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दो विभागों के बीच अटक गया सेक्टरों के हरित क्षेत्र का विकास

Thu, 24 Dec 2020 01:14 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2020 01:14 AM IST
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Development of green sector of sectors stuck between two departments
गुरुग्राम (पवन कुमार सेठी)। दो विभागों के बीच सेक्टरों के हरित क्षेत्र का विकास अटक गया है। सेक्टरों के बीच हरियाली के नाम पर केवल पार्क ही रह गए हैं। सड़क किनारे खत्म हो रहे हरित क्षेत्र की सुध लेने के लिए कोई विभाग आगे नहीं आ रहा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा विकसित किए गए सेक्टरों को करीब दो साल पहले नगर निगम के अधीन किया गया है। नगर निगम के अधीन किए जाने से पहले ही सड़क किनारे के हरित क्षेत्र पूरी तरह से खत्म हो गए थे। अब एचएसवीपी अधिकारी इसे दोबारा विकसित करने के लिए नगर निगम अधिकारियों की जिम्मेदारी बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
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जिले में एचएसवीपी ने 115 सेक्टर विकसित किए हैं। इसमें पुराने गुरुग्राम में 58 सेक्टर हैं जबकि नए गुरुग्राम में विकसित हो रहे शेष सेक्टर बिल्डर व जीएमडीए द्वारा विकसित किए जा रहे हैं। नए गुरुग्राम के सेक्टर-59 से 115 के बीच सड़क किनारे हरित क्षेत्र विकसित करने की तरफ ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन पुराने गुरुग्राम के सेक्टर-1 से 58 के बीच सड़क किनारे करीब डेढ़ मीटर का हरित क्षेत्र अधिकारियों की लापरवाही से गायब हो गया।
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देखरेख के अभाव में सूखे पौधे
एचएसवीपी ने सेक्टर में हरित क्षेत्र की देखरेख करने के लिए करीब 100 माली नियुक्त किए थे। सेक्टर विकसित करने के बाद अधिकारी इनसे हरित क्षेत्र की देखरेख नहीं करा पाए। नतीजा यह निकला कि समय के साथ सड़क किनारे लगे पेड़-पौधे सूख गए। हरित क्षेत्र को दोबारा विकसित करने की योजनाएं बनती रही, लेकिन यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
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दो साल पहले निगम के अधीन हुए सेक्टर
एचएसवीपी ने दो साल पहले पुराने गुरुग्राम के सेक्टरों को नगर निगम के अधीन कर लिया। यहां मूलभूत सुविधाएं देने के साथ ही देखरेख का जिम्मा भी नगर निगम को सौंपा गया है। नगर निगम ने शहर को हरा भरा करने के लिए करीब 30 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया। इसका उपयोग सेक्टरों के पार्क को विकसित करने के लिए किया जाना था, लेकिन सड़क किनारे उजड़ चुके हरित क्षेत्र के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया। इस साल निगम 18 करोड़ रुपये ही खर्च कर सका है।

सेक्टरों की देखरेख का जिम्मा नगर निगम को सौंपा गया है। यहां सभी प्रकार का विकास अब नगर निगम को करना है।
- जितेंद्र यादव, प्रशासक, एचएसवीपी
सेक्टर को नगर निगम के अधीन आए दो साल हुए हैं। सेक्टरों में हरियाली विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। सड़क किनारे विभन्न उपयोग के लिए जमीन खाली छोड़ी जाती है जिस पर पौधे लगाए जाते हैं। इसका सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जल्द ही सेक्टरों में सड़क किनारे हरियाली विकसित कर दी जाएगी।
- रमन शर्मा, मुख्य अभियंता, नगर निगम, गुरुग्राम।
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