फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Demand for repeal of agricultural laws in farmers' parliament

किसान संसद में कृषि कानूनों को रद्द करने की उठी मांग

Thu, 12 Aug 2021 11:07 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 12 Aug 2021 11:07 PM IST
विज्ञापन
Demand for repeal of agricultural laws in farmers' parliament
गुरुग्राम। किसान आंदोलन के समर्थन में शहर के राजीव चौक के पास संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम द्वारा धरना दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को धरनास्थल पर किसान संसद का आयोजन दोपहर 12 से 3 बजे तक किया गया। किसान संसद में कृषि कानूनों एवं एमएसपी की गारंटी के कानून पर चर्चा एवं बहस हुई। किसान संसद में एक-एक घंटे के तीन सत्र हुए। प्रथम सत्र में किसान ईश्वर सिंह को अध्यक्ष, ऊषा सरोहा को उपाध्यक्ष चुना तथा मनीष मक्कड़ को कोऑर्डिनेटर बनाया गया। दूसरे सत्र में योगेश्वर दहिया को अध्यक्ष, डॉ. सारिका वर्मा को उपाध्यक्ष चुना और तीसरे सत्र में अनिल पवार को अध्यक्ष एवं बलवान सिंह दहिया को उपाध्यक्ष चुना गया।
विज्ञापन

किसान संसद में सभी सदस्यों ने बहस के दौरान कहा कि सरकार जनता को गुमराह कर रही है। सरकार ने तीनों काले कानूनों से पूंजीपतियों पर लगे प्रतिबंध हटाए हैं और पूंजीपतियों को बिचौलियों की बड़ी भूमिका दी है। अब पूंजीपति खाद्य वस्तुओं मनमानी स्टाक कर सकते हैं, क्योंकि सरकार ने पूंजीपतियों को जमाखोरी की छूट दे दी है। किसानों ने कहा कि पूंजीपति किसानों से 10 रुपये किलो मटर खरीदते हैं और उसी मटर को प्रोसेस करके 200 रुपये में बेचते हैं। इससे उत्पादक किसान तथा उपभोक्ता आम आदमी दोनों लुटते हैं। इन कानूनों से सिर्फ पूंजीपति कॉर्पोरेट घरानों की आय कई गुना बढ़ जाएगी। पूंजीपति पूरी तरह से बाजार पर कब्जा कर लेंगे और बाजारों को अपने हिसाब से चलाएंगे और देश में महंगाई बढ़ेगी। संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह ने कहा कि तीनों काले कानूनों से किसान, मजदूर, गरीब तथा आम आदमी का शोषण होगा और यह आम आदमी के डेथ वारंट हैं। ऐसे में तीनों काले कानूनों को रद्द किया जाए। किसान संसद के दौरान सभी किसानों ने तीनों काले कानून रद्द करो के नारे लगाए।
विज्ञापन

बहस के बाद किसान संसद ने तीनों काले कानूनों को सर्वसम्मति से रद्द कर दिया। बहस के बाद किसान संसद में सभी ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया कि एमएसपी की गारंटी का कानून बनाया जाए तथा इसका प्रस्ताव राष्ट्रपति को भेजा जाएगा कि सरकार जनहित में इन तीनों काले कानूनों को रद्द कर दे। किसान संसद का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। किसान संसद में फूल सिंह, सतबीर सिंह, विनोद कुमार भारद्वाज, विजय, कंवर लाल, सतीश, मुकेश डागर, विरेन्द्र हुड्डा, मनोज, अटलवीर कटारिया, श्रवण कुमार, कमांडेंट सत्यवीर सिंह, गीता गौरैया, देवीका सिवाच सहित काफी संख्या में किसान व अन्य संगठनों के सदस्य शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed