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Gurugram News: छह साल बाद बिजली चोरी के मामले में उपभोक्ता बरी
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2.17 लाख रुपये का जुर्माना नहीं भरने पर किया गया था गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला अदालत ने छह साल पुराने बिजली चोरी के मामले में उपभोक्ता को बरी कर दिया है। 2017 में बिजली विभाग ने संजय ग्राम में बिजली चोरी के मामले में युवती को 2.17 लाख रुपये का जुर्माना भरने के लिए नोटिस दिया था। इसके बाद विभाग ने युवती के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसके बाद युवती को गिरफ्तार कर लिया गया था। अतिरिक्त सत्र व न्यायाधीश डीएन भारद्वाज की अदालत ने उपभोक्ता को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के विजिलेंस के एसडीओ जोगिंदर सिंह पांच अप्रैल 2017 में कटारिया चौक के पास बिजली मीटर की चैकिंग कर रहे थे। इसी दौरान कटारिया चौक के पास गुलनाज के संजय ग्राम में स्थित बिजली के मीटर में लगी सील के साथ छेड़छाड़ पाई गई। विभाग ने बताया कि जांच के दौरान मीटर में रिमोट कंट्रोल स्विच के साथ ही मीटर में लगा रीडिंग काउंटर कवर भी गायब था। पांच अप्रैल 2017 से 11 जुलाई 2017 तक बिजली मीटर विभाग के पास जब्त रहा। इसके बाद उसी साल 19 जुलाई को विभाग ने 2.17 लाख का जुर्माना उपभोक्ता को भेज दिया। उपभोक्ता ने जुर्माना राशि नहीं भरी तो विभाग ने 28 जुलाई 2017 में पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने उसी साल 31 अक्तूबर को युवती को गिरफ्तार कर लिया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने माना की बिजली चोरी के मामले में विभाग को 24 घंटे में संबंधित पुलिस थाना में मामला दर्ज कराना होता है। विभाग ने करीब तीन महीने बाद उपभोक्ता के पास जुर्माना राशि का नोटिस भेजा। इसके बाद पुलिस को इसकी शिकायत दी गई। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि विभाग ने उपभोक्ता के दो साल के बिजली बिल के रिकॉर्ड की भी जांच नहीं की। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी गुलनाज को बिजली चोरी के मामले से बरी कर दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला अदालत ने छह साल पुराने बिजली चोरी के मामले में उपभोक्ता को बरी कर दिया है। 2017 में बिजली विभाग ने संजय ग्राम में बिजली चोरी के मामले में युवती को 2.17 लाख रुपये का जुर्माना भरने के लिए नोटिस दिया था। इसके बाद विभाग ने युवती के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसके बाद युवती को गिरफ्तार कर लिया गया था। अतिरिक्त सत्र व न्यायाधीश डीएन भारद्वाज की अदालत ने उपभोक्ता को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के विजिलेंस के एसडीओ जोगिंदर सिंह पांच अप्रैल 2017 में कटारिया चौक के पास बिजली मीटर की चैकिंग कर रहे थे। इसी दौरान कटारिया चौक के पास गुलनाज के संजय ग्राम में स्थित बिजली के मीटर में लगी सील के साथ छेड़छाड़ पाई गई। विभाग ने बताया कि जांच के दौरान मीटर में रिमोट कंट्रोल स्विच के साथ ही मीटर में लगा रीडिंग काउंटर कवर भी गायब था। पांच अप्रैल 2017 से 11 जुलाई 2017 तक बिजली मीटर विभाग के पास जब्त रहा। इसके बाद उसी साल 19 जुलाई को विभाग ने 2.17 लाख का जुर्माना उपभोक्ता को भेज दिया। उपभोक्ता ने जुर्माना राशि नहीं भरी तो विभाग ने 28 जुलाई 2017 में पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने उसी साल 31 अक्तूबर को युवती को गिरफ्तार कर लिया।
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सुनवाई के दौरान अदालत ने माना की बिजली चोरी के मामले में विभाग को 24 घंटे में संबंधित पुलिस थाना में मामला दर्ज कराना होता है। विभाग ने करीब तीन महीने बाद उपभोक्ता के पास जुर्माना राशि का नोटिस भेजा। इसके बाद पुलिस को इसकी शिकायत दी गई। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि विभाग ने उपभोक्ता के दो साल के बिजली बिल के रिकॉर्ड की भी जांच नहीं की। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी गुलनाज को बिजली चोरी के मामले से बरी कर दिया।
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