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38 स्थानों पर सेंट्रलाइज वाटर मैनेजमेंट सिस्टम लागू
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गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) के इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम से नए गुरुग्राम शहर के 38 स्थानों पर सेंट्रलाइज वाटर मैनेजमेंट सिस्टम को लागू कर दिया है। फिलहाल ये स्थान पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत चयनित किए गए हैं। छह महीने तक इनका ट्रायल सफल होने के बाद इसको पूरे शहर के लिए लागू कर दिया जाएगा।
इस सिस्टम से कंट्रोल रूम पर यह जानकारी हो सकेगी कि किन स्थानों पर कट लगाकर अवैध रूप से पानी लिया जा रहा है। इन अवैध कनेक्शन की जानकारी होने पर अथॉरिटी की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा किन स्थानों पर पीने के पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही है या फिर कम प्रेशर के साथ पानी का सप्लाई हो रहा है। इस जानकारी के लिए जीएमडीए कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जा चुका है। धीरे-धीरे अन्य स्थानों को भी इसमें शामिल किया जाएंगे।
स्ट्रीट लाइट को भी सेंसर से कनेक्ट कर दिया है। यहां स्थापित कंट्रोल के माध्यम से जिन इलाकों की स्ट्रीट लाइट खराब है। उसकी जानकारी अलर्ट सिस्टम के माध्यम से कंट्रोल को होने पर सही करा दिया जाता है। स्ट्रीट लाइट की यह व्यवस्था गुरुग्राम और मानेसर के अधिकांश इलाकों में लागू कर दी गई है। नगर निगम की स्वच्छता मिशन के अंतर्गत शहर में कूड़े उठाने के लिए लगाई गई गाड़ियों की लोकेशन भी इस कंट्रोल सिस्टम अलर्ट में रहती हैं। जिसके माध्यम से यह पता चल जाता है कि कौन-कौन से इलाकों में कूड़ा उठाने के लिए वाहन नहीं पहुंचे हैं।
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सिटीजन कॉल सेंटर में रोजाना आ रहीं हैं 300 शिकायतें
इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम के टोल फ्री नंबर 18001801817 पर शहर के काफी लोगों की शिकायतें आ रहीं हैं। इस सेंटर पर नगर निगम, हुडा, प्रशासन, पुलिस तथा अन्य विभागों की जो भी शिकायतें मिलती हैं। उन्हें ऑन लाइन एडवांस सिस्टम के माध्यम से विभागों को समाधान कराने के लिए भिजवा दिया जाता है।
पीसीआर की लोकेशन भी है कंट्रोल सिस्टम में
शहर के अंदर संबंधित थानों क्षेत्रों में लगी पीसीआर हैं या फिर वह दूसरे स्थानों पर हैं। उनकी जानकारी उन पीसीआर में लगे जीपीआरएस सिस्टम के माध्यम से ट्रेस की जा रहीं हैं। जिन्हें आवश्यकता के अनुसार पुलिस अफसरों को उपलब्ध कराया जा रहा है।
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इस सिस्टम से कंट्रोल रूम पर यह जानकारी हो सकेगी कि किन स्थानों पर कट लगाकर अवैध रूप से पानी लिया जा रहा है। इन अवैध कनेक्शन की जानकारी होने पर अथॉरिटी की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा किन स्थानों पर पीने के पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही है या फिर कम प्रेशर के साथ पानी का सप्लाई हो रहा है। इस जानकारी के लिए जीएमडीए कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जा चुका है। धीरे-धीरे अन्य स्थानों को भी इसमें शामिल किया जाएंगे।
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स्ट्रीट लाइट को भी सेंसर से कनेक्ट कर दिया है। यहां स्थापित कंट्रोल के माध्यम से जिन इलाकों की स्ट्रीट लाइट खराब है। उसकी जानकारी अलर्ट सिस्टम के माध्यम से कंट्रोल को होने पर सही करा दिया जाता है। स्ट्रीट लाइट की यह व्यवस्था गुरुग्राम और मानेसर के अधिकांश इलाकों में लागू कर दी गई है। नगर निगम की स्वच्छता मिशन के अंतर्गत शहर में कूड़े उठाने के लिए लगाई गई गाड़ियों की लोकेशन भी इस कंट्रोल सिस्टम अलर्ट में रहती हैं। जिसके माध्यम से यह पता चल जाता है कि कौन-कौन से इलाकों में कूड़ा उठाने के लिए वाहन नहीं पहुंचे हैं।
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सिटीजन कॉल सेंटर में रोजाना आ रहीं हैं 300 शिकायतें
इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम के टोल फ्री नंबर 18001801817 पर शहर के काफी लोगों की शिकायतें आ रहीं हैं। इस सेंटर पर नगर निगम, हुडा, प्रशासन, पुलिस तथा अन्य विभागों की जो भी शिकायतें मिलती हैं। उन्हें ऑन लाइन एडवांस सिस्टम के माध्यम से विभागों को समाधान कराने के लिए भिजवा दिया जाता है।
पीसीआर की लोकेशन भी है कंट्रोल सिस्टम में
शहर के अंदर संबंधित थानों क्षेत्रों में लगी पीसीआर हैं या फिर वह दूसरे स्थानों पर हैं। उनकी जानकारी उन पीसीआर में लगे जीपीआरएस सिस्टम के माध्यम से ट्रेस की जा रहीं हैं। जिन्हें आवश्यकता के अनुसार पुलिस अफसरों को उपलब्ध कराया जा रहा है।