{"_id":"61b4e749c9b5610a0027165a","slug":"chambers-and-public-facilities-are-the-issue-for-all-gurgaon-news-noi620784819","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी के लिए चैंबर और जनसुविधाएं हैं मुद्दा..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी के लिए चैंबर और जनसुविधाएं हैं मुद्दा..
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुग्राम। जिला बार एसोसिएशन में 7400 अधिवक्ताओं का पंजीकरण है। इसमें से सिर्फ 4300 ही 17 दिसंबर को बार के चुनाव में मतदान में भाग लेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार यही वह अधिवक्ता हैं जो नियमित गुरुग्राम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं। इनमें से 100 महिला अधिवक्ता भी मतदाता हैं। चुनाव में मुद्दों की बात करें तो अधिवक्ताओं की संख्या के मुताबिक चैंबर उपलब्ध न होना यहां बड़ी समस्या है। इसके अलावा महिला अधिवक्ताओं ने भी सुरक्षा और महिला बार रूम में स्वच्छता व जन सुविधाओं की बेहतरी को प्रमुख मुद्दा बताया है।
अधिवक्ता नैंसी ने बताया कि छह बजे के बाद कोर्ट परिसर में अंधेरा छा जाता है। कोर्ट परिसर में प्रवेश के लिए सुरक्षा की प्रक्रिया का पालन होना चाहिए जो नहीं हो रहा है। महिला बार रूम में भी सुविधाओं में विस्तार की आवश्यकता है। वहीं अधिवक्ता गजेंद्र तंवर ने बताया कि यहां प्रत्येक वर्ष 600 नए अधिवक्ता पंजीकृत होते हैं। मौजूदा समय में लगभग 700 चैंबर हैं। जबकि 2500 और आवश्यकता है। अभी बहुत से अधिवक्ताओं को केबिन दे रखे हैं। इस तरह अधिवक्ताओं के चैंबर बड़ी समस्या है, जिसके समाधान की जरूरत है।
अगर किसी महिला अधिवक्ता को कोई समस्या आई है तो वह महिला प्रतिनिधि से सहज रूप से शिकायत कह सकेगी। अब महिला अधिवक्ताओं के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव भी आ रहा है
विज्ञापन
- अंजू कुमारी, अधिवक्ता
चुनाव में महिला अधिवक्ता भी प्रत्याशी हैं। यह अच्छा संकेत है। महिला अधिवक्ता कम से कम अपनी बात अपने प्रतिनिधि से सहजता के साथ कह सकेंगी। बार में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए
- कविता मेंदीरत्ता, अधिवक्ता
युवा अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन दिए जाने की जरूरत है। उन्हें अच्छा मार्गदर्शन और कार्य अनुभव मिले तो वह भविष्य में बेहतर से बेहतर कानूनी सेवाएं दे सकेंगे
- गौरव यादव, अधिवक्ता
विज्ञापन
अधिवक्ता नैंसी ने बताया कि छह बजे के बाद कोर्ट परिसर में अंधेरा छा जाता है। कोर्ट परिसर में प्रवेश के लिए सुरक्षा की प्रक्रिया का पालन होना चाहिए जो नहीं हो रहा है। महिला बार रूम में भी सुविधाओं में विस्तार की आवश्यकता है। वहीं अधिवक्ता गजेंद्र तंवर ने बताया कि यहां प्रत्येक वर्ष 600 नए अधिवक्ता पंजीकृत होते हैं। मौजूदा समय में लगभग 700 चैंबर हैं। जबकि 2500 और आवश्यकता है। अभी बहुत से अधिवक्ताओं को केबिन दे रखे हैं। इस तरह अधिवक्ताओं के चैंबर बड़ी समस्या है, जिसके समाधान की जरूरत है।
विज्ञापन
अगर किसी महिला अधिवक्ता को कोई समस्या आई है तो वह महिला प्रतिनिधि से सहज रूप से शिकायत कह सकेगी। अब महिला अधिवक्ताओं के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव भी आ रहा है
विज्ञापन
- अंजू कुमारी, अधिवक्ता
चुनाव में महिला अधिवक्ता भी प्रत्याशी हैं। यह अच्छा संकेत है। महिला अधिवक्ता कम से कम अपनी बात अपने प्रतिनिधि से सहजता के साथ कह सकेंगी। बार में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए
- कविता मेंदीरत्ता, अधिवक्ता
युवा अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन दिए जाने की जरूरत है। उन्हें अच्छा मार्गदर्शन और कार्य अनुभव मिले तो वह भविष्य में बेहतर से बेहतर कानूनी सेवाएं दे सकेंगे
- गौरव यादव, अधिवक्ता