टेशन बनाने की जिम्मेदारी बिल्डर की होती थी। बिल्डर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने से पहले बिजली निगम को बैंक गारंटी देते थे, जो इंफ्रास्ट्रक्चर बनने के बाद बिजली निगम बिल्डर को लौटा देता था। मगर बैंक गारंटी नहीं दिए जाने, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, बिल्डरों द्वारा 33 केवीए सबस्टेशन नहीं बनाए जाने और कम लोड के सहारे सोसाइटियों को चलाए जाने की समस्या को लेकर आए दिन सोसाइटियों के लोग परेशान रहते हैं। अब बिजली निगम द्वारा 33 केवीए सबस्टेशन बनाए जाने के फैसले के उपनियम और शर्तें बिजली निगम ने जारी कर दी हैं। इन उपनियमों के अनुसार बिजली निगम सोसाइटियों के लिए 33 केवीए स्वीचिंग स्टेशन बनाएगा। इससे सोसाइटियां अपनी बिजली ले सकेंगी। इन स्वीचिंग स्टेशन से एक या अधिक सोसाइटियां 33 केवीए की बिजली ले सकेंगी। सोसाइटियों को इसके लिए बिजली निगम को प्रति एमवीए लोड 31 लाख रुपये जमा करने होंगे और 400 वर्ग गज जमीन नि:शुल्क उपलब्ध करानी होगी। प्रति एमवीए लोड पर 31 लाख की राशि को एक्सटर्नल इलेक्टि्रकल सिस्टम डेवलपमेंट चार्जेज (ईईएसडीसी) का नाम दिया गया है। इस राशि का आधा हिस्सा बिल्डर को बिल्डिंग के इलेक्टि्रकल प्लान बन जाने के बाद और आधा हिस्सा आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी ) मिलने के पहले और पार्ट कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलने के पहले दिया जाएगा। मगर स्वीचिंग स्टेशन से साेसाइटी के भीतर की पूरी बिजली व्यवस्था बिल्डर को करनी होगी। बिजली निगम के इस निर्णय से बिल्डराें और खरीदारों दोनों को राहत मिलेगी। अबतक बिल्डरों को स्वयं या साझा 33 केवीए सबस्टेशन बनाने की अनिवार्यता थी, इसमें करीब 15 करोड़ रुपये का खर्च आ रहे था। बिल्डर इस कारण इससे आनाकानी करते रहे थे मगर अगर अब बिजली निगम प्रति एमवीए 31 लाख रुपये लेकर स्वीचिंग स्टेशन तैयार करेगा जिससे बिल्डर सोसाइटियों में बिजली ले सकेंगे।
आने वाले दिनों में व्यक्तिगत कनेक्शन भी
बिल्डर लाइसेंस सोसाइटियों में अबतक सिंगल प्वांइट कनेक्शन का प्रावधान है यानी बिजली निगम का कनेक्शन बिल्डर के पास आता है और वह फ्लैटों में अपने कनेक्शन देता है मगर आने वाले दिनों में बिजली निगम व्यक्तिगत मीटर उपलब्ध कराएगा मगर इसके लिए नई सोसाइटियों के तदनुरुप इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने होंगे। अबतक के सिंगल प्वाइंट सिस्टम में लोग बिल्डर पर गड़बड़ियों के आरोप लगाते रहे हैं।
वर्जन
नए सेक्टरों में स्वीचिंग स्टेशन के माध्यम से 33 केवीए बिजली की सुविधा बिल्डर लाइसेंस सोसाइटियों को मिल सकेगी। सिंगल प्वाइंट कनेक्शन की जगह व्यक्तिगत मीटर की सुविधा होगी मगर पुरानी बनी सोसाइटियों में इस तरह इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं विकसित है कि अलग-अलग मीटर लोगों को मिल सके। नए विकसित सोसाइटियों में यह सुविधा रहेगी।- विनीता सिंह, मुख्य अभियंता डीएचबीवीएन
