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Gurugram News: ग्रेटर एसपीआर परियोजना में देरी, जमीन अधिग्रहण की बाधाएं बरकरार
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पहले चरण में छह गांवों की 276 एकड़ जमीन ली जानी है, सीएम ने भी की थी चर्चा
नंबर गेम - 1012 करोड़ रुपये की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। ग्रेटर एसपीआर परियोजना को पूरा होने में शहरवासियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) जमीन अधिग्रहण की बाधाएं दूर नहीं कर पाया है। प्रशासन ने पहले चरण के लिए जमीन मालिकों को मुआवजा देने हेतु मुख्यालय से 1012.70 करोड़ रुपये के कोष की मांग की है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में शहर के विकास कार्यों की समीक्षा की थी, जिसमें ग्रेटर एसपीआर पर भी चर्चा हुई। इस दौरान जमीन अधिग्रहण और मुआवजे संबंधी बाधाओं पर बात हुई। परियोजना पूरी होने से चालकों को जाम से राहत मिलेगी और शहर को एक नया मार्ग मिलेगा। पहले चरण में छह गांवों की 276 एकड़ जमीन ली जानी है, जिसकी लंबाई 7.6 किलोमीटर है। इसमें बेहरामपुर, उल्लावास, कादरपुर, मैदावास, धूमसपुर और बादशाहपुर गांव शामिल हैं। अगस्त में कीमत निर्धारण समिति ने प्रति एकड़ के रुपये तय किए थे, अब कोष आने का इंतजार है।
दूसरे चरण की जमीन पर पेंच
दूसरे चरण में आठ गांवों की 394 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है, जो 11.1 किलोमीटर लंबा होगा। यह हिस्सा सोहना रोड से मानेसर के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जुड़ेगा। इस चरण में 25 एकड़ जमीन एनएसजी क्षेत्र और 75 एकड़ जमीन प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र में आती है। दो किलोमीटर के लिए एक याचिका भी अदालत में लंबित है, जिसके अवार्ड की तिथि 12 जनवरी 2028 रखी गई है।
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नंबर गेम - 1012 करोड़ रुपये की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। ग्रेटर एसपीआर परियोजना को पूरा होने में शहरवासियों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) जमीन अधिग्रहण की बाधाएं दूर नहीं कर पाया है। प्रशासन ने पहले चरण के लिए जमीन मालिकों को मुआवजा देने हेतु मुख्यालय से 1012.70 करोड़ रुपये के कोष की मांग की है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में शहर के विकास कार्यों की समीक्षा की थी, जिसमें ग्रेटर एसपीआर पर भी चर्चा हुई। इस दौरान जमीन अधिग्रहण और मुआवजे संबंधी बाधाओं पर बात हुई। परियोजना पूरी होने से चालकों को जाम से राहत मिलेगी और शहर को एक नया मार्ग मिलेगा। पहले चरण में छह गांवों की 276 एकड़ जमीन ली जानी है, जिसकी लंबाई 7.6 किलोमीटर है। इसमें बेहरामपुर, उल्लावास, कादरपुर, मैदावास, धूमसपुर और बादशाहपुर गांव शामिल हैं। अगस्त में कीमत निर्धारण समिति ने प्रति एकड़ के रुपये तय किए थे, अब कोष आने का इंतजार है।
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दूसरे चरण की जमीन पर पेंच
दूसरे चरण में आठ गांवों की 394 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है, जो 11.1 किलोमीटर लंबा होगा। यह हिस्सा सोहना रोड से मानेसर के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जुड़ेगा। इस चरण में 25 एकड़ जमीन एनएसजी क्षेत्र और 75 एकड़ जमीन प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र में आती है। दो किलोमीटर के लिए एक याचिका भी अदालत में लंबित है, जिसके अवार्ड की तिथि 12 जनवरी 2028 रखी गई है।
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