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Gurugram News: करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं सुधरी सफाई व्यवस्था
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सब्जी मंडी में कूड़े के ढेर में प्लास्टिक खाता लावारिस पशु। संवाद
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-शहर के मुख्य चौराहों, सड़कों और कॉलोनियों में फैली गंदगी, बीमारियों का खतरा बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर में सफाई व्यवस्था पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से स्थिति और गंभीर हो गई है। शहर के अधिकांश इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हैं और समय पर उठान न होने के कारण लोग मजबूरी में कचरे को आग लगा रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी पैदा हो रहे हैं।
रेलवे रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग-19, आगरा चौक, रसूलपुर रोड, किठवाड़ी रोड, सिविल लाइन, न्यू कॉलोनी, मोहन नगर और कैलाश नगर समेत कई क्षेत्रों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और नगर परिषद केवल चुनिंदा स्थानों से ही कूड़ा उठवा रही है।
विफल रही कंपनी को फिर दिया ठेका
स्थिति तब और सवालों के घेरे में आ गई जब सफाई व्यवस्था संभालने में पहले विफल रही क्लासिक मैन पावर कंपनी को दोबारा ठेका दे दिया गया। यह कंपनी 2021 से करीब चार वर्षों तक सफाई का कार्य संभाल चुकी है, लेकिन उस दौरान भी शहर में गंदगी की समस्या बनी रही। खराब प्रदर्शन के चलते इस कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था और इसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी उठी थी।
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इस बार भी रैंकिंग सुधारने की उम्मीद नहीं-- -- --
सफाई व्यवस्था की बदहाली का असर स्वच्छता सर्वेक्षण में भी साफ नजर आया है। हालिया रैंकिंग में पलवल को 824 शहरों में 427वां स्थान मिला, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे खराब प्रदर्शन है। नगर परिषद की ओर से समय-समय पर निजी कंपनियों को करोड़ों रुपये के टेंडर दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिख रहा। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो समस्या और विकराल हो सकती है।
अधिकारी का वर्जन-- -- -- --
शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए इस बार कचरा उठाने और उसके निस्तारण के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं। नए नियमों के साथ कंपनी को टेंडर दिया गया है, जिससे की शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
- मनोज कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
स्थानीय लोगों से बातचीत-- -- --
शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। मजबूरी में लोग कचरा जला रहे हैं, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है।
- प्रवीन, पलवल
रेलवे रोड और आसपास के बाजारों में गंदगी से ग्राहक भी परेशान हो रहे हैं। नगर परिषद सिर्फ कागजों में काम कर रही है, जमीन पर हालात खराब हैं।
- बेगराज, पलवल
घर के बाहर हर दिन कूड़ा पड़ा रहता है, बदबू और मच्छरों से जीना मुश्किल हो गया है। बच्चों की सेहत को लेकर डर लगा रहता है।
- संदीप, पलवल
सड़कों पर कचरे के ढेर में अकसर लावारिस पशु प्लास्टिक खाते दिखाई पड़ते है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा। प्रशासन को इस गंभीर समस्या के प्रति कोई कदम उठाना चाहिए।
- जयदेव, पलवल
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर में सफाई व्यवस्था पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से स्थिति और गंभीर हो गई है। शहर के अधिकांश इलाकों में कूड़े के ढेर लगे हैं और समय पर उठान न होने के कारण लोग मजबूरी में कचरे को आग लगा रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी पैदा हो रहे हैं।
रेलवे रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग-19, आगरा चौक, रसूलपुर रोड, किठवाड़ी रोड, सिविल लाइन, न्यू कॉलोनी, मोहन नगर और कैलाश नगर समेत कई क्षेत्रों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और नगर परिषद केवल चुनिंदा स्थानों से ही कूड़ा उठवा रही है।
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विफल रही कंपनी को फिर दिया ठेका
स्थिति तब और सवालों के घेरे में आ गई जब सफाई व्यवस्था संभालने में पहले विफल रही क्लासिक मैन पावर कंपनी को दोबारा ठेका दे दिया गया। यह कंपनी 2021 से करीब चार वर्षों तक सफाई का कार्य संभाल चुकी है, लेकिन उस दौरान भी शहर में गंदगी की समस्या बनी रही। खराब प्रदर्शन के चलते इस कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था और इसे ब्लैकलिस्ट करने की मांग भी उठी थी।
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इस बार भी रैंकिंग सुधारने की उम्मीद नहीं
सफाई व्यवस्था की बदहाली का असर स्वच्छता सर्वेक्षण में भी साफ नजर आया है। हालिया रैंकिंग में पलवल को 824 शहरों में 427वां स्थान मिला, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे खराब प्रदर्शन है। नगर परिषद की ओर से समय-समय पर निजी कंपनियों को करोड़ों रुपये के टेंडर दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिख रहा। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो समस्या और विकराल हो सकती है।
अधिकारी का वर्जन
शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए इस बार कचरा उठाने और उसके निस्तारण के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए हैं। नए नियमों के साथ कंपनी को टेंडर दिया गया है, जिससे की शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
- मनोज कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
स्थानीय लोगों से बातचीत
शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। मजबूरी में लोग कचरा जला रहे हैं, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है।
- प्रवीन, पलवल
रेलवे रोड और आसपास के बाजारों में गंदगी से ग्राहक भी परेशान हो रहे हैं। नगर परिषद सिर्फ कागजों में काम कर रही है, जमीन पर हालात खराब हैं।
- बेगराज, पलवल
घर के बाहर हर दिन कूड़ा पड़ा रहता है, बदबू और मच्छरों से जीना मुश्किल हो गया है। बच्चों की सेहत को लेकर डर लगा रहता है।
- संदीप, पलवल
सड़कों पर कचरे के ढेर में अकसर लावारिस पशु प्लास्टिक खाते दिखाई पड़ते है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा। प्रशासन को इस गंभीर समस्या के प्रति कोई कदम उठाना चाहिए।
- जयदेव, पलवल