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Gurugram News: डीएपी खाद का संकट, सुबह से कतार में लग रहे किसान
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किसानों का कहना है कि टोकन सिस्टम को लागू किया जाए
प्रेमचंद पालमी
पटौदी। सरसों और गेहूं की बुवाई से पहले ही किसानों को डीएपी खाद के संकट से जूझना पड़ रहा है। पटौदी जाटौली मंडी स्थित हेलीमंडी कॉपरेटिव सोसाइटी के बाहर सुबह चार बजे से किसान कतार में लग रहे हैं, तब दोपहर में उनका नंबर आ रहा है। कई घंटों तक कतार में लगने के बाद किसानों को डीएपी खाद मिल पा रही है। किसानों का कहना है कि टोकन सिस्टम लागू किया जाए।
जाटौली निवासी किसान सुरेन्द्र ने बताया कि डीएपी खाद के लिए सुबह चार बजे से खड़े होते हैं। टोकन मिलने पर भी परेशान किया जा रहा है। भीड़ ज्यादा है।
किसान मुकेश ने बताया कि डीएपी खाद की भारी किल्लत है। नैनो यूरिया व एनपीके किसानों पर थोपी जा रही है। मिर्जापुर निवासी किसान महेन्द्र सिंह ने बताया कि सुबह से कतार में लगा रहा और दोपहर तक नंबर आया। ऐसे में धूप में ही खड़ा रहा। टोकन सिस्टम लागू किया जाए, जिससे घंटों का इंतजार न करना पड़े।
गुढाना निवासी किसान अजित सिंह ने बताया कि पैरालिसिस का शिकार हूं, पर सुबह 6 बजे से कतार में लगा रहा। दो बार पहले भी आया था पर डीएपी खाद नहीं मिल पाई।
डीएपी खाद कम आने के कारण आपूर्ति नहीं हो पा रही है। डिमांड भेजी गई है। डीएपी खाद के साथ नैनो यूरिया व एनपीके भी आ रही है, इसलिए किसानों को दे रहे हैं।
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-राज बहादुर सिंह, मैनेजर, कॉपरेटिव सोसाइटी, हेलीमंडी
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प्रेमचंद पालमी
पटौदी। सरसों और गेहूं की बुवाई से पहले ही किसानों को डीएपी खाद के संकट से जूझना पड़ रहा है। पटौदी जाटौली मंडी स्थित हेलीमंडी कॉपरेटिव सोसाइटी के बाहर सुबह चार बजे से किसान कतार में लग रहे हैं, तब दोपहर में उनका नंबर आ रहा है। कई घंटों तक कतार में लगने के बाद किसानों को डीएपी खाद मिल पा रही है। किसानों का कहना है कि टोकन सिस्टम लागू किया जाए।
जाटौली निवासी किसान सुरेन्द्र ने बताया कि डीएपी खाद के लिए सुबह चार बजे से खड़े होते हैं। टोकन मिलने पर भी परेशान किया जा रहा है। भीड़ ज्यादा है।
किसान मुकेश ने बताया कि डीएपी खाद की भारी किल्लत है। नैनो यूरिया व एनपीके किसानों पर थोपी जा रही है। मिर्जापुर निवासी किसान महेन्द्र सिंह ने बताया कि सुबह से कतार में लगा रहा और दोपहर तक नंबर आया। ऐसे में धूप में ही खड़ा रहा। टोकन सिस्टम लागू किया जाए, जिससे घंटों का इंतजार न करना पड़े।
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गुढाना निवासी किसान अजित सिंह ने बताया कि पैरालिसिस का शिकार हूं, पर सुबह 6 बजे से कतार में लगा रहा। दो बार पहले भी आया था पर डीएपी खाद नहीं मिल पाई।
डीएपी खाद कम आने के कारण आपूर्ति नहीं हो पा रही है। डिमांड भेजी गई है। डीएपी खाद के साथ नैनो यूरिया व एनपीके भी आ रही है, इसलिए किसानों को दे रहे हैं।
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-राज बहादुर सिंह, मैनेजर, कॉपरेटिव सोसाइटी, हेलीमंडी