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Gurugram News: सरकारी स्कूलों के जर्जर भवन जल्द होंगे ध्वस्त
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुराने और असुरक्षित भवनों को तोड़ने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने जर्जर और असुरक्षित भवनों को ध्वस्त करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने ऐसे भवनों की पहचान कर उन्हें जल्द तोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है।
विभाग के अनुसार, जिन स्कूलों की इमारतें काफी पुरानी हो चुकी हैं या तकनीकी जांच में असुरक्षित पाई गई हैं, उन्हें गिराया जाएगा। इसके बाद उन्हीं स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से लैस नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। जर्जर भवनों को हटाने के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की है। नए भवन बनने तक संबंधित स्कूलों की कक्षाएं नजदीकी सरकारी स्कूलों, अतिरिक्त कमरों या अन्य स्थानों पर संचालित की जाएंगी। जिला शिक्षा अधिकारियों के अनुसार जिले में भी ऐसे स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है, जिनकी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है या जिनकी मरम्मत संभव नहीं है। इन बिल्डिंग को सुरक्षा मानकों के अनुसार हटाकर आधुनिक डिजाइन वाले नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे। विभाग का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी बच्चे को खस्ताहाल बिल्डिंग में पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी।
जिन स्कूलों के भवन तोड़े जाएंगे, उनमें जीपीएस खलीलपुर, जीपीएस रेहनवा, जीएमपीएस सोहना, जीपीएस कालीवास, जीपीएस अर्जुन नगर और जीपीएस धिनोकरी (पटौदी) शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार जर्जर भवनों को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने जर्जर और असुरक्षित भवनों को ध्वस्त करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने ऐसे भवनों की पहचान कर उन्हें जल्द तोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है।
विभाग के अनुसार, जिन स्कूलों की इमारतें काफी पुरानी हो चुकी हैं या तकनीकी जांच में असुरक्षित पाई गई हैं, उन्हें गिराया जाएगा। इसके बाद उन्हीं स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से लैस नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। जर्जर भवनों को हटाने के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार की है। नए भवन बनने तक संबंधित स्कूलों की कक्षाएं नजदीकी सरकारी स्कूलों, अतिरिक्त कमरों या अन्य स्थानों पर संचालित की जाएंगी। जिला शिक्षा अधिकारियों के अनुसार जिले में भी ऐसे स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है, जिनकी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है या जिनकी मरम्मत संभव नहीं है। इन बिल्डिंग को सुरक्षा मानकों के अनुसार हटाकर आधुनिक डिजाइन वाले नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे। विभाग का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी बच्चे को खस्ताहाल बिल्डिंग में पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी।
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जिन स्कूलों के भवन तोड़े जाएंगे, उनमें जीपीएस खलीलपुर, जीपीएस रेहनवा, जीएमपीएस सोहना, जीपीएस कालीवास, जीपीएस अर्जुन नगर और जीपीएस धिनोकरी (पटौदी) शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार जर्जर भवनों को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
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