Eye Flu: आंखें क्यों हो रहीं लाल?, सबसे ज्यादा पीड़ित नौनिहाल; इन बातों का रखें ख्याल ताकि सुरक्षित रहें चक्षु
Eye Flu: डॉ. अंजू ने बताया कि बारिश के गंदे पानी में नहाने या फिर लंबे समय तक पसीने में काम करने से आंखों में इंफेक्शन की समस्या हो जाती है। इसके अलावा आई फ्लू से पीड़ित लोगों के साथ हाथ मिलाने और गंदे हाथों से आंखों को छूने से भी आंखों में इंफेक्शन हो सकता है।
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बाढ़ और बारिश से अभी जनपदवासियों को अभी पूरी तरह से राहत भी नहीं मिली है। तब तक आई फ्लू ने बड़ी तेजी से अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। रोजाना नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में लगातार हो रही बढोत्तरी इसकी गवाह है। गुरुग्राम के नागरिक अस्पताल की ओपीडी में 200 से 250 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। इनमें से 70 फीसदी मरीज आई फ्लू की चपेट में आकर परामर्श लेने के लिए पहुंच रहे हैं। आई फ्लू के इन मरीजों की संख्या में भी 40 से 50 फीसदी बच्चों की संख्या है।
नागरिक अस्पताल की नेत्र सर्जन डॉ. अंजु कटियार ने बताया कि आई फ्लू एक बीमारी है जो आंखों को बेहद तकलीफ देती है। इसे वायरल कंजक्टिविटी कहते हैं। यह कॉमन इन्फेक्शन है, जिसकी चपेट में कभी न कभी हर इंसान आता है। इस मौसम में कंजक्टिवाइटिस से ग्रसित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। परिवार में कोई सदस्य संक्रमित है तो उसे तीन से चार दिनों के लिए आईसोलेट करें।
आई फ्लू फैलने का कारण
डॉ. अंजू ने बताया कि बारिश के गंदे पानी में नहाने या फिर लंबे समय तक पसीने में काम करने से आंखों में इंफेक्शन की समस्या हो जाती है। इसके अलावा आई फ्लू से पीड़ित लोगों के साथ हाथ मिलाने और गंदे हाथों से आंखों को छूने से भी आंखों में इंफेक्शन हो सकता है। आप अगर आई फ्लू से पीड़ित व्यक्ति के कपड़े यूज करते हैं तो भी आई फ्लू होने की आशंका बनी रहती है।
नवजात शिशु में भी हो सकता है आई फ्लू
नवजात शिशु में डिलीवरी के पांच से 12 दिनों तक ही यह बैक्टीरियल कंजक्टिविटी यानी आई फ्लू नजर आता है। नवजात शिशुओं में भी आई फ्लू इन्फेक्शन का कारण यही बैक्टीरिया होते हैं। जिसमें बच्चे की आंख गुलाबी होकर उसमें जलन होने लगती है या आंसू बहते हैं।
- आंखों का लाल होना
- आंखों में सफेद रंग का कीचड़ दिखाई देना
- आंखों से पानी बहना
- आंखों में सूजन
- आंखों में दर्द
- आंखों में खुजली
- पीड़ित व्यक्ति काला चश्मा पहनकर रखे
- टीवी या मोबाइल देखने से बचें
- आंखों को बार-बार छूने से बचें
- आंखों को छूने के बाद साबुन से हाथ जरूर धो लें।
- आई इन्फेक्शन से बचने के लिए बारिश में भीगने से
| दिनांक | मरीजों की संख्या |
| 23 जुलाई 2023 | 156 |
| 24 जुलाई 2023 | 140 |
| 25 जुलाई 2023 | 169 |
| 26 जुलाई 2023 | 149 |
| 27 जुलाई 2023 | 180 |
| 28 जुलाई 2023 | 179 |
| 29 जुलाई 2023 | 145 |
नेत्र रोग विभाग में लगभग 200 से 250 मरीज पहुंच रहे है जिनमें से 70 फीसदी आई फ्लू की चपेट में आने से परामर्श लेने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से भी 40 से 50 फीसदी बच्चे हैं। आई फ्लू होने पर डॉक्टरों के परामर्श से उचित सलाह लेकर दवा लें। - डॉ. अंजू कटियार, नेत्र सर्जन नागरिक अस्पताल