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Gurugram News: 4.74 करोड़ की लागत से पूरा होगा बाईपास का निर्माण कार्य
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मेडिकल कॉलेज रोड से दिल्ली-अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग वाया खेड़ला गांव के पास जुड़ेगा
-2019 में बन गया था आधा, कुछ कमियों की वजह से लटक गया काम
शेरसिंह डागर
नूंह। तावडू-होडल रोड से नेशनल हाईवे 248ए वाया मेडिकल कॉलेज रोड को जोड़ने वाले अधूरे बाईपास का काम पूरा होगा। पिछले पांच सालों से अधूरे पड़े इस बाईपास को आधिकारिक तौर पर मंजूरी देकर टेंडर जारी कर दिया गया है। यह कार्य 4 करोड़ 74 लाख की लागत से शुरू होगा।
बता दें कि पांच वर्ष पहले नूंह शहर के पश्चिमी से बाईपास की योजना बनी थी। योजना का मकसद होडल- पटौदी मार्ग पर नूंह के सौंख गांव के समीप से बाईपास निकालकर राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली-अलवर मार्ग पर खेड़ला गांव से आगे आईटीआई के समीप जोड़ना है। ताकि होडल-पटौदी मार्ग के वाहन दिल्ली अलवर रोड पर सौंख गांव के समीप से खेड़ला की तरफ जा सकें। वहीं, दिल्ली-अलवर-रोड पर अलवर की तरफ से आने वाले वाहन खेड़ला की तरफ से बाईपास के माध्यम से तावडू साइड में होडल मार्ग पर आसानी से आ जा सकेंगे। लोक निर्माण विभाग की तरफ से 5.65 किलो मीटर लंबे मार्ग का प्रपोजल कई वर्ष पहले बना था। इसके तहत पहले फेस में 2.95 कि मीटर बाईपास की सड़क 2019 में ही बना दी थी। इस पर सरकार का कई करोड़ रुपये खर्च हुआ। यह मार्ग मेडिकल कॉलेज के लिए जाने वाले मार्ग तक ही बना पाया था।
मेडिकल कॉलेज से दिल्ल -अलवर रोड पर आ गई थी दिक्कतें
इस बाईपास को दिल्ली-अलवर मार्ग से जोड़ना है लेकिन, मेडिकल कॉलेज मार्ग से आगे भूमि हस्तांतरण को लेकर कई दिक्कतों के चलते पांच वर्ष से यह मार्ग बन नहीं पा रहा था। पांच वर्ष के दौरान लोनिवि ने भूमि हस्तांतरण की कमियों को दूर करने का काम किया। बताया गया है कि अब भूमि हस्तांतरण हो चुकी है। आगे के बाईपास मार्ग बनने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। जिस पर स्थानीय लोक निर्माण विभाग की तरफ से मार्ग को बनाने के लिए चार करोड़ 74 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है।
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बाईपास बनने से लोगों को मिलेगी राहत
शहर के लोगों ताहिर एडवोकेट, ताहिर हुसैन, मनोज कुमार, सतपाल सिंगला, अनिल कुमार का कहना है कि बाइपास के बनने से शहर में जाम की स्थिति से काफी हद तक निजात मिलेगी। क्योंकि तावडू से आने वाले वाहन अलवर की तरह शहर से पहले ही क्रॉस करके व अलवर से तावडू जाने वाले शहर के बाहर से आ व जा सकेंगे। लोगों का कहना है कि विभाग को इस अधूरे रहे मार्ग को जल्द पूरा करना चाहिए।
भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी करने के बाद टेंडर आमंत्रित किया गया है। टेंडर होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। - सज्जन सिंह, कार्यकारी अभियंता, सड़क एवं लोकनिर्माण विभाग।
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नये साल में 5.25 करोड़ से बनकर तैयार होगा 12 कमरों का भवन
नगीना। राजकीय महाविद्यालय नगीना में 5.25 करोड़ रुपये से 12 कमरों का भवन नए साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसका निर्माण कार्य महाविद्यालय परिसर में तेजी से चल रहा है। इससे महाविद्यालय में पढ़ने वाले 1400 छात्रों को सुविधा मिलेगी। अब तक नए भवन का 25 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले छह महीने में भवन पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। यहां आगामी शैक्षणिक स्तर में कक्षाएं लगाई जा सकेंगी। राजकीय महाविद्यालय के छात्र वसीम खान, जुनैद खान, इमेज खान, संजय कुमार ने बताया कि हमारे महाविद्यालय में छात्रों की संख्या जिले में सबसे ज्यादा है लेकिन सुविधा बैठने तक की नहीं है। रोजाना क्लास लेने के लिए इंतजार करना पड़ता है। गनीमत यह है कि रोजाना काफी छात्र गैर-हाजिर रहते हैं अन्यथा सभी छात्र कॉलेज आए तो आधे से ज्यादा छात्रों को ग्राउंड में बैठना पड़ेगा। छात्रों ने बताया कि कुछ महीने पहले 12 कमरों के नए भवन का निर्माण शुरू हुआ है इन कमरों से पूर्ति नहीं होगी। अभी 15-20 कमरों की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए सरकार को जल्द से जल्द कदम उठाने चाहिए।
छह कमरों में पूरा कॉलेज चल रहा है। अभी 12 कमरे नए बनाए जा रहे हैं। इतने ही कमरे और चाहिए। तब जाकर कॉलेज में पर्याप्त संख्या में विद्यार्थियों के लिए क्लासरूम मिल पाएंगे। उम्मीद है कि नए सत्र से विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी। - जेपी चौहान, कार्यकारी प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय नगीना
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-2019 में बन गया था आधा, कुछ कमियों की वजह से लटक गया काम
शेरसिंह डागर
नूंह। तावडू-होडल रोड से नेशनल हाईवे 248ए वाया मेडिकल कॉलेज रोड को जोड़ने वाले अधूरे बाईपास का काम पूरा होगा। पिछले पांच सालों से अधूरे पड़े इस बाईपास को आधिकारिक तौर पर मंजूरी देकर टेंडर जारी कर दिया गया है। यह कार्य 4 करोड़ 74 लाख की लागत से शुरू होगा।
बता दें कि पांच वर्ष पहले नूंह शहर के पश्चिमी से बाईपास की योजना बनी थी। योजना का मकसद होडल- पटौदी मार्ग पर नूंह के सौंख गांव के समीप से बाईपास निकालकर राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली-अलवर मार्ग पर खेड़ला गांव से आगे आईटीआई के समीप जोड़ना है। ताकि होडल-पटौदी मार्ग के वाहन दिल्ली अलवर रोड पर सौंख गांव के समीप से खेड़ला की तरफ जा सकें। वहीं, दिल्ली-अलवर-रोड पर अलवर की तरफ से आने वाले वाहन खेड़ला की तरफ से बाईपास के माध्यम से तावडू साइड में होडल मार्ग पर आसानी से आ जा सकेंगे। लोक निर्माण विभाग की तरफ से 5.65 किलो मीटर लंबे मार्ग का प्रपोजल कई वर्ष पहले बना था। इसके तहत पहले फेस में 2.95 कि मीटर बाईपास की सड़क 2019 में ही बना दी थी। इस पर सरकार का कई करोड़ रुपये खर्च हुआ। यह मार्ग मेडिकल कॉलेज के लिए जाने वाले मार्ग तक ही बना पाया था।
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मेडिकल कॉलेज से दिल्ल -अलवर रोड पर आ गई थी दिक्कतें
इस बाईपास को दिल्ली-अलवर मार्ग से जोड़ना है लेकिन, मेडिकल कॉलेज मार्ग से आगे भूमि हस्तांतरण को लेकर कई दिक्कतों के चलते पांच वर्ष से यह मार्ग बन नहीं पा रहा था। पांच वर्ष के दौरान लोनिवि ने भूमि हस्तांतरण की कमियों को दूर करने का काम किया। बताया गया है कि अब भूमि हस्तांतरण हो चुकी है। आगे के बाईपास मार्ग बनने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। जिस पर स्थानीय लोक निर्माण विभाग की तरफ से मार्ग को बनाने के लिए चार करोड़ 74 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है।
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बाईपास बनने से लोगों को मिलेगी राहत
शहर के लोगों ताहिर एडवोकेट, ताहिर हुसैन, मनोज कुमार, सतपाल सिंगला, अनिल कुमार का कहना है कि बाइपास के बनने से शहर में जाम की स्थिति से काफी हद तक निजात मिलेगी। क्योंकि तावडू से आने वाले वाहन अलवर की तरह शहर से पहले ही क्रॉस करके व अलवर से तावडू जाने वाले शहर के बाहर से आ व जा सकेंगे। लोगों का कहना है कि विभाग को इस अधूरे रहे मार्ग को जल्द पूरा करना चाहिए।
भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी करने के बाद टेंडर आमंत्रित किया गया है। टेंडर होते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। - सज्जन सिंह, कार्यकारी अभियंता, सड़क एवं लोकनिर्माण विभाग।
नये साल में 5.25 करोड़ से बनकर तैयार होगा 12 कमरों का भवन
नगीना। राजकीय महाविद्यालय नगीना में 5.25 करोड़ रुपये से 12 कमरों का भवन नए साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसका निर्माण कार्य महाविद्यालय परिसर में तेजी से चल रहा है। इससे महाविद्यालय में पढ़ने वाले 1400 छात्रों को सुविधा मिलेगी। अब तक नए भवन का 25 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले छह महीने में भवन पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। यहां आगामी शैक्षणिक स्तर में कक्षाएं लगाई जा सकेंगी। राजकीय महाविद्यालय के छात्र वसीम खान, जुनैद खान, इमेज खान, संजय कुमार ने बताया कि हमारे महाविद्यालय में छात्रों की संख्या जिले में सबसे ज्यादा है लेकिन सुविधा बैठने तक की नहीं है। रोजाना क्लास लेने के लिए इंतजार करना पड़ता है। गनीमत यह है कि रोजाना काफी छात्र गैर-हाजिर रहते हैं अन्यथा सभी छात्र कॉलेज आए तो आधे से ज्यादा छात्रों को ग्राउंड में बैठना पड़ेगा। छात्रों ने बताया कि कुछ महीने पहले 12 कमरों के नए भवन का निर्माण शुरू हुआ है इन कमरों से पूर्ति नहीं होगी। अभी 15-20 कमरों की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए सरकार को जल्द से जल्द कदम उठाने चाहिए।
छह कमरों में पूरा कॉलेज चल रहा है। अभी 12 कमरे नए बनाए जा रहे हैं। इतने ही कमरे और चाहिए। तब जाकर कॉलेज में पर्याप्त संख्या में विद्यार्थियों के लिए क्लासरूम मिल पाएंगे। उम्मीद है कि नए सत्र से विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी। - जेपी चौहान, कार्यकारी प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय नगीना