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Gurugram News: मौसम की मार, औने-पौने दामों पर बिक रहा बाजरा
Fri, 12 Sep 2025 11:00 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Fri, 12 Sep 2025 11:00 PM IST
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तावड़ू अनाज मंडी में फसल बेचने पहुंचे किसान।
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। मौसम की मार किसानों पर भारी पड़ रही है। खेतों से निकली बाजरे की फसल को किसान मजबूरी में औने-पौने दामों पर बेचने को विवश हैं।
स्थानीय किसानों बीरपाल, राजपाल, अमन सिंह, आस मोहम्मद, यूनुस नंबरदार, धर्मवीर और भूप सिंह ने बताया कि फसल को खेतों में खुला छोड़ना संभव नहीं है। घरों में भरने से भी खराब होने का खतरा है। इसी मजबूरी में किसान 1900 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर ही बाजरा बेच रहे हैं।
सरकार ने इस बार बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। किसानों को बाजरे की बिक्री पर 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार से फसल की गुणवत्ता इतनी खराब हो चुकी है कि सरकारी खरीद मानकों पर खरी उतरना मुश्किल है। शुक्रवार शाम चार बजे तक तावड़ू की नई अनाज मंडी में साढ़े पांच हजार क्विंटल से अधिक बाजरे की आवक दर्ज की गई। इस बीच मार्केट कमेटी तावड़ू के सचिव मनीष कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसलों को अच्छी तरह साफ व सुखाकर ही मंडी में लाएं। जल्दबाजी न करें और सरकारी खरीद का इंतजार करें। उनका कहना है कि सितंबर के आखिरी सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह से सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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तावड़ू। मौसम की मार किसानों पर भारी पड़ रही है। खेतों से निकली बाजरे की फसल को किसान मजबूरी में औने-पौने दामों पर बेचने को विवश हैं।
स्थानीय किसानों बीरपाल, राजपाल, अमन सिंह, आस मोहम्मद, यूनुस नंबरदार, धर्मवीर और भूप सिंह ने बताया कि फसल को खेतों में खुला छोड़ना संभव नहीं है। घरों में भरने से भी खराब होने का खतरा है। इसी मजबूरी में किसान 1900 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर ही बाजरा बेच रहे हैं।
सरकार ने इस बार बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। किसानों को बाजरे की बिक्री पर 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार से फसल की गुणवत्ता इतनी खराब हो चुकी है कि सरकारी खरीद मानकों पर खरी उतरना मुश्किल है। शुक्रवार शाम चार बजे तक तावड़ू की नई अनाज मंडी में साढ़े पांच हजार क्विंटल से अधिक बाजरे की आवक दर्ज की गई। इस बीच मार्केट कमेटी तावड़ू के सचिव मनीष कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसलों को अच्छी तरह साफ व सुखाकर ही मंडी में लाएं। जल्दबाजी न करें और सरकारी खरीद का इंतजार करें। उनका कहना है कि सितंबर के आखिरी सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह से सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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