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निवासियों और बिल्डर दोनों को बिजली की समस्या से मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नए सेक्टरों की सोसाइटियों में अस्थायी कनेक्शन के कारण बिजली संबंधित संकट और बिल्डरों की मनमानी से आने वाले दिनों में लोगों को राहत मिलेगी। बिजली निगम ने नए सेक्टरों 58 से लेकर 115, सेक्टर 37 सी, डी, दिल्ली जयपुर हाईवे के बाई ओर बसी सोसाइटियों और फरीदाबाद की नई सोसाइटियों के लिए नए नियम तय कर लिए हैं। इसके पहले यह आदेश जारी हुआ था कि अब 33 केवीए सबस्टेशन बिजली निगम बनाकर देगा, बिल्डरों को नहीं बनाना होगा। अभी तक नए सेक्टरों में 33 केवीए सबस्टेशन बनाने की जिम्मेदारी बिल्डर की होती थी। बिल्डर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने से पहले बिजली निगम को बैंक गारंटी देते थे, जो इंफ्रास्ट्रक्चर बनने के बाद बिजली निगम बिल्डर को लौटा देता था। मगर बैंक गारंटी नहीं दिए जाने, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, बिल्डरों द्वारा 33 केवीए सबस्टेशन नहीं बनाए जाने और कम लोड के सहारे सोसाइटियों को चलाए जाने की समस्या को लेकर आए दिन सोसाइटियों के लोग परेशान रहते हैं। अब बिजली निगम द्वारा 33 केवीए सबस्टेशन बनाए जाने के फैसले के उपनियम और शर्तें बिजली निगम ने जारी कर दी हैं। इन उपनियमों के अनुसार बिजली निगम सोसाइटियों के लिए 33 केवीए स्वीचिंग स्टेशन बनाएगा। इससे सोसाइटियां अपनी बिजली ले सकेंगी। इन स्वीचिंग स्टेशन से एक या अधिक सोसाइटियां 33 केवीए की बिजली ले सकेंगी। सोसाइटियों को इसके लिए बिजली निगम को प्रति एमवीए लोड 31 लाख रुपये जमा करने होंगे और 400 वर्ग गज जमीन नि:शुल्क उपलब्ध करानी होगी। प्रति एमवीए लोड पर 31 लाख की राशि को एक्सटर्नल इलेक्टि्रकल सिस्टम डेवलपमेंट चार्जेज (ईईएसडीसी) का नाम दिया गया है। इस राशि का आधा हिस्सा बिल्डर को बिल्डिंग के इलेक्टि्रकल प्लान बन जाने के बाद और आधा हिस्सा आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी ) मिलने के पहले और पार्ट कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलने के पहले दिया जाएगा। मगर स्वीचिंग स्टेशन से साेसाइटी के भीतर की पूरी बिजली व्यवस्था बिल्डर को करनी होगी। बिजली निगम के इस निर्णय से बिल्डराें और खरीदारों दोनों को राहत मिलेगी। अबतक बिल्डरों को स्वयं या साझा 33 केवीए सबस्टेशन बनाने की अनिवार्यता थी, इसमें करीब 15 करोड़ रुपये का खर्च आ रहे था। बिल्डर इस कारण इससे आनाकानी करते रहे थे मगर अगर अब बिजली निगम प्रति एमवीए 31 लाख रुपये लेकर स्वीचिंग स्टेशन तैयार करेगा जिससे बिल्डर सोसाइटियों में बिजली ले सकेंगे।
आने वाले दिनों में व्यक्तिगत कनेक्शन भी
बिल्डर लाइसेंस सोसाइटियों में अबतक सिंगल प्वांइट कनेक्शन का प्रावधान है यानी बिजली निगम का कनेक्शन बिल्डर के पास आता है और वह फ्लैटों में अपने कनेक्शन देता है मगर आने वाले दिनों में बिजली निगम व्यक्तिगत मीटर उपलब्ध कराएगा मगर इसके लिए नई सोसाइटियों के तदनुरुप इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने होंगे। अबतक के सिंगल प्वाइंट सिस्टम में लोग बिल्डर पर गड़बड़ियों के आरोप लगाते रहे हैं।
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नए सेक्टरों में स्वीचिंग स्टेशन के माध्यम से 33 केवीए बिजली की सुविधा बिल्डर लाइसेंस सोसाइटियों को मिल सकेगी। सिंगल प्वाइंट कनेक्शन की जगह व्यक्तिगत मीटर की सुविधा होगी मगर पुरानी बनी सोसाइटियों में इस तरह इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं विकसित है कि अलग-अलग मीटर लोगों को मिल सके। नए विकसित सोसाइटियों में यह सुविधा रहेगी।- विनीता सिंह, मुख्य अभियंता डीएचबीवीएन
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