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Gurugram News : अमेरिका और कनाडा के लोगों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार
Thu, 01 Sep 2022 06:16 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 01 Sep 2022 06:16 AM IST
सार
कॉल सेंटर सेक्टर-42 इलाके में चल रहा था। पुलिस ने कॉल सेंटर के मैनेजर समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान तचंग तुंगसानो, विकास भड़ाना, पारस सूद, अविनाश, राम बिशुआ और अभिलाष सिंह के रूप में हुई है। इसमें से अभिलाष सिंह कॉल सेंटर का मैनेजर है।
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Arrest demo
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अमेरिका व कनाडा के लोगों से तकनीकी सहायता देने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कॉल सेंटर सेक्टर-42 इलाके में चल रहा था। पुलिस ने कॉल सेंटर के मैनेजर समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान तचंग तुंगसानो, विकास भड़ाना, पारस सूद, अविनाश, राम बिशुआ और अभिलाष सिंह के रूप में हुई है। इसमें से अभिलाष सिंह कॉल सेंटर का मैनेजर है।
एसीपी क्राइम प्रीतपाल सांगवान ने बताया कि बुधवार को साइबर क्राइम थाना प्रबंधक विजेंद्र को सेक्टर-42 के मकान संख्या 120 पी में फर्जी कॉल सेंटर संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने मौके पर जाकर छापा मारा जहां उक्त मकान के बेसमेंट में एक कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा था। पुलिस टीम ने जब मौके पर मौजूद मैनेजर से कॉल सेंटर के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे तो वह कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सका।
इस तरह से करते थे ठगी
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि कॉल सेंटर का मालिक सचिन तनेजा विभिन्न माध्यमों से अमेरिका व कनाडा के लोगों को तकनीकी सहायता देने के लिए संपर्क करता था। जिसमें कई तरह के एंटी वायरस इंस्टॉल करने व अन्य सहायता के लिए पॉपअप भेजता था। इसी के जरिए कंप्यूटर में तकनीकी समस्या पैदा कर देता था। उसके बाद मदद के नाम पर 200-500 डॉलर ठग लिया जाता था। ठगी किए गए डॉलर के ये गिफ्टकार्ड खरीदवाकर रुपये प्राप्त कर लेेते थे।
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40 से 45 हजार रुपये सैलरी देते थे
जिस मकान के बेसमेन्ट में यह फर्जी कॉल सेन्टर चला रहे थे ये वह सचिन तनेजा नाम के व्यक्ति का है। पुलिस की गिरफ्त में आए सभी कर्मचारी पहले एक अन्य कॉल सेन्टर में काम करते थे और अब पिछले एक साल से इस कॉल सेंटर में नौकरी कर रहे हैं। सचिन तनेजा इन कर्मचारियों को 40-45 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी देता था और वेतन के अलावा इन्हें अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाता था। अब तक ये सैकड़ों लोगों से ठगी कर चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 कंप्यूटर सिस्टम व एक मॉडम बरामद किया है।
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एसीपी क्राइम प्रीतपाल सांगवान ने बताया कि बुधवार को साइबर क्राइम थाना प्रबंधक विजेंद्र को सेक्टर-42 के मकान संख्या 120 पी में फर्जी कॉल सेंटर संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने मौके पर जाकर छापा मारा जहां उक्त मकान के बेसमेंट में एक कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा था। पुलिस टीम ने जब मौके पर मौजूद मैनेजर से कॉल सेंटर के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे तो वह कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सका।
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इस तरह से करते थे ठगी
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि कॉल सेंटर का मालिक सचिन तनेजा विभिन्न माध्यमों से अमेरिका व कनाडा के लोगों को तकनीकी सहायता देने के लिए संपर्क करता था। जिसमें कई तरह के एंटी वायरस इंस्टॉल करने व अन्य सहायता के लिए पॉपअप भेजता था। इसी के जरिए कंप्यूटर में तकनीकी समस्या पैदा कर देता था। उसके बाद मदद के नाम पर 200-500 डॉलर ठग लिया जाता था। ठगी किए गए डॉलर के ये गिफ्टकार्ड खरीदवाकर रुपये प्राप्त कर लेेते थे।
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40 से 45 हजार रुपये सैलरी देते थे
जिस मकान के बेसमेन्ट में यह फर्जी कॉल सेन्टर चला रहे थे ये वह सचिन तनेजा नाम के व्यक्ति का है। पुलिस की गिरफ्त में आए सभी कर्मचारी पहले एक अन्य कॉल सेन्टर में काम करते थे और अब पिछले एक साल से इस कॉल सेंटर में नौकरी कर रहे हैं। सचिन तनेजा इन कर्मचारियों को 40-45 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी देता था और वेतन के अलावा इन्हें अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाता था। अब तक ये सैकड़ों लोगों से ठगी कर चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 कंप्यूटर सिस्टम व एक मॉडम बरामद किया है।