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Gurugram News: एसी में खराबी के साक्ष्य नहीं दे सकी शिकायतकर्ता, पुनर्विचार याचिका भी खारिज
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। छह एसी में तकनीकी खराबी और सेवा में कमी के पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर पाने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने शिकायतकर्ता की पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी। आयोग ने स्पष्ट किया कि पूर्व में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही फैसला सुनाया गया था और आदेश में कोई प्रत्यक्ष त्रुटि नहीं मिली है। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने की।
नोएडा के सेक्टर-108 निवासी जोया सैन गुप्ता ने इलेक्ट्रॉनिक पैराडाइज प्राइवेट लिमिटेड से छह एसी 2.18 लाख रुपये में खरीदे थे। 30 मई 2023 को एसी लगाने में 60,963 रुपये खर्च हुए। शिकायतकर्ता का आरोप था कि एसी लगने के कुछ समय बाद ही उनमें तेज आवाज आने लगी और कूलिंग की समस्या पैदा हो गई। कई बार शिकायत के बाद कंपनी के प्रतिनिधि ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर कर एसी की कीमत ब्याज सहित वापस करने के साथ मानसिक संताप के लिए पांच लाख और वाद व्यय के रूप में दो लाख रुपये दिलाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि एसी की इनवाइस किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर थी और शिकायतकर्ता के पक्ष में कोई प्राधिकरण-पत्र भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके अलावा एसी में खराबी, निर्माण दोष या सेवा में कमी साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया गया। इस आधार पर आयोग ने 4 जून 2026 को वाद खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ जोया सैन गुप्ता ने 1 सितंबर को पुनर्विचार याचिका दायर की। आयोग ने मूल अभिलेखों की दोबारा जांच की, लेकिन पूर्व आदेश में कोई स्पष्ट गलती नहीं पाई। इसके चलते पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी गई।
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ग्रेटर नोएडा। छह एसी में तकनीकी खराबी और सेवा में कमी के पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर पाने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने शिकायतकर्ता की पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी। आयोग ने स्पष्ट किया कि पूर्व में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही फैसला सुनाया गया था और आदेश में कोई प्रत्यक्ष त्रुटि नहीं मिली है। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने की।
नोएडा के सेक्टर-108 निवासी जोया सैन गुप्ता ने इलेक्ट्रॉनिक पैराडाइज प्राइवेट लिमिटेड से छह एसी 2.18 लाख रुपये में खरीदे थे। 30 मई 2023 को एसी लगाने में 60,963 रुपये खर्च हुए। शिकायतकर्ता का आरोप था कि एसी लगने के कुछ समय बाद ही उनमें तेज आवाज आने लगी और कूलिंग की समस्या पैदा हो गई। कई बार शिकायत के बाद कंपनी के प्रतिनिधि ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर कर एसी की कीमत ब्याज सहित वापस करने के साथ मानसिक संताप के लिए पांच लाख और वाद व्यय के रूप में दो लाख रुपये दिलाने की मांग की।
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सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि एसी की इनवाइस किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर थी और शिकायतकर्ता के पक्ष में कोई प्राधिकरण-पत्र भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके अलावा एसी में खराबी, निर्माण दोष या सेवा में कमी साबित करने के लिए कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया गया। इस आधार पर आयोग ने 4 जून 2026 को वाद खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ जोया सैन गुप्ता ने 1 सितंबर को पुनर्विचार याचिका दायर की। आयोग ने मूल अभिलेखों की दोबारा जांच की, लेकिन पूर्व आदेश में कोई स्पष्ट गलती नहीं पाई। इसके चलते पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी गई।
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