Gurugram: पूर्व एसएचओ सतेंद्र कुमार को किया सस्पेंड, चार साल बाद गोलगप्पे वाले अनिल को मिला सीएम से न्याय
सीएम मनोहर लाल ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे ऐंठने के मामले में उचित कार्रवाई न करने वाले पूर्व एसएचओ सतेंद्र को सस्पेंड करने का आदेश दिया है।
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सोहना में गोलगप्पे, टिक्की बेचने वाले अनिल सैनी को चार साल बाद रविवार को मुख्यमंत्री से न्याय मिल ही गया। अनिल सैनी ने बताया कि मामला 2018 का है जब प्रदेश में डी ग्रुप की भर्ती होनी थी। इसी दौरान रघुराज निवासी दमदमा उनकी रेहड़ी पर आया और गोलगप्पे खाने के दौरान उसने अनिल से नौकरी लगवाने की बात कही।
झांसे में लेकर उसने कहा कि पीएमओ हाउस में मेरे मिलने वाले हैं जो आपके साले गौरव की पत्नी को नौकरी पर लगवा देंगे। उसने 10 लाख रुपये में काम होने की बात कही। मैने मना किया कि मेरे पर पैसे नही हैं लेकिन जैसे-तैसे डेढ़ लाख रुपए उसके घर पर दे दिए और कुछ दिन बाद दिल्ली चलने के लिए कहा। कुछ दिन बाद गाड़ी में बैठा कर दिल्ली चले गए जहां सांसद मनोज तिवारी की कोठी के सामने दो लोग मिलते हैं जो हमें होटल में ले गए। वहां उन्होंने आपस में बात की और अंदर जाकर अधिकारियों से बात पक्की करने की बात करने की बात कही। 20 दिन बाद फोन आया और दो लाख रुपये की और मांग की। इस पर अनिल ने कहा कि वह दो लाख रुपये नहीं दे सकता। इस पर आरोपियों ने कहा कि दो लाख रुपये नहीं दिए तो नौकरी लगना मुश्किल है।
झांसे में फंसे अनिल ने अपनी पत्नी का मंगलसूत्र और गहने गिरवी रखकर जैसे-जसे दो लाख रुपये जुटाए उन्हें दे दिए। इस तरह आरोपी धीरे-धीरे पांच लाख रुपये ले लिए। जब कुछ दिन बाद डी ग्रुप का रिजल्ट आया तो उसमें उनके अभ्यर्थियों का कोई नाम तक नहीं था। इस पर पीड़ित के होश उड़ गए। उसने आरोपियों से पैसे मांगे तो वह उसे धमकी देने लगा। पैसों के लिए बहुत हाथ पैर जोड़े, मिन्नतें की और तीन साल निकल गए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इस पर 6 जुलाई 2021 को सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत एडिशनल थाना प्रभारी सदर थाना सोहना सतेंद्र के पास गई और उन्होंने मिलने के लिए बुलाया और उससे बयान दर्ज कराने के लिए कहा। पीड़ित ने कहा कि जो शिकायत उसने दर्ज कराई है वही उसका बयान है लेकिन उन्होंने मुझसे कंप्लेंट के सभी दस्तावेज अपने पास रख लिए और तोड़ मरोड़कर बयान दर्ज कर लिए। इससे पीड़ित सहमत नहीं था लेकिन जैसे तैसे उन्होंने खाते में एक से डेढ़ लाख रुपए डलवा दिए लेकिन पूरे पैसे नहीं दिए। बाद में पीड़ित ने सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई।
अनिल को एसडीएम कार्यालय से फोन आया और सुबह 11 बजे गुरुग्राम ग्रीवेंस में पहुंचने के लिए कहा। इसको लेकर मुख्यमंत्री ने मेरी शिकायत को सुना बहुत अच्छी तरह से ध्यान दिया और तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। थाना प्रभारी को सस्पेंड कर अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए और मुझे मुख्यमंत्री से न्याय मिला। मालूम हो कि अनिल ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि उसको रघुराज, आकिब व पन्नालाल ने पीएमओ का हवाला देकर नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपए हड़पे और धोखाधड़ी की।