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Gurugram News: आठ साल में कितने बढ़े वन्य जीवन, विभाग को जानकारी नहीं
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- 2017 में हुई थी गणना, 2020 की गणना कोरोना के कारण टली
दिनेश कुमार
गुरुग्राम। पिछले आठ साल में कितने वन्य जीवन बढ़े। इसकी जानकारी वन्य विभाग को नहीं है। वर्ष 2017 के दौरान वन्यजीवों की गणना कराई गई थी। इसके बाद वर्ष 2020 में गणना होनी थी लेकिन कोरोना के कारण अब तक नहीं की गई। वन अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ सालों के दौरान वन्य जीवों की संख्या काफी बढ़ी है क्योंकि इलाके में वन्य जीवों के अनुकूल माहौल बना है। अब जो गणना होगी उस से पता चलेगा कि संख्या में कितनी बढ़ोतरी हुई है। अभी पिछले आठ साल से गुरुग्राम के वन्य जीव विभाग के पास डाटा नहीं हैं कि कितने वन्य जीवों की बढ़ोतरी हुई है।
अवैध खनन से लेकर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई पर काफी हद तक रोक लगी है। यही वजह है कि पहले कुछ इलाकों में वन्य जीव दिखाई देते थे लेकिन अब कई इलाकों में दिखाई देते हैं। खासकर बंधवाड़ी, वजीराबाद, मांगर बनी, मानेसर, कासन, रायसीना, मंडावर, भोंडसी, दमदमा, फिरोजपुर झिरका इलाके में अक्सर वन्य जीव दिखाई देते हैं।
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2017 की गणना के अनुसार वन्य जीव
तेंदुआ 31, गीदड़ 166, सेहली 91, नेवला 50, भेड़िया 3, जंगली बिल्ली 26, लोमड़ी 4, लकड़बग्घा 126, कबर बिज्जू 61
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नौ तेंदुए की हुई मौत
2019 में दो तेंदुए की मौत हुई, जिसमें एक फरीदाबाद रोड पर तथा एक मानेसर में सड़क दुर्घटना में मारे गए। 2020 में दो तेंदुए पाली रोड पर दुर्घटना में मरे। 2021 में एक तेंदुआ पाली रोड सूरजकुंड तथा एक महेंद्रगढ़ सहित दो तेंदुए मरे। 2022 में दो तेंदुए की मौत हुई, जिसमें एक केएमपी पर दुर्घटना में तथा एक तेंदुए की सोहना में खाई में गिरने से मौत हुई। 2023 में एक तेंदुए की प्राकृतिक मौत हुई जिसकी बंधवाड़ी बहरामपुर के जंगल में सड़ी गली हालत में बॉडी मिली। छह साल में नौ तेंदुए की मौत हुई।
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वर्जन
2020 में कोरोना महामारी के कारण समय पर गणना कार्य नहीं हो सका। अनुमान है कि वन्य जीवों की संख्या में बढ़ोतरी हुई होगाी। इस बार जो गणना होगी उसकी रिपोर्ट सामने आएगी तब ही पता चल सकेगा कि कितनी बढ़ोतरी हुई है।- आरके जांगड़ा, डीएफओ
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दिनेश कुमार
गुरुग्राम। पिछले आठ साल में कितने वन्य जीवन बढ़े। इसकी जानकारी वन्य विभाग को नहीं है। वर्ष 2017 के दौरान वन्यजीवों की गणना कराई गई थी। इसके बाद वर्ष 2020 में गणना होनी थी लेकिन कोरोना के कारण अब तक नहीं की गई। वन अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ सालों के दौरान वन्य जीवों की संख्या काफी बढ़ी है क्योंकि इलाके में वन्य जीवों के अनुकूल माहौल बना है। अब जो गणना होगी उस से पता चलेगा कि संख्या में कितनी बढ़ोतरी हुई है। अभी पिछले आठ साल से गुरुग्राम के वन्य जीव विभाग के पास डाटा नहीं हैं कि कितने वन्य जीवों की बढ़ोतरी हुई है।
अवैध खनन से लेकर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई पर काफी हद तक रोक लगी है। यही वजह है कि पहले कुछ इलाकों में वन्य जीव दिखाई देते थे लेकिन अब कई इलाकों में दिखाई देते हैं। खासकर बंधवाड़ी, वजीराबाद, मांगर बनी, मानेसर, कासन, रायसीना, मंडावर, भोंडसी, दमदमा, फिरोजपुर झिरका इलाके में अक्सर वन्य जीव दिखाई देते हैं।
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2017 की गणना के अनुसार वन्य जीव
तेंदुआ 31, गीदड़ 166, सेहली 91, नेवला 50, भेड़िया 3, जंगली बिल्ली 26, लोमड़ी 4, लकड़बग्घा 126, कबर बिज्जू 61
नौ तेंदुए की हुई मौत
2019 में दो तेंदुए की मौत हुई, जिसमें एक फरीदाबाद रोड पर तथा एक मानेसर में सड़क दुर्घटना में मारे गए। 2020 में दो तेंदुए पाली रोड पर दुर्घटना में मरे। 2021 में एक तेंदुआ पाली रोड सूरजकुंड तथा एक महेंद्रगढ़ सहित दो तेंदुए मरे। 2022 में दो तेंदुए की मौत हुई, जिसमें एक केएमपी पर दुर्घटना में तथा एक तेंदुए की सोहना में खाई में गिरने से मौत हुई। 2023 में एक तेंदुए की प्राकृतिक मौत हुई जिसकी बंधवाड़ी बहरामपुर के जंगल में सड़ी गली हालत में बॉडी मिली। छह साल में नौ तेंदुए की मौत हुई।
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वर्जन
2020 में कोरोना महामारी के कारण समय पर गणना कार्य नहीं हो सका। अनुमान है कि वन्य जीवों की संख्या में बढ़ोतरी हुई होगाी। इस बार जो गणना होगी उसकी रिपोर्ट सामने आएगी तब ही पता चल सकेगा कि कितनी बढ़ोतरी हुई है।- आरके जांगड़ा, डीएफओ