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Gurugram News: आर्थिक अपराध शाखा ने बिल्डर को किया गिरफ्तार
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पूर्व में दर्ज एक एफआईआर में कार्रवाई करते हुए अंसल बिल्डर कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार कर किया है। यह मामला खेड़की दौला थाने में तत्कालीन डीटीपी आरएस बाठ द्वारा दर्ज कराया गया था। थाना पुलिस ने बाद में इस मामले को आर्थिक अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दिया था। तब से आर्थिक अपराध शाखा ही मामले की जांच कर रही थी।
मंगलवार को अंसल के निदेशक कुशाग्र अंसल को आर्थिक अपराध शाखा ने पूछताछ के लिए बुलाया था। दूर शाम पूछताछ के दौरान ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरी ओर बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि मंगलवार को निदेशक मीटिंग के लिए बुलाए गए थे। इस मीटिंग की तारीख काफी पहले से ही तय थी। उनका कहना है कि अंसल हाउसिंग सभी खरीदारों के हित में काम कर रही है।
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यह है मामला: वर्ष 2010 में अंसल हाउसिंग लिमिटेड ने शापिंग माल अंसल हब प्रोजेक्ट को लांच किया था। वर्ष 2014 में ही कब्जा देना था लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। अंसल हब के लिए बिल्डर को लाइसेंस 2009 में मिला। बिल्डर ने प्रोजेक्ट लांच कर 2011 से पैसे लेने शुरू कर दिए। 2013 में लाइसेंस की वैद्यता खत्म हो गई। बिल्डर पर आरोप है कि उसने हरेरा में रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया। आवंटियों को इसका पता तक नहीं चला और बिल्डर आवंटियों से पैसा वसूलता रहा। इस पर गुुरुग्राम के तत्कालीन डीटीपी आरएस बाठ ने आरोपियों के खिलाफ खेड़कीदौला थाने में तहरीर दी थी। वर्तमान में भी इस प्रोजेक्ट का काम काफी बचा हुआ है। पता चला है कि आवंटियों से 200 करोड़ से अधिक जमा कराए जा चुके हैं। 250 से अधिक आवंटियों ने प्रोजेक्ट में निवेश कर रखा है। इनमें से कुछ तो ऐसे हैं, जिन्होंने रिटायरमेंट के बाद मिली अपनी जीवन भर की कमाई को इस प्राेजेक्ट में लगाया था।
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गुरुग्राम। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पूर्व में दर्ज एक एफआईआर में कार्रवाई करते हुए अंसल बिल्डर कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार कर किया है। यह मामला खेड़की दौला थाने में तत्कालीन डीटीपी आरएस बाठ द्वारा दर्ज कराया गया था। थाना पुलिस ने बाद में इस मामले को आर्थिक अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दिया था। तब से आर्थिक अपराध शाखा ही मामले की जांच कर रही थी।
मंगलवार को अंसल के निदेशक कुशाग्र अंसल को आर्थिक अपराध शाखा ने पूछताछ के लिए बुलाया था। दूर शाम पूछताछ के दौरान ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरी ओर बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि मंगलवार को निदेशक मीटिंग के लिए बुलाए गए थे। इस मीटिंग की तारीख काफी पहले से ही तय थी। उनका कहना है कि अंसल हाउसिंग सभी खरीदारों के हित में काम कर रही है।
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यह है मामला: वर्ष 2010 में अंसल हाउसिंग लिमिटेड ने शापिंग माल अंसल हब प्रोजेक्ट को लांच किया था। वर्ष 2014 में ही कब्जा देना था लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। अंसल हब के लिए बिल्डर को लाइसेंस 2009 में मिला। बिल्डर ने प्रोजेक्ट लांच कर 2011 से पैसे लेने शुरू कर दिए। 2013 में लाइसेंस की वैद्यता खत्म हो गई। बिल्डर पर आरोप है कि उसने हरेरा में रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया। आवंटियों को इसका पता तक नहीं चला और बिल्डर आवंटियों से पैसा वसूलता रहा। इस पर गुुरुग्राम के तत्कालीन डीटीपी आरएस बाठ ने आरोपियों के खिलाफ खेड़कीदौला थाने में तहरीर दी थी। वर्तमान में भी इस प्रोजेक्ट का काम काफी बचा हुआ है। पता चला है कि आवंटियों से 200 करोड़ से अधिक जमा कराए जा चुके हैं। 250 से अधिक आवंटियों ने प्रोजेक्ट में निवेश कर रखा है। इनमें से कुछ तो ऐसे हैं, जिन्होंने रिटायरमेंट के बाद मिली अपनी जीवन भर की कमाई को इस प्राेजेक्ट में लगाया था।
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