{"_id":"64330717d88856f3260f9f44","slug":"drinking-water-shortage-started-as-soon-as-the-summer-started-gurgaon-news-c-1-1-418275-2023-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: गर्मी शुरू होते ही होने लगी पेयजल किल्लत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: गर्मी शुरू होते ही होने लगी पेयजल किल्लत
विज्ञापन
टैंकरों से पानी मंगाकर प्यास बुझा रहे लोग नए बोरवेल लगाने की मांग संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जीएमडीए और नगर निगम की योजनाओं में पेयजल की लाइन में 24 घंटे निर्बाध पानी की आपूर्ति की बात है। जीएमडीए और नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि शहर के लिए नहरी पानी पर्याप्त है मगर बहुत सारे सेक्टरों और बिल्डर लाइसेंस कॉलोनियों ने पुराने बोरवेल चालू करने नए बोरवेल लगाने की मांग नगर निगम से रखी है। उन जगहों पर जहां जीएमडीए की पाइप लाइन ही नहीं गई और हजारों की संख्या में परिवार टैंकरों से पानी खरीद कर पीने को विवश है, वे थक हार कर बोरवेल लगाएंगे। पेयजल एक आवश्यक आवश्यकता है, कोई लंबे समय तक इसके लिए इंतजार नहीं कर सकता। रोजाना लाखों रुपये टैंकरों में खर्च करना मुश्किल है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नगर निगम और जीएमडीए पर्याप्त पानी की आपूर्ति के मामले में ऐसे ही लापरवाह रहा तो गुरुग्राम का भूजल स्तर और नीचे जाएगा मजबूरी में लोग बगैर इजाजत बोरवेल करेंगे। इसके भूजल स्तर को ऊपर लाने के लिए बोरवेल को बंद किए जाने की योजना विफल होगी और गुरुग्राम का भूजल स्तर और नीचे जाएगा।
शहर के बहुत सारे हिस्से में पानी की किल्लत है। इसमें सुशांत लोक टू-थ्री, सेक्टर 57, सेक्टर 56, सेक्टर 38, सेक्टर 45 आदि शामिल है। सेक्टर 77 से 79 के बीच तो जीएमडीए के नहरी पानी की लाइन ही नहीं बिछाई गई। हजारों परिवार कई सालों से टैंकर से मंगाकर पानी पीते रहे हैं और बोरवेल की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
नहर के पानी के संदर्भ में शहर के 2 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से गुरुग्राम को 540 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) पानी की आपूर्ति हो रही है मगर यह सभी इलाकों में बराबर नहीं पहुंचती। अधिसंख्य सोसाइटियों और शहर के अंतिम हिस्सों के सेक्टरों में बोरवेल से पानी निकालकर जरूरत पूरी की जाती है।
सेक्टर-56 में मोटर खराब होने से परेशानी
सेक्टर-56 में पानी की आपूर्ति के लिए बने यूजी और ओवरहेड टैंक में लगे मोटर खराब होने के कारण सेक्टर में पानी का संकट खड़ा हो गया है। यहां 600 प्लॉटेड घर हैं। इसके अलावा करीब 40 छोटी बड़ी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियां भी हैं। सेक्टर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष हरीश यादव ने बताया कि टैंक के पास दो मोटर है दोनों खराब हो गई हैं। टैंक में पानी एकत्र कर लोगों के घरों में पानी की आपूर्ति होती है। यहां सेक्टर-51 के बूस्टिंग स्टेशन से पानी की आपूर्ति होती है। इन दिनों जब बूस्टिंग स्टेशन से सीधी आपूर्ति होती है तो पानी आता है मगर सेक्टर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच रहा है। पानी का प्रेशर काफी कम है। कई लोग अपने घरों में मोटर लगाकर पानी भरने लग रहे हैं। ऐसे में बहुत सारे घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लोग टैंकर मंगाने को विवश है।
2 करोड़ खर्च बनाया यूजी टैंक कनेक्शन नहीं पानी की किल्लत
सेक्टर 45 में 2 करोड़ रुपये के खर्च के बाद अंडरग्राउंड टैंक बनाया गया ताकि सेक्टर में जलापूर्ति एकरूप और बेहतर बनाई जा सके। वर्ष 2019 में बनना शुरू हुआ। यह बनकर तैयार है मगर पिछले 18 महीने से लोग इसके सेक्टर की पाइप लान से जोड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं। अब पाइप लाइन से जोड़ने के लिए टेंडर होने हैं, लोग इसके इंतजार में हैं। इसी सेक्टर का हिस्सा ग्रीनवुड सिटी का ए,बी और सी ब्लॉक है, जहां पानी समस्या के कारण लोग हर दूसर- तीसरे दिन टैंकर मंगाते रहे हैं। सेक्टर 45 के आरडब्ल्यूए महासचिव पुनीत पाहवा ने बताया कि 18 मार्च 2021 को यह टैंक बनकर तैयार हो गया था मगर हम लोग तब से पानी की आपूर्ति दुरुस्त होने का इंतजार कर रहे हैं।
15-20 दिन और इंतजार कीजिए प्रक्रिया चल रही है..
