गुरुग्राम। कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अपने अधिकारी पर डाटा चोरी का आरोप लगाया है। छानबीन के बाद साइबर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ डाटा चोरी करने व धोखाधड़ी के साथ आईटी एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार कंपनी प्रबंधन ने अपने कर्मचारी आलोक कुमार पर डाटा चोरी का आरोप लगाया है। आरोपी बिहार के सहरसा मूल का निवासी है और फिलहाल दिल्ली के महरौली में रहता है। शिकायत देने वाली कंपनी कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग एंड ऑपरेशन फर्म में कंसल्टिंग करती है। सड़क से लेकर पानी, एनर्जी व रेल आदि हर फील्ड में यह कंपनी सुविधा देती है। कंपनी ने देश में बड़े निर्माण प्रोजेक्ट जैसे मुंबई मेट्रो लाइन, मुंबई कॉस्टल रोड, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे आदि में भी काम किया है। कंपनी ने कर्मचारी आलोक कुमार को 11 मई 2016 को वरिष्ठ प्रबंधक पद पर तैनात किया था। उसका सालाना वेतन 16 लाख 79 हजार 954 रुपये था। बाद में कर्मचारी को डिप्टी जनरल मैनेजर के पद पर प्रमोशन मिल गया। कंपनी का कहना है कि क्लाइंट्स के लिए लीगल, एडमिन, क्रेडेंशियल्स, सीपी, टेक्निकल मेथडोलॉजी व कोटेशन के दस्तावेज एकत्रित करने के काम का जिम्मेदार डीजीएम था। कंपनी के क्लाइंट्स के साथ बातचीत, इंटरनल व एक्सटर्नल कम्यूनिकेशन का सारा डेटा डीजीएम के पास ही था। क्लाइंट व कंपनी का ये डेटा सुरक्षित रहे इसके लिए कंपनी ने 1 जनवरी 2014 को आईडी पॉलिसी भी बनाई थी, लेकिन अब कंपनी ने आरोप लगाया है कि डीजीएम ने अपने पद का दुरुपयोग कर कंपनी की ऑफिशियल ईमेल से काफी डेटा अपनी पर्सनल ईमेल पर ट्रांसफर किया। अपने पर्सनल ईमेल से ऑफिशियल ईमेल पर भी उसने कई ईमेल भेजे। 3 दिसंबर 2021 को कंपनी ने कर्मचारी को नोटिस भेजकर कहा कि 2 फरवरी 2022 के बाद आपकी सेवाएं नहीं चाहिए। ऐसा करते ही डीजीएम ने कंपनी को बदनाम करने व धमकी भरी ईमेल भेज ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था।