{"_id":"5ea32b558ebc3e90972692c2","slug":"crpf-s-first-ever-e-passing-out-parade-in-80-years-history-gurgaon-news-noi506876818","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीआरपीएफ में पहली बार हुई ईं पासिंग आउट परेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीआरपीएफ में पहली बार हुई ईं पासिंग आउट परेड
विज्ञापन
गुरुग्राम। कादरपुर स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) अकादमी में लॉकडाउन के बीच पहली बार शुक्रवार को ई पासिंग आउट परेड हुई। 51वें बैच की परेड में 42 प्रशिक्षु मास्क व दस्ताने पहनकर सामाजिक दूरी बनाते हुए शामिल हुए। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी व महानिदेशक ए पी माहेश्वरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षुओं को संबोधित किया।
उन्होंने कहा 81 साल पुरानी इस फोर्स में पहली बार इस तरह का बदलाव हुआ है कि सभी ने वर्चुअल सेरेमनी देखी है। देश इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहा है। चुनौती भरे इस माहौल में अधिकारियों को कार्यभार संभालकर आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि यह पासिंग आउट परेड प्रत्येक जवान व उसके परिवार के लिए गर्व का समय होता है, परंतु जब देश में कोविड-19 के कारण महामारी फैली है, तो इस समय सीआरपीएफ ने लंबी छलांग लगते हुए यह ई पासिंग आउट परेड आयोजित की है।
पासिंग आउट परेड के लिए परिजनों के साथ वेब लिंक शेयर किया गया। निर्धारित समय पर परेड को देखने के लिए बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के अधिकारी, प्रशिक्षुओं के परिजन इससे जुड़े। महामारी के कारण इस बार यह दीक्षांत समारोह पहले की तरह आयोजित नहीं किया गया। इस बार प्रशिक्षुओं को दीक्षांत समारोह के दौरान अपने हैरतअंगेज करतब दिखाने का भी मौका नहीं मिल पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा 81 साल पुरानी इस फोर्स में पहली बार इस तरह का बदलाव हुआ है कि सभी ने वर्चुअल सेरेमनी देखी है। देश इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहा है। चुनौती भरे इस माहौल में अधिकारियों को कार्यभार संभालकर आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि यह पासिंग आउट परेड प्रत्येक जवान व उसके परिवार के लिए गर्व का समय होता है, परंतु जब देश में कोविड-19 के कारण महामारी फैली है, तो इस समय सीआरपीएफ ने लंबी छलांग लगते हुए यह ई पासिंग आउट परेड आयोजित की है।
विज्ञापन
पासिंग आउट परेड के लिए परिजनों के साथ वेब लिंक शेयर किया गया। निर्धारित समय पर परेड को देखने के लिए बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के अधिकारी, प्रशिक्षुओं के परिजन इससे जुड़े। महामारी के कारण इस बार यह दीक्षांत समारोह पहले की तरह आयोजित नहीं किया गया। इस बार प्रशिक्षुओं को दीक्षांत समारोह के दौरान अपने हैरतअंगेज करतब दिखाने का भी मौका नहीं मिल पाया।
विज्ञापन