फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   ED attaches Rs 300 crore worth land of M3M realty group in case involving Cong leader Bhupinder Hooda

Gurugram: ईडी ने एम3एम की 300 करोड़ की जमीन कुर्क की, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर दर्ज है एफआईआर

Fri, 19 Jul 2024 10:01 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 19 Jul 2024 10:01 PM IST
सार

ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, डीटीसीपी के तत्कालीन निदेशक टीसी गुप्ता, मेसर्स आरएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के अलावा 14 अन्य कॉलोनाइजर कंपनियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। 

विज्ञापन
ED attaches Rs 300 crore worth land of M3M realty group in case involving Cong leader Bhupinder Hooda
ED - फोटो : ANI

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुख्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत मेसर्स एम3एम इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 88.29 एकड़ में फैली 300.11 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को कुर्क कर लिया। कुर्क की गई संपत्तियां भूमि के टुकड़ों के रूप में हैं, जो गांव- बांस हरिया, गुरुग्राम में स्थित हैं। ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, डीटीसीपी के तत्कालीन निदेशक टीसी गुप्ता, मेसर्स आरएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के अलावा 14 अन्य कॉलोनाइजर कंपनियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। 

विज्ञापन


इस मामले में भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 (एलए अधिनियम) की धारा 4 और बाद में एलए अधिनियम की धारा 6 के तहत संबंधित भूमि मालिकों की जमीन के अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी करवाकर विभिन्न भूमि मालिकों को धोखा देने की बात शामिल है, जिसने जमीन मालिकों को एलए अधिनियम की धारा 4 के तहत अधिसूचना से पहले प्रचलित कीमत से कम कीमत पर अपनी जमीन कॉलोनाइजर कंपनियों को बेचने के लिए मजबूर किया था। इसके अलावा उन्होंने धोखाधड़ी से अधिसूचित जमीन पर आशय पत्र (एलओआई)/लाइसेंस प्राप्त किए, जिससे संबंधित भूमि मालिकों, आम जनता को नुकसान हुआ, जबकि उन्होंने गलत तरीके से खुद के लिए लाभ कमाया।
विज्ञापन


ईडी की जांच से पता चला है कि एम3एम समूह के प्रमोटर बसंत बंसल और रूप बंसल के स्वामित्व वाली लाभकारी कंपनी मेसर्स आरएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (आरएसआईपीएल) ने एफआईआर में शामिल व्यक्तियों के साथ मिली भगत की और बिना किसी कानूनी आधार के उनके मामले को "अत्यधिक कठिनाई का मामला" बताकर, अवैध रूप से कामर्शियल कॉलोनी स्थापित करने के लिए 10.35 एकड़ भूमि के लिए अनुमोदित लाइसेंस प्राप्त कर लिए। कामर्शियल कॉलोनी स्थापित करने के लिए लाइसेंस लेने के बाद, मेसर्स आरएसआईपीएल के प्रमोटरों ने कामर्शियल कॉलोनी विकसित नहीं की, जो लाइसेंस प्राप्त करने की पूर्व शर्त थी। बाद में, उन्होंने कंपनी के शेयर और संपत्ति, जिसमें लाइसेंस प्राप्त भूमि भी शामिल थी, को मेसर्स रेलिगेयर समूह की एक संबद्ध इकाई मेसर्स लो रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड को 726 करोड़ रुपये की भारी भरकम कीमत पर बेच दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अवैध रूप से लाइसेंस लेने की इस धोखाधड़ी के परिणामस्वरूप 300.15 करोड़ रुपये की आय अर्जित की। जिसे बाद में आरएसआईपीएल से मेसर्स आरएसआईपीएल के प्रमोटरों के बैंक खातों में और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। बाद में मेसर्स एम3एम समूह की कंपनियों के परिचालन और व्यावसायिक खर्चों के लिए उपयोग किया गया। आगे की जांच जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed