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Gurugram News: बिजली कनेक्शन नहीं काट सकेगा निगम, 800 परिवारों को राहत
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अदालत से
-- -- -- -
- बिल्डर और निगम के बीच बकाया बिल को लेकर चल रहा विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बिल्डर और बिजली निगम के बीच चल रहे बकाया बिल के विवाद में सनसिटी एवेन्यू सोसाइटी के करीब 800 परिवारों को राहत मिली है। सिविल जज (जूनियर डिविजन) जसमीत सिंह की अदालत ने अगली सुनवाई तक बिजली निगम को सोसाइटी की आवासीय इकाइयों के कनेक्शन काटने पर रोक लगा दी है। मामले में अगली सुनवाई आठ अक्तूबर को होगी।
सनसिटी एवेन्यू आरडब्ल्यूए ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि बिजली बिल का विवाद मुख्य रूप से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) और बिल्डर के बीच है। सोसाइटी के निवासी बकाया बिल के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। बिजली आपूर्ति बंद होने से करीब 800 परिवार प्रभावित होंगे। वहीं, बिजली निगम ने दलील दी कि आरडब्ल्यूए उसका उपभोक्ता नहीं है और बकाया राशि का विवाद बिल्डर से संबंधित है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आवासीय इकाइयों की बिजली आपूर्ति न काटने का अंतरिम आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि बिजली आवश्यक सेवा है और बिजली तक पहुंच जीवन के अधिकार का महत्वपूर्ण पहलू है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरिम आदेश से बकाया राशि की जिम्मेदारी तय नहीं होती। बिल्डर और निगम के बीच बकाया विवाद का निपटारा कानून के अनुसार किया जाएगा।
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- बिल्डर और निगम के बीच बकाया बिल को लेकर चल रहा विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बिल्डर और बिजली निगम के बीच चल रहे बकाया बिल के विवाद में सनसिटी एवेन्यू सोसाइटी के करीब 800 परिवारों को राहत मिली है। सिविल जज (जूनियर डिविजन) जसमीत सिंह की अदालत ने अगली सुनवाई तक बिजली निगम को सोसाइटी की आवासीय इकाइयों के कनेक्शन काटने पर रोक लगा दी है। मामले में अगली सुनवाई आठ अक्तूबर को होगी।
सनसिटी एवेन्यू आरडब्ल्यूए ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि बिजली बिल का विवाद मुख्य रूप से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) और बिल्डर के बीच है। सोसाइटी के निवासी बकाया बिल के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। बिजली आपूर्ति बंद होने से करीब 800 परिवार प्रभावित होंगे। वहीं, बिजली निगम ने दलील दी कि आरडब्ल्यूए उसका उपभोक्ता नहीं है और बकाया राशि का विवाद बिल्डर से संबंधित है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आवासीय इकाइयों की बिजली आपूर्ति न काटने का अंतरिम आदेश दिया।
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अदालत ने कहा कि बिजली आवश्यक सेवा है और बिजली तक पहुंच जीवन के अधिकार का महत्वपूर्ण पहलू है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरिम आदेश से बकाया राशि की जिम्मेदारी तय नहीं होती। बिल्डर और निगम के बीच बकाया विवाद का निपटारा कानून के अनुसार किया जाएगा।
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