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Gurugram News: जलभराव की पहचान के लिए लगेंगे डिटेक्शन सेंसर

Fri, 10 Oct 2025 07:46 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Oct 2025 07:46 PM IST
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Detection sensors will be installed to identify waterlogging
डेनमार्क एंबेसी के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम गुरुग्राम में की बैठक, जल निकासी और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुई चर्चा
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अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। डेनमार्क एंबेसी के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को नगर निगम गुरुग्राम कार्यालय का दौरा किया। टीम ने शहर के जल प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों पर अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। नगर निगम ने भविष्य की योजनाओं में फ्लड डिटेक्शन सेंसर (जलभराव पहचान सेंसर) और अधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में ऑटोमेटिक पंप लगाने की रूपरेखा साझा की। फ्लड डिटेक्शन सेंसर एक ऐसा उपकरण है जो किसी भी वातावरण में पानी की उपस्थिति का पता लगाता है।
अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका ने प्रतिनिधिमंडल को गुरुग्राम की टोपोग्राफी और बरसाती पानी के प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहर की जलनिकासी का ढांचा अरावली क्षेत्र से नजफगढ़ ड्रेन की ओर जाता है। अरावली क्षेत्र में चेक डेम और क्रिक्स का निर्माण किया गया है, जिससे बारिश के पानी को नियंत्रित किया जा सके। जलनिकासी के लिए गुरुग्राम में तीन मास्टर ड्रेन बनाए गए हैं, जबकि चौथा ड्रेन निर्माणाधीन है और अगले 3-4 महीनों में पूरा होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, शहर की ग्रीन बेल्ट को सड़क के स्तर से नीचे लाने की योजना पर काम चल रहा है। शहर के तालाबों को पुनर्जीवित करने की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि बरसाती पानी को तालाबों में स्टोर किया जा सके और जलभराव की समस्या कम हो।
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नगर निगम ने भविष्य की योजनाओं में फ्लड डिटेक्शन सेंसर और अधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में ऑटोमेटिक पंप लगाने की रूपरेखा साझा की। साथ ही, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बड़े बिल्डिंग और सोसाइटी में लागू करने पर जोर दिया गया। बैठक में सीवरेज ट्रीटमेंट और पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई, जिसमें शहर की पानी की गुणवत्ता और प्रबंधन को और बेहतर बनाने के उपायों पर विचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी प्रयास आगामी बरसात से पहले पूरे किए जाएंगे, ताकि गुरुग्राम में जलभराव की समस्या से निपटा जा सके और शहर की जल निकासी प्रणाली अधिक प्रभावी बने। एंबेसी प्रतिनिधियों ने आने वाले दिनों में एक वर्कशॉप आयोजित करने की बात कही। बैठक में जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह तथा निगम के कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार भी उपस्थित रहे।
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क्या है जलभराव डिटेक्शन सेंसर
फ्लड डिटेक्शन सेंसर एक ऐसा उपकरण है जो किसी भी वातावरण में पानी की उपस्थिति का पता लगाता है और बाढ़ या रिसाव होने पर चेतावनी देता है। डिटेक्शन सेंसर उपकरण पानी की उपस्थिति का पता लगाता है। इससे संभावित क्षति को रोका जा सके।

कैसे करेगा काम
पानी के संपर्क में आने पर अलार्म हो जाएगा सक्रिय : यह एक सेंसर और एक डिटेक्टर से बना होता है, जब सेंसर पानी के संपर्क में आता है तो अलार्म सक्रिय हो जाता है।
रिसाव के खतरे वाली जगह पर रखे जाएंगे : ये छोटे, बैटरी से चलने वाले सेंसर होते हैं, जिन्हें उन जगहों पर रखा जा सकता है जहां रिसाव का खतरा हो।
स्वचालित प्रणाली से करेगा काम : ये सिस्टम पानी का पता लगने पर स्वचालित रूप से पानी के प्रवाह को बंद कर देते हैं।
कमांड सेंटर से रखी जाएगी नजर : इस पूरे सिस्टम पर नगर निगम मुख्यालय या जीएमडीए के कमांड सेंटर से निगरानी रखी जा सकेगी।
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