ग्रीनवुड सिटी की आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विनीता खोंसला बताती है कि हम इस साल नगर निगम में शामिल हुए तो लगा कि पानी की समस्या दूर हो जाएगी मगर नहरी पानी नहीं बहुत मिल रहा था। हमने बोरवेल लगाने के लिए की अनुमति मांगी। मगर अब भी निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि 15-20 दिन इंतजार कीजिए अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। पानी की किल्लत से हमारा बुरा हाल है।
-- -- -- -
नगर निगम के अधूरे बूस्टिंग स्टेशन -
सूर्या विहार बूस्टिंग स्टेशन- क्षमता करीब 34 लाख लीटर
भीम नगर और सुभाष नगर बूस्टिंग स्टेशन - क्षमता 88 लाख लीटर
चकरपुर बूस्टिंग स्टेशन - 16 लाख लीटर
डीएलएफ यू ब्लॉक - 18 लाख लीटर
इसके अलावा जल विहार, जोहड़ वाला स्कूल सेक्टर 45 के बूस्टिंग स्टेशन, यूजी टैंक हैं जिन्हें पूरा कर जलापूर्ति के लिए प्रयोग में लाया जाना है।
विज्ञापन
गुरुग्राम। जीएमडीए और नगर निगम की योजनाओं में पेयजल की लाइन में 24 घंटे निर्बाध पानी की आपूर्ति की बात है। जीएमडीए और नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि शहर के लिए नहरी पानी पर्याप्त है मगर बहुत सारे सेक्टरों और बिल्डर लाइसेंस कॉलोनियों ने पुराने बोरवेल चालू करने नए बोरवेल लगाने की मांग नगर निगम से रखी है। उन जगहों पर जहां जीएमडीए की पाइप लाइन ही नहीं गई और हजारों की संख्या में परिवार टैंकरों से पानी खरीद कर पीने को विवश है, वे थक हार कर बोरवेल लगाएंगे। पेयजल एक आवश्यक आवश्यकता है, कोई लंबे समय तक इसके लिए इंतजार नहीं कर सकता। रोजाना लाखों रुपये टैंकरों में खर्च करना मुश्किल है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नगर निगम और जीएमडीए पर्याप्त पानी की आपूर्ति के मामले में ऐसे ही लापरवाह रहा तो गुरुग्राम का भूजल स्तर और नीचे जाएगा मजबूरी में लोग बगैर इजाजत बोरवेल करेंगे। इसके भूजल स्तर को ऊपर लाने के लिए बोरवेल को बंद किए जाने की योजना विफल होगी और गुरुग्राम का भूजल स्तर और नीचे जाएगा।
विज्ञापन
शहर के बहुत सारे हिस्से में पानी की किल्लत है। इसमें सुशांत लोक टू-थ्री, सेक्टर 57, सेक्टर 56, सेक्टर 38, सेक्टर 45 आदि शामिल है। सेक्टर 77 से 79 के बीच तो जीएमडीए के नहरी पानी की लाइन ही नहीं बिछाई गई। हजारों परिवार कई सालों से टैंकर से मंगाकर पानी पीते रहे हैं और बोरवेल की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
नहर के पानी के संदर्भ में शहर के 2 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से गुरुग्राम को 540 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) पानी की आपूर्ति हो रही है मगर यह सभी इलाकों में बराबर नहीं पहुंचती। अधिसंख्य सोसाइटियों और शहर के अंतिम हिस्सों के सेक्टरों में बोरवेल से पानी निकालकर जरूरत पूरी की जाती है।
सेक्टर-56 में मोटर खराब होने से परेशानी
सेक्टर-56 में पानी की आपूर्ति के लिए बने यूजी और ओवरहेड टैंक में लगे मोटर खराब होने के कारण सेक्टर में पानी का संकट खड़ा हो गया है। यहां 600 प्लॉटेड घर हैं। इसके अलावा करीब 40 छोटी बड़ी ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियां भी हैं। सेक्टर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष हरीश यादव ने बताया कि टैंक के पास दो मोटर है दोनों खराब हो गई हैं। टैंक में पानी एकत्र कर लोगों के घरों में पानी की आपूर्ति होती है। यहां सेक्टर-51 के बूस्टिंग स्टेशन से पानी की आपूर्ति होती है। इन दिनों जब बूस्टिंग स्टेशन से सीधी आपूर्ति होती है तो पानी आता है मगर सेक्टर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच रहा है। पानी का प्रेशर काफी कम है। कई लोग अपने घरों में मोटर लगाकर पानी भरने लग रहे हैं। ऐसे में बहुत सारे घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लोग टैंकर मंगाने को विवश है।
2 करोड़ खर्च बनाया यूजी टैंक कनेक्शन नहीं पानी की किल्लत
सेक्टर 45 में 2 करोड़ रुपये के खर्च के बाद अंडरग्राउंड टैंक बनाया गया ताकि सेक्टर में जलापूर्ति एकरूप और बेहतर बनाई जा सके। वर्ष 2019 में बनना शुरू हुआ। यह बनकर तैयार है मगर पिछले 18 महीने से लोग इसके सेक्टर की पाइप लान से जोड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं। अब पाइप लाइन से जोड़ने के लिए टेंडर होने हैं, लोग इसके इंतजार में हैं। इसी सेक्टर का हिस्सा ग्रीनवुड सिटी का ए,बी और सी ब्लॉक है, जहां पानी समस्या के कारण लोग हर दूसर- तीसरे दिन टैंकर मंगाते रहे हैं। सेक्टर 45 के आरडब्ल्यूए महासचिव पुनीत पाहवा ने बताया कि 18 मार्च 2021 को यह टैंक बनकर तैयार हो गया था मगर हम लोग तब से पानी की आपूर्ति दुरुस्त होने का इंतजार कर रहे हैं।
15-20 दिन और इंतजार कीजिए प्रक्रिया चल रही है..
ग्रीनवुड सिटी की आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विनीता खोंसला बताती है कि हम इस साल नगर निगम में शामिल हुए तो लगा कि पानी की समस्या दूर हो जाएगी मगर नहरी पानी नहीं बहुत मिल रहा था। हमने बोरवेल लगाने के लिए की अनुमति मांगी। मगर अब भी निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि 15-20 दिन इंतजार कीजिए अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। पानी की किल्लत से हमारा बुरा हाल है।
नगर निगम के अधूरे बूस्टिंग स्टेशन -
सूर्या विहार बूस्टिंग स्टेशन- क्षमता करीब 34 लाख लीटर
भीम नगर और सुभाष नगर बूस्टिंग स्टेशन - क्षमता 88 लाख लीटर
चकरपुर बूस्टिंग स्टेशन - 16 लाख लीटर
डीएलएफ यू ब्लॉक - 18 लाख लीटर
इसके अलावा जल विहार, जोहड़ वाला स्कूल सेक्टर 45 के बूस्टिंग स्टेशन, यूजी टैंक हैं जिन्हें पूरा कर जलापूर्ति के लिए प्रयोग में लाया जाना है।