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Gurugram News: जिले में कारोबार होगा और आसान

Thu, 03 Sep 2026 06:02 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 06:02 PM IST
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Doing business in the district will become easier.
एमएसएमई को मिली नई रफ्तार, नई इकाइयों के लिए कागजी प्रक्रिया भी हुई आसान
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नंबर गेम - 15 कार्यदिवस में पात्र उद्यमों को सैद्धांतिक मंजूरी


संवाद न्यूज एजेंसी


गुरुग्राम। जिले के औद्योगिक क्षेत्र में कारोबार शुरू करने और मौजूदा इकाइयों के विस्तार की प्रक्रिया अब आसान होने की उम्मीद है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान हरियाणा राइट टू बिजनेस बिल, 2026 का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे बुधवार को मंजूरी मिल गई। इसमें विनिर्माण एमएसएमई के लिए मंजूरी प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने का प्रावधान किया गया था। इसके तहत जिले के पात्र उद्यमों को 15 कार्यदिवसों के भीतर सैद्धांतिक मंजूरी मिलेगी। तय समय में निर्णय नहीं होने पर डीम्ड अप्रूवल दिया जाएगा।



इसका सीधा असर जिले के उद्योग विहार, मानेसर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले छोटे और मध्यम विनिर्माण उद्यमों पर पड़ेगा। किसी नई फैक्टरी को शुरू करने या मौजूदा इकाई का विस्तार करने में जमीन, निर्माण, बिजली, पर्यावरण समेत विभिन्न विभागों की मंजूरियों की प्रक्रिया में समय लगता है लेकिन अब उद्यमी स्व-घोषणा के आधार पर सैद्धांतिक मंजूरी लेकर कारोबार शुरू करने कर सकेंगे। राज्य का मौजूदा सिंगल-विंडो सिस्टम भी विभिन्न नियामकीय मंजूरियों के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराता है।
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उद्यमियों को निर्धारित अवधि में नियमित मंजूरियां हासिल करनी होंगी
अब कारोबार शुरू करने के लिए सरकारी विभागों की मंजूरियों में लगने वाले समय और कागजी प्रक्रिया का समय कम हो जाएगा। पात्र एमएसएमई को पहले इन-प्रिंसिपल अप्रूवल यानी सैद्धांतिक मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद उद्यमी को जरूरी नियमित मंजूरियां हासिल करने के लिए 36 माह का समय मिलेगा। इस अवधि में पात्र इकाइयों को नियमित निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण देने का प्रस्ताव है। हालांकि, यह छूट वैधानिक और अनिवार्य मंजूरियों की जरूरत को खत्म नहीं करती। उद्यमियों को निर्धारित अवधि में नियमित मंजूरियां हासिल करनी होंगी।
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जिले में ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य विनिर्माण गतिविधियों से जुड़े एमएसएमई बड़ी औद्योगिक इकाइयों की सप्लाई चेन का हिस्सा हैं। इसलिए नई इकाइयों और विस्तार करने वाली कंपनियों के लिए मंजूरी प्रक्रिया तेज होने से स्थानीय सप्लायर नेटवर्क, निवेश और रोजगार को भी गति मिलने की संभावना है। -राव नरबीर, उद्योग मंत्री
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