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Gurugram News: दिल्ली-जयपुर हाईवे पर सबसे अधिक हादसे, हर 3.4 किलोमीटर पर गई एक जान
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एनएच-48 के 44 किलोमीटर हाईवे पर 133 सड़क हादसों में 147 लोगों की मौत
विराट त्यागी
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) का सफर जोखिम भरा साबित हो रहा है। हाईवे के 44 किलोमीटर के दायरे में बीते साल नवंबर तक 133 सड़क हादसों में 147 लोगों की जान चली गई। ऐसे हर 3.4 किलोमीटर पर एक की जान गई। प्रशासन ने इस माह से जिले को जीरो फैटलिटी बनाने का लक्ष्य रखा है।
साइबर सिटी में दिल्ली-जयपुर हाईवे, द्वारका एक्सप्रेसवे (एनएच-248बीबी) और गुरुग्राम-सोहना हाईवे (एचएच-248ए) के अलावा कई स्टेट हाईवे हैं। ऐसे में इन सड़कों पर वाहन चालकों की थोड़ी से लापरवाही जान पर भारी पड़ जाती है। वहीं, एनएच-919 हाईवे पलवल-सोहना-रेवाड़ी व एसएच-15ए गुरुग्राम-फर्रुखनगर से झज्जर सड़क है। एनएच-15ए (गुरुग्राम से फर्रुखनगर से झज्जर) पर हर 760 मीटर पर लोगों ने हादसों में जान गवाई है।
सड़का सुरक्षा मीटिंग में तय किया गया है कि संबंधित विभाग हादसों के हर पहलुओं की बारीकी से जांच करेगा। वाहन चालकों को होने वाली परेशानी को चिह्नित कर उन्हें ठीक करेगा। सभी कामों पर नजर रखने के लिए आरटीए को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके बाद 21 दिन में रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिसमें बताना होगा कि कैसे हादसों में कमी कैसे लाई जा सकती है। इसके 30 दिन के अंदर कर्म खर्चे से गहरा असर लाने पर किया जाएगा। 90 दिन के अंदर बुनियादी ढांचे पर काम किया जाएगा।
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आकंड़े
प्रमुख सड़कें - हादसे -हादसों में हुई मौत- - औसतन किलोमीटर
1. एनएच 48 - 133 -147 - 3.34
2. एनएच-919 - 17 - 21 - 1.44
3.एच-248ए - 30 - 31 - 1.2
4.एनएच-248बीबी - 15 - 16 - 0.84
5..एसएच-15ए 11 - 13 - 0.76
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विराट त्यागी
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) का सफर जोखिम भरा साबित हो रहा है। हाईवे के 44 किलोमीटर के दायरे में बीते साल नवंबर तक 133 सड़क हादसों में 147 लोगों की जान चली गई। ऐसे हर 3.4 किलोमीटर पर एक की जान गई। प्रशासन ने इस माह से जिले को जीरो फैटलिटी बनाने का लक्ष्य रखा है।
साइबर सिटी में दिल्ली-जयपुर हाईवे, द्वारका एक्सप्रेसवे (एनएच-248बीबी) और गुरुग्राम-सोहना हाईवे (एचएच-248ए) के अलावा कई स्टेट हाईवे हैं। ऐसे में इन सड़कों पर वाहन चालकों की थोड़ी से लापरवाही जान पर भारी पड़ जाती है। वहीं, एनएच-919 हाईवे पलवल-सोहना-रेवाड़ी व एसएच-15ए गुरुग्राम-फर्रुखनगर से झज्जर सड़क है। एनएच-15ए (गुरुग्राम से फर्रुखनगर से झज्जर) पर हर 760 मीटर पर लोगों ने हादसों में जान गवाई है।
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सड़का सुरक्षा मीटिंग में तय किया गया है कि संबंधित विभाग हादसों के हर पहलुओं की बारीकी से जांच करेगा। वाहन चालकों को होने वाली परेशानी को चिह्नित कर उन्हें ठीक करेगा। सभी कामों पर नजर रखने के लिए आरटीए को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके बाद 21 दिन में रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिसमें बताना होगा कि कैसे हादसों में कमी कैसे लाई जा सकती है। इसके 30 दिन के अंदर कर्म खर्चे से गहरा असर लाने पर किया जाएगा। 90 दिन के अंदर बुनियादी ढांचे पर काम किया जाएगा।
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आकंड़े
प्रमुख सड़कें - हादसे -हादसों में हुई मौत- - औसतन किलोमीटर
1. एनएच 48 - 133 -147 - 3.34
2. एनएच-919 - 17 - 21 - 1.44
3.एच-248ए - 30 - 31 - 1.2
4.एनएच-248बीबी - 15 - 16 - 0.84
5..एसएच-15ए 11 - 13 - 0.76