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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और साइबर सेल की टीम ने फर्जी कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़
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गुरुग्राम। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते व साइबर सेल की टीम ने सेक्टर-74 स्थित डीएलएफ कॉर्पोरेट ग्रींस के टावर संख्या 1 में संचालित फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। कॉल सेंटर इमारत की चौथी मंजिल पर चल रहा था। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने जब कॉल सेंटर के बारे में वैध दस्तावेज मांगे तो मौके पर मौजूद प्रबंधन के लोग कोई भी कागजात नहीं दिखा सके। इस मामले मेें पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को विश्वस्त सूत्रों से सेक्टर-74 इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली थी। इसकी सूचना टीम ने तुरंत साइबर सेल को दी। इसी के बाद संयुक्त रूप से एक टीम का गठन किया गया। यह टीम पूरी तैयारी के साथ सेक्टर-74 इलाके में स्थित डीएलएफ कॉर्पोरेट ग्रींस टावर की चौथी मंजिल के कमरा संख्या 406 में पहुंची। वहां पर टीम ने देखा कि 12 लड़के व 4 लड़कियां हेडफोन लगाकर अंग्रेजी में बात कर रहे थे।
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अमेरिकी नागरिकों से करते थे ठगी
इसके बाद टीम ने मौके पर कॉल सेंटर प्रबंधन में शामिल लोगों के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि गुरजंट सिंह, सलमान शेख व मनप्रीत सिंह फिलहाल कॉल सेंटर का काम देख रहे थे। इनसे टीम ने जब कॉल सेंटर के बारे में वैध दस्तावेज मांगे तो वह कोई कागजात नहीं दिखा सके। टीम ने जब इनसे सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी अपनी कॉलिंग टीम के साथ मिलकर अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।
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ऐसे करते थे ठगी
इसके लिए आरोपी पॉपअप के जरिए लिंक भेजते थे और गिफ्ट कार्ड व बीटीसी के माध्यम से ठगी करते थे। टीम ने आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क, 5 मोबाइल फोन व कॉल सेंटर के कर्मचारियों द्वारा प्रयोग की जाने वाली स्क्रिप्ट के 4 पेज बरामद किए हैं। अब पुलिस को कॉल सेंटर के असली मालिक शेरी मान उर्फ राणा, साजन, साहिल बक्शी व विराज की तलाश है।
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पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को विश्वस्त सूत्रों से सेक्टर-74 इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली थी। इसकी सूचना टीम ने तुरंत साइबर सेल को दी। इसी के बाद संयुक्त रूप से एक टीम का गठन किया गया। यह टीम पूरी तैयारी के साथ सेक्टर-74 इलाके में स्थित डीएलएफ कॉर्पोरेट ग्रींस टावर की चौथी मंजिल के कमरा संख्या 406 में पहुंची। वहां पर टीम ने देखा कि 12 लड़के व 4 लड़कियां हेडफोन लगाकर अंग्रेजी में बात कर रहे थे।
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अमेरिकी नागरिकों से करते थे ठगी
इसके बाद टीम ने मौके पर कॉल सेंटर प्रबंधन में शामिल लोगों के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि गुरजंट सिंह, सलमान शेख व मनप्रीत सिंह फिलहाल कॉल सेंटर का काम देख रहे थे। इनसे टीम ने जब कॉल सेंटर के बारे में वैध दस्तावेज मांगे तो वह कोई कागजात नहीं दिखा सके। टीम ने जब इनसे सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी अपनी कॉलिंग टीम के साथ मिलकर अमेरिकी नागरिकों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।
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ऐसे करते थे ठगी
इसके लिए आरोपी पॉपअप के जरिए लिंक भेजते थे और गिफ्ट कार्ड व बीटीसी के माध्यम से ठगी करते थे। टीम ने आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क, 5 मोबाइल फोन व कॉल सेंटर के कर्मचारियों द्वारा प्रयोग की जाने वाली स्क्रिप्ट के 4 पेज बरामद किए हैं। अब पुलिस को कॉल सेंटर के असली मालिक शेरी मान उर्फ राणा, साजन, साहिल बक्शी व विराज की तलाश है।