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ईद-उल-अजहा : बकरा मंडी में ग्राहक ज्यादा बकरे कम होने से कीमत में उछाल
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20 किलो के बकरे 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक में बिके
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। ईद-उल-अजहा (बकरीद) नजदीक आते ही स्थानीय पशु मंडियों में बकरों की खरीद-फरोख्त जोरों पर है, लेकिन इस बार बकरों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। बाजार में बकरों की संख्या कम और ग्राहकों की संख्या अधिक होने के कारण बकरों के दाम आसमान छूने लगे है। 20 किलोग्राम के बकरे 20,000 रुपये से शुरू होकर 100 किलो तक के बकरे एक लाख रुपये में बिक रहे है।
स्थानीय पशु मंडी में सुबह से ही लोगों की भीड़ देखने को मिली। खासकर कुरैशी समाज के लोग अपने-अपने परिवार के लिए कुर्बानी के बकरे की तलाश में मंडी पहुंचे, लेकिन कीमतें सुनकर अधिकांश लोग हैरान रह गए। व्यापारी नुरशा अखनाका ने बताया कि इस बार चारे की कीमतें और पशुओं की देखरेख की लागत बढ़ने के कारण बकरे महंगे हुए हैं। इसके अलावा दूरदराज से लाए गए नस्ल वाले तोतापुरी बकरों की कीमत तो एक लाख रुपये तक पहुंच गई।
ग्राहकों का कहना है कि हर साल कुर्बानी के लिए बकरा खरीदना होता है लेकिन इस बार महंगाई के चलते बकरा खरीदना आम आदमी के बजट से बाहर होता जा रहा है। एक ग्राहक खुर्शीद अहमद ने बताया कि वह 30-35 हजार रुपये में बकरा लेने आए थे, लेकिन मंडी में अच्छे बकरे की कीमत 50 हजार से नीचे नहीं मिल रही। हालांकि, कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन इसके बावजूद त्योहार की आस्था को निभाने के लिए लोग महंगे दामों पर भी बकरा खरीदने को मजबूर हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। ईद-उल-अजहा (बकरीद) नजदीक आते ही स्थानीय पशु मंडियों में बकरों की खरीद-फरोख्त जोरों पर है, लेकिन इस बार बकरों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। बाजार में बकरों की संख्या कम और ग्राहकों की संख्या अधिक होने के कारण बकरों के दाम आसमान छूने लगे है। 20 किलोग्राम के बकरे 20,000 रुपये से शुरू होकर 100 किलो तक के बकरे एक लाख रुपये में बिक रहे है।
स्थानीय पशु मंडी में सुबह से ही लोगों की भीड़ देखने को मिली। खासकर कुरैशी समाज के लोग अपने-अपने परिवार के लिए कुर्बानी के बकरे की तलाश में मंडी पहुंचे, लेकिन कीमतें सुनकर अधिकांश लोग हैरान रह गए। व्यापारी नुरशा अखनाका ने बताया कि इस बार चारे की कीमतें और पशुओं की देखरेख की लागत बढ़ने के कारण बकरे महंगे हुए हैं। इसके अलावा दूरदराज से लाए गए नस्ल वाले तोतापुरी बकरों की कीमत तो एक लाख रुपये तक पहुंच गई।
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ग्राहकों का कहना है कि हर साल कुर्बानी के लिए बकरा खरीदना होता है लेकिन इस बार महंगाई के चलते बकरा खरीदना आम आदमी के बजट से बाहर होता जा रहा है। एक ग्राहक खुर्शीद अहमद ने बताया कि वह 30-35 हजार रुपये में बकरा लेने आए थे, लेकिन मंडी में अच्छे बकरे की कीमत 50 हजार से नीचे नहीं मिल रही। हालांकि, कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन इसके बावजूद त्योहार की आस्था को निभाने के लिए लोग महंगे दामों पर भी बकरा खरीदने को मजबूर हैं।
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