{"_id":"6817a584f4db540bbe04d788","slug":"case-filed-against-eight-teachers-in-jbt-teacher-suicide-case-gurgaon-news-c-25-1-mwt1002-103027-2025-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: जेबीटी शिक्षक सुसाइड मामले में आठ शिक्षकों पर केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: जेबीटी शिक्षक सुसाइड मामले में आठ शिक्षकों पर केस दर्ज
विज्ञापन
स्कूल में लंबे समय से चल रहा था उत्पीड़न, आरोपी अभी भी गिरफ्त से बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। खोरी खुर्द गांव के सरकारी स्कूल में कार्यरत जेबीटी शिक्षक जयपाल द्वारा स्कूल समय के दौरान जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो महिला शिक्षिकाओं सहित कुल आठ स्कूल स्टाफ के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
तीन मई को ड्यूटी के दौरान जयपाल ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में भिवाड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जयपाल को अस्पताल पहुंचाने वाले स्कूल स्टाफ के दो सदस्य महेंद्र पीटीआई और कंवर सिंह मृत्यु की खबर मिलते ही अस्पताल से चुपचाप भाग गए।
जयपाल के छोटे भाई कृष्ण कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना से कुछ समय पहले जयपाल ने परिवार को एक व्हाट्सएप संदेश भेजा, जिसमें उसने स्कूल स्टाफ द्वारा मानसिक उत्पीड़न का जिक्र किया था। इस सुसाइड नोट में उसने साफ तौर पर सुमन शर्मा, स्कूल प्रिंसिपल जितेंद्र दलाल, महेंद्र सिंह (पीटीआई), रमेश गेरा, कंवर सिंह, अजीत (हिसार), अजीत (रेवाड़ी) और संतोष मैडम को जिम्मेदार ठहराया था। यह सुसाइड नोट स्कूल के एक व्हाट्सएप ग्रुप में भी वायरल हुआ, जिससे स्कूल प्रशासन को इस गंभीर मानसिक स्थिति की जानकारी मिल चुकी थी, फिर भी किसी ने संज्ञान नहीं लिया। परिजनों का आरोप है कि अगर स्कूल प्रशासन समय रहते जयपाल की मानसिक स्थिति को गंभीरता से लेता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। जयपाल ने अपने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद न तो उसे राहत मिली और न ही उसका स्थानांतरण किया गया। मृतक के परिवार में उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। जयपाल ने एक अन्य सुसाइड नोट अपने परिजनों के नाम भी छोड़ा है, जिसमें उसने अपनी कुछ संपत्ति के वितरण का जिक्र किया है। यह पत्र पुलिस ने जांच के लिए जब्त कर लिया है।
विज्ञापन
तावडू सदर थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। मामले की जांच के लिए क्राइम टीम को भी लगाया गया है। शिक्षक के मोबाइल और व्हाट्सएप डाटा को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या से पहले वह किन हालात से गुजर रहा था।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। खोरी खुर्द गांव के सरकारी स्कूल में कार्यरत जेबीटी शिक्षक जयपाल द्वारा स्कूल समय के दौरान जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो महिला शिक्षिकाओं सहित कुल आठ स्कूल स्टाफ के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
तीन मई को ड्यूटी के दौरान जयपाल ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में भिवाड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जयपाल को अस्पताल पहुंचाने वाले स्कूल स्टाफ के दो सदस्य महेंद्र पीटीआई और कंवर सिंह मृत्यु की खबर मिलते ही अस्पताल से चुपचाप भाग गए।
विज्ञापन
जयपाल के छोटे भाई कृष्ण कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि घटना से कुछ समय पहले जयपाल ने परिवार को एक व्हाट्सएप संदेश भेजा, जिसमें उसने स्कूल स्टाफ द्वारा मानसिक उत्पीड़न का जिक्र किया था। इस सुसाइड नोट में उसने साफ तौर पर सुमन शर्मा, स्कूल प्रिंसिपल जितेंद्र दलाल, महेंद्र सिंह (पीटीआई), रमेश गेरा, कंवर सिंह, अजीत (हिसार), अजीत (रेवाड़ी) और संतोष मैडम को जिम्मेदार ठहराया था। यह सुसाइड नोट स्कूल के एक व्हाट्सएप ग्रुप में भी वायरल हुआ, जिससे स्कूल प्रशासन को इस गंभीर मानसिक स्थिति की जानकारी मिल चुकी थी, फिर भी किसी ने संज्ञान नहीं लिया। परिजनों का आरोप है कि अगर स्कूल प्रशासन समय रहते जयपाल की मानसिक स्थिति को गंभीरता से लेता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। जयपाल ने अपने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद न तो उसे राहत मिली और न ही उसका स्थानांतरण किया गया। मृतक के परिवार में उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। जयपाल ने एक अन्य सुसाइड नोट अपने परिजनों के नाम भी छोड़ा है, जिसमें उसने अपनी कुछ संपत्ति के वितरण का जिक्र किया है। यह पत्र पुलिस ने जांच के लिए जब्त कर लिया है।
विज्ञापन
तावडू सदर थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। मामले की जांच के लिए क्राइम टीम को भी लगाया गया है। शिक्षक के मोबाइल और व्हाट्सएप डाटा को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या से पहले वह किन हालात से गुजर रहा था।