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शहर में डीजल जनरेटर प्रतिबंधित, मशीनों से सफाई कराने के निर्देश
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गुरुग्राम। शहर का वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए रविवार को इनवायरमेंट पॉल्यूशन कंट्रोल अथॉरिटी (ईपीसीए) ने एक्शन प्लान जारी कर दिया है। इसमें तत्काल प्रभाव से डीजल जनरेटर (डीजी) को प्रतिबंधित किया गया है। अब इसका इस्तेमाल केवल आपात सेवाओं जैसे अस्पताल, नर्सिंग होम तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं, लिफ्ट, ऐस्केलेटर, रेलवे स्टेशन, मेट्रो रेल और मेट्रो स्टेशन व अंतरराज्यीय बस टर्मिनल पर किया जा सकता है। इसके साथ ही बिजली विभाग को शहर में पर्याप्त बिजली आपूर्ति देने के निर्देश भी ईपीसीए की ओर से दिए गए हैं।
सड़कों की सफाई से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए सफाई मशीनों से कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। शहर के उद्योगों को लाल और नारंगी श्रेणी में बांटकर उन्हें शपथ पत्र देने को कहा गया है। उद्योगों को उचित ईंधन इस्तेमाल करना होगा। उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने सभी विभागों को ईपीसीए का सरकुलर जारी कर दिया है। एक्शन प्लान में शहर की बड़ी परियोजनाओं जैसे हाईवे और मेट्रो के निर्माण को लेकर सख्त हिदायत दी गई है। इस हिदायत में कहा गया है कि दोनों एजेंसियां राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 15 दिनों के अंदर यह अंडरटेकिंग दें कि वे धूल प्रबंधन संबंधी निर्धारित मानक तथा गाइडलाइंस का पालन करेंगे।
रात में होगी गश्त, निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
जिले में चिन्हित प्रदूषण हॉट-स्पॉट के लिए बनाई गई कार्ययोजना के पालन के लिए संबंधित अधिकारियों को रात में भी गश्त लगाने को टीमें गठित करनी होंगी। उपायुक्त ने कहा है कि ईपीसीए ने अपने फील्ड में विजिट के दौरान जो कमियां पाई हैं, उनको प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए और उस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा ईपीसीए को रिपोर्ट भेजी जाए। अवैध ईंधन का प्रयोग करने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने डस्ट अथवा धूल के नियंत्रण के लिए सभी प्रकार की तकनीकों का प्रयोग करने के आदेश भी दिए हैं। सड़क किनारे धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव तथा अन्य उपाय किए जाने के निर्देश भी दिए गए। निगरानी के लिए प्रत्येक विभाग को नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा। इन अधिकारियों के नाम, मोबाइल नंबर तथा ईमेल आईडी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को देने होंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को ओवरआल नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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प्रशासन ने त्योहारी सीजन में प्रदूषण की भयावह स्थिति को देखते हुए पहले ही सभी विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी थी। सभी विभाग अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। इनमें नगर निगम, जीएमडीए, एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, पुलिस, आरटीए, अतिरिक्त उपायुक्त, रोडवेज, कृषि विभाग शिक्षा विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, विकास एवं पंचायत विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दायित्व दिए गए हैं। इन सभी विभागों से कहा गया है कि वे प्रतिदिन सांय 4 बजे तक निर्देशों की पालना तथा एक्शन प्लान पर की गई कार्यवाही के संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को रिपोर्ट भेजें।
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सड़कों की सफाई से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए सफाई मशीनों से कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। शहर के उद्योगों को लाल और नारंगी श्रेणी में बांटकर उन्हें शपथ पत्र देने को कहा गया है। उद्योगों को उचित ईंधन इस्तेमाल करना होगा। उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने सभी विभागों को ईपीसीए का सरकुलर जारी कर दिया है। एक्शन प्लान में शहर की बड़ी परियोजनाओं जैसे हाईवे और मेट्रो के निर्माण को लेकर सख्त हिदायत दी गई है। इस हिदायत में कहा गया है कि दोनों एजेंसियां राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 15 दिनों के अंदर यह अंडरटेकिंग दें कि वे धूल प्रबंधन संबंधी निर्धारित मानक तथा गाइडलाइंस का पालन करेंगे।
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रात में होगी गश्त, निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
जिले में चिन्हित प्रदूषण हॉट-स्पॉट के लिए बनाई गई कार्ययोजना के पालन के लिए संबंधित अधिकारियों को रात में भी गश्त लगाने को टीमें गठित करनी होंगी। उपायुक्त ने कहा है कि ईपीसीए ने अपने फील्ड में विजिट के दौरान जो कमियां पाई हैं, उनको प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए और उस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा ईपीसीए को रिपोर्ट भेजी जाए। अवैध ईंधन का प्रयोग करने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने डस्ट अथवा धूल के नियंत्रण के लिए सभी प्रकार की तकनीकों का प्रयोग करने के आदेश भी दिए हैं। सड़क किनारे धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव तथा अन्य उपाय किए जाने के निर्देश भी दिए गए। निगरानी के लिए प्रत्येक विभाग को नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा। इन अधिकारियों के नाम, मोबाइल नंबर तथा ईमेल आईडी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को देने होंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को ओवरआल नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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प्रशासन ने त्योहारी सीजन में प्रदूषण की भयावह स्थिति को देखते हुए पहले ही सभी विभागों की जिम्मेदारी तय कर दी थी। सभी विभाग अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। इनमें नगर निगम, जीएमडीए, एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, पुलिस, आरटीए, अतिरिक्त उपायुक्त, रोडवेज, कृषि विभाग शिक्षा विभाग, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, विकास एवं पंचायत विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दायित्व दिए गए हैं। इन सभी विभागों से कहा गया है कि वे प्रतिदिन सांय 4 बजे तक निर्देशों की पालना तथा एक्शन प्लान पर की गई कार्यवाही के संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को रिपोर्ट भेजें।