{"_id":"6aad8c79c50176008f038137","slug":"coordination-mechanisms-should-be-established-to-resolve-the-problems-faced-by-apartment-residents-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-101418-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: अपार्टमेंट में रहने वालों की समस्याओं के हल के लिए समन्वय तंत्र बने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: अपार्टमेंट में रहने वालों की समस्याओं के हल के लिए समन्वय तंत्र बने
विज्ञापन
फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशंस ने उपायुक्त से किया आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशंस (एफएओए) ने गुरुग्राम के अपार्टमेंट मालिकों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए उपायुक्त से जिला स्तरीय अपार्टमेंट संयोजन समिति स्थापित करने का आग्रह किया है।
एफएओए ने कहा है कि गुरुग्राम में सैकड़ों ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में लाखों परिवार रहते हैं, लेकिन उन्हें आज भी बिल्डर, मेंटेनेंस एजेंसी, कन्वेयंस एवं म्यूटेशन, कॉमन एरिया, बिजली, पानी, सीवरेज, ड्रेनेज, फायर सेफ्टी, स्ट्रक्चरल सेफ्टी, ग्रीन एरिया, हैंडओवर और एओए के संचालन से संबंधित अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए निवासियों को डीटीसीपी, रेरा, जीएमडीए, नगर निगम, बिजली निगम, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग,जिला रजिस्ट्रार सहित विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
एफएओए ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि प्रत्येक प्रमुख ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट की स्थिति का एक गुरुग्राम अपार्टमेंट डैश बोर्ड तैयार किया जाए, जिसमें बिल्डर लाइसेंस कॉलोनी से जुड़े सभी विभागों से संबंधित मामले और लंबित शिकायतें दर्ज की जा सकें। जब अपार्टमेंट्स में लोग रह रहे हों और आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हों, तब कानून के अनुरूप अपार्टमेंट मालिकों और उनकी विधिवत गठित एसोसिएशन को प्रोजेक्ट के प्रमुख हितधारक के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए और बिल्डर को कॉमन संसाधनों और सेवाओं पर अनुचित नियंत्रण नहीं रखना चाहिए।
विज्ञापन
एफएओए ने मांग की है कि प्रोजेक्ट हैंडओवर की चेकलिस्ट अनिवार्य की जाए, जिसके तहत एसटीपी, डब्ल्यूटीपी, अग्निशमन उपकरण, पंप, लिफ्ट, सीसीटीवी एक्सेस कंट्रोल, सड़क, लैंड स्केपिंग, क्लब, जरूरतों से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर, नियोजित योजना, रिहाइश प्रमाण पत्र (ओसी- सीसी), फायर एनओसी, पर्यावरण संबंधित इजाजतें, यूटिलिटी ड्राइंग , साधनों की वारंटी, वेंडरों से एग्रीमेंट आदि संबंधित दस्तावेज सौंपे जा सके। काॅमन एरिया, व्यवसायिक प्रयोग के क्षेत्र लाइसेंस में सोसाइटी में कौन सी जगह किस कार्य के लिए चिन्हित है, सारी चीजों की पारदर्शिता के साथ स्पष्ट किया जाए।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशंस (एफएओए) ने गुरुग्राम के अपार्टमेंट मालिकों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए उपायुक्त से जिला स्तरीय अपार्टमेंट संयोजन समिति स्थापित करने का आग्रह किया है।
एफएओए ने कहा है कि गुरुग्राम में सैकड़ों ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में लाखों परिवार रहते हैं, लेकिन उन्हें आज भी बिल्डर, मेंटेनेंस एजेंसी, कन्वेयंस एवं म्यूटेशन, कॉमन एरिया, बिजली, पानी, सीवरेज, ड्रेनेज, फायर सेफ्टी, स्ट्रक्चरल सेफ्टी, ग्रीन एरिया, हैंडओवर और एओए के संचालन से संबंधित अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समाधान के लिए निवासियों को डीटीसीपी, रेरा, जीएमडीए, नगर निगम, बिजली निगम, अग्निशमन विभाग, राजस्व विभाग,जिला रजिस्ट्रार सहित विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
विज्ञापन
एफएओए ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि प्रत्येक प्रमुख ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट की स्थिति का एक गुरुग्राम अपार्टमेंट डैश बोर्ड तैयार किया जाए, जिसमें बिल्डर लाइसेंस कॉलोनी से जुड़े सभी विभागों से संबंधित मामले और लंबित शिकायतें दर्ज की जा सकें। जब अपार्टमेंट्स में लोग रह रहे हों और आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हों, तब कानून के अनुरूप अपार्टमेंट मालिकों और उनकी विधिवत गठित एसोसिएशन को प्रोजेक्ट के प्रमुख हितधारक के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए और बिल्डर को कॉमन संसाधनों और सेवाओं पर अनुचित नियंत्रण नहीं रखना चाहिए।
विज्ञापन
एफएओए ने मांग की है कि प्रोजेक्ट हैंडओवर की चेकलिस्ट अनिवार्य की जाए, जिसके तहत एसटीपी, डब्ल्यूटीपी, अग्निशमन उपकरण, पंप, लिफ्ट, सीसीटीवी एक्सेस कंट्रोल, सड़क, लैंड स्केपिंग, क्लब, जरूरतों से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर, नियोजित योजना, रिहाइश प्रमाण पत्र (ओसी- सीसी), फायर एनओसी, पर्यावरण संबंधित इजाजतें, यूटिलिटी ड्राइंग , साधनों की वारंटी, वेंडरों से एग्रीमेंट आदि संबंधित दस्तावेज सौंपे जा सके। काॅमन एरिया, व्यवसायिक प्रयोग के क्षेत्र लाइसेंस में सोसाइटी में कौन सी जगह किस कार्य के लिए चिन्हित है, सारी चीजों की पारदर्शिता के साथ स्पष्ट किया जाए।