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डॉक्टरों ने की 2 घंटे हड़ताल, मरीज रहे परेशान
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सेक्टर-10 स्थित जिला नागरिक अस्पताल में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन करते चिकित्सक।
- फोटो : Gurgaon
गुरुग्राम। पिछले काफी समय से लंबित विभिन्न मांगों के संबंध में डॉक्टरों ने शुक्रवार को सुबह 2 घंटे की हड़ताल की। इस कारण मरीजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। सुबह 9 से 11 बजे तक डॉक्टरों की हड़ताल रही। इस दौरान सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही सुचारू रहीं, जबकि इसके अलावा सभी ओपीडी सेवाएं बंद रहीं।
जब सुबह 11 बजे के बाद ओपीडी शुरू हुई, तब तक लगभग सभी ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतार लग चुकी थी। दोपहर बाद तो कई मरीजों को खाली हाथ भी लौटना पड़ा। हड़ताल करने वाले डॉक्टरों में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह, सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष राठी, डॉ. प्रदीप समेत लगभग सभी डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे।
सरकार से मिलता है सिर्फ आश्वासन
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएसए) की अगुवाई में प्रदर्शनरत डॉक्टरों ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही मांगें नहीं मानी गईं तो और बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। मालूम हो कि पिछले मंगलवार से ही अपनी मांगों को लेकर डॉक्टर विरोधस्वरूप हाथ में काली पट्टी बांधकर मरीजों का इलाज कर रहे थे। एसोसिएशन के डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि हमारी मांगों को लेकर पूर्व में आश्वासन दिया गया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।
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ये है प्रमुख मांगें
डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि 116 विशेषज्ञ डॉक्टरों को एसएमओ भर्ती का इंतजार है तो बड़ी संख्या में डॉक्टर पिछले काफी समय से प्रमोशन का रास्ता देख रहे हैं। करीब 300 से ज्यादा डॉक्टर हैं, जिनकी प्रोन्नति को लंबित रखा गया है। इनमें 15-20 साल का अनुभव रखने वाले डॉक्टर भी शामिल हैं। एचसीएमएसए विशेषज्ञ डाक्टरों के लिए स्पेशल कैडर बनाने पीजी पॉलिसी में कार्यरत डाक्टरों को 40 फीसदी आरक्षण दिए जाने की प्रमुख मांगें भी शामिल हैं।
मरीजों से बातचीत
बेटे को पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा है, जिसके इलाज के लिए हम सुबह 8 बजे ही आ गए थे। ओपीडी पर्ची भी बन गई, लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल के कारण समस्या हुई।
- माला देवी, मरीज की मां
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सिर और पेट में दर्द की समस्या है। इलाज के लिए चौमा गांव से आया हूं। सुबह 9 बजे ही आ गया था, लेकिन डॉक्टर हड़ताल पर हैं। पता नहीं कब इलाज मिलेगा।
- महेश रंजन, मरीज
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जब सुबह 11 बजे के बाद ओपीडी शुरू हुई, तब तक लगभग सभी ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतार लग चुकी थी। दोपहर बाद तो कई मरीजों को खाली हाथ भी लौटना पड़ा। हड़ताल करने वाले डॉक्टरों में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह, सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष राठी, डॉ. प्रदीप समेत लगभग सभी डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे।
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सरकार से मिलता है सिर्फ आश्वासन
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएसए) की अगुवाई में प्रदर्शनरत डॉक्टरों ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही मांगें नहीं मानी गईं तो और बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार होगी। मालूम हो कि पिछले मंगलवार से ही अपनी मांगों को लेकर डॉक्टर विरोधस्वरूप हाथ में काली पट्टी बांधकर मरीजों का इलाज कर रहे थे। एसोसिएशन के डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि हमारी मांगों को लेकर पूर्व में आश्वासन दिया गया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।
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ये है प्रमुख मांगें
डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि 116 विशेषज्ञ डॉक्टरों को एसएमओ भर्ती का इंतजार है तो बड़ी संख्या में डॉक्टर पिछले काफी समय से प्रमोशन का रास्ता देख रहे हैं। करीब 300 से ज्यादा डॉक्टर हैं, जिनकी प्रोन्नति को लंबित रखा गया है। इनमें 15-20 साल का अनुभव रखने वाले डॉक्टर भी शामिल हैं। एचसीएमएसए विशेषज्ञ डाक्टरों के लिए स्पेशल कैडर बनाने पीजी पॉलिसी में कार्यरत डाक्टरों को 40 फीसदी आरक्षण दिए जाने की प्रमुख मांगें भी शामिल हैं।
मरीजों से बातचीत
बेटे को पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा है, जिसके इलाज के लिए हम सुबह 8 बजे ही आ गए थे। ओपीडी पर्ची भी बन गई, लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल के कारण समस्या हुई।
- माला देवी, मरीज की मां
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सिर और पेट में दर्द की समस्या है। इलाज के लिए चौमा गांव से आया हूं। सुबह 9 बजे ही आ गया था, लेकिन डॉक्टर हड़ताल पर हैं। पता नहीं कब इलाज मिलेगा।
- महेश रंजन, मरीज