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Gurugram News: फर्जी ग्रांट वितरण में पूर्व मंत्री और बहन समेत 7 पर केस

Fri, 30 May 2025 12:20 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 30 May 2025 12:20 AM IST
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Case filed against 7 people including former minister and his sister for distributing fake grants
अमर उजाला ब्यूरो
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गुरुग्राम। फर्जी ग्रांट वितरण मामले में अदालत के आदेश पर पुलिस ने प्रदेश के पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया और उनकी बहन सहित सात अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने पहले कटारिया को क्लीन चिट दे दी थी और एक कार्रवाई रिपोर्ट दायर की थी। अदालत ने इसे नजरअंदाज करते हुए आदेश दिया कि मामले की कानून के अनुसार जांच की जाएगी। वहीं, आगामी 7 जुलाई तक पुलिस से अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।
गुरुग्राम निवासी ओम प्रकाश की याचिका पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार ने सेक्टर-5 पुलिस स्टेशन के एसएचओ को आईपीसी की धारा 403 (संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग), 405 (आपराधिक विश्वासघात), 409 (लोक सेवकों द्वारा आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के लागू प्रावधानों के तहत कटारिया के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिए थे। कटारिया गुरुग्राम से कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मंत्री थे।
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याचिकाकर्ता ओमप्रकाश कटारिया ने बताया कि ग्रांट में दिया गया ये धन आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए घरों के निर्माण या मरम्मत के लिए इस्तेमाल किया जाना था, लेकिन ग्रांट उनकी बहन और एक रिश्तेदार को चली गई। कमलेश ने कथित तौर पर मंत्री से 3.8 लाख रुपये की दो ग्रांट प्राप्त की थी। जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनमें पूर्व मंत्री के अलावा राकेश उर्फ गौरव, इशवंती देवी व उसका चचेरा भाई मनीष, कमलेश, जय प्रकाश, सुरेंद्र सिंह और ब्रह्मो देवी शामिल हैं।
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हालांकि पुलिस ने जांच के बाद निष्कर्ष निकाला था कि कटारिया पर ऐसे किसी अपराध का आरोप नहीं लगाया जा सकता लेकिन अदालत ने कहा कि सरकारी अनुदान के दुरुपयोग के आरोप विश्वसनीय प्रकृति के थे और एक गहन और निष्पक्ष जांच आवश्यक थी। हरियाणा सरकार में मंत्री होने के नाते सुखबीर कटारिया ने अपनी सगी बहन इशवंती जो एक धनी महिला प्रतीत होती है को धन देना प्रथम दृष्टया विवेकाधीन अनुदान का दुरुपयोग है। जिसे गरीब व्यक्तियों में वितरित किया जाना था।

इसी तरह, शेष आरोपियों को अनुदान जारी करना भी प्रथम दृष्टया अवैध प्रतीत होता है और धारा 403, 405, 409, 420 आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराधों के कमीशन का खुलासा करता है। पुलिस की ओर से प्रस्तुत एटीआर पर सवाल उठाते हुए, अदालत ने कहा कि यह विचार था कि रिपोर्ट स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से तैयार नहीं किया गया था। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार का कहना है कि पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले में आगामी कार्रवाई कर रही है।
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