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Gurugram News: स्प्रिंकलर सिस्टम लगाकर सोसाइटी में प्रदूषण घटाने और ठंडक बढ़ाने की कवायद
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सेक्टर-92 स्थित राइजिंग होम्स सोसाइटी में लगाया स्प्रिंकलर सिस्टम, प्रदूषण से हो सकेगा बचाव, पौधों की होगी सिंचाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-92 स्थित राइजिंग होम सोसाइटी के निवासियों ने सोमवार को सोसाइटी के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम इंस्टाल किया। इसकी सहायता से वे सोसाइटी में एसटीपी शोधित अतिरिक्त पानी को पौधों की सिंचाई और प्रदूषण से बचाव के लिए फुहारों का छिड़काव करेंगे। नया स्प्रिंकलर सिस्टम सोसाइटी के पीछे 24 मीटर रोड की दोनों ओर लगाया गया है। इसकी लंबाई 500 मीटर है जिसमें 80 स्प्रिंकलर लगे हुए हैं।
यह इस सोसाइटी का तीसरा स्प्रिंकलर सिस्टम है। सोसाइटी के आरडब्ल्यूूए अध्यक्ष प्रवीण मलिक ने बताया कि इस इलाके में सीवेज लाइन नहीं है। सोसाइटी के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के शोधित पानी की निकासी के लिए सरकारी व्यवस्था नहीं है। एसटीपी शोधित पानी को बाहर बहाने के बजाए इसका प्रयोग प्रदूषण नियंत्रणऔर गर्मी से राहत के लिए भी करते हैं। कुछ शोधित पानी का प्रयोग यहां बागवानी में सिंचाई के लिए किया जाता रहा है। इसके बाद ओवरहेड स्प्रिंकलर की मदद से पेड़ पौधाें पर फुहारे डाली जाती है। इससे पत्तों पर लगी धूल हट जाती है। पहले के दो स्प्रिंकलर सोसाइटी के भीतर लगे थे, जिसके प्रयोग से इस इलाके में एक्यूआई 100 से 150 अंक तक कम हो जाता रहा है। प्रचंड गर्मी में सोसाइटी के भीतर और आस-पास तापमान 4- 5 डिग्री तक कम हो जाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-92 स्थित राइजिंग होम सोसाइटी के निवासियों ने सोमवार को सोसाइटी के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम इंस्टाल किया। इसकी सहायता से वे सोसाइटी में एसटीपी शोधित अतिरिक्त पानी को पौधों की सिंचाई और प्रदूषण से बचाव के लिए फुहारों का छिड़काव करेंगे। नया स्प्रिंकलर सिस्टम सोसाइटी के पीछे 24 मीटर रोड की दोनों ओर लगाया गया है। इसकी लंबाई 500 मीटर है जिसमें 80 स्प्रिंकलर लगे हुए हैं।
यह इस सोसाइटी का तीसरा स्प्रिंकलर सिस्टम है। सोसाइटी के आरडब्ल्यूूए अध्यक्ष प्रवीण मलिक ने बताया कि इस इलाके में सीवेज लाइन नहीं है। सोसाइटी के एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के शोधित पानी की निकासी के लिए सरकारी व्यवस्था नहीं है। एसटीपी शोधित पानी को बाहर बहाने के बजाए इसका प्रयोग प्रदूषण नियंत्रणऔर गर्मी से राहत के लिए भी करते हैं। कुछ शोधित पानी का प्रयोग यहां बागवानी में सिंचाई के लिए किया जाता रहा है। इसके बाद ओवरहेड स्प्रिंकलर की मदद से पेड़ पौधाें पर फुहारे डाली जाती है। इससे पत्तों पर लगी धूल हट जाती है। पहले के दो स्प्रिंकलर सोसाइटी के भीतर लगे थे, जिसके प्रयोग से इस इलाके में एक्यूआई 100 से 150 अंक तक कम हो जाता रहा है। प्रचंड गर्मी में सोसाइटी के भीतर और आस-पास तापमान 4- 5 डिग्री तक कम हो जाता है।
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