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Gurugram News: सुपरटेक बिल्डर के खिलाफ खरीदारों का प्रदर्शन, पैसा वापस मांगा

Thu, 06 Jul 2023 06:33 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jul 2023 06:33 PM IST
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Buyers protest against Supertech builder, demand money back
सेक्टर-14 स्थित जिला नगर योजनाकार कार्यालय पहुंचे, अपनी मांगें रखीं
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बिल्डर के अलग-अलग आठ प्रोजेक्ट में दस साल बाद भी मकान नहीं मिले


अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में सुपरटेक बिल्डर के चल रहे अलग-अलग आठ प्रोजेक्ट में दस साल बाद भी मकान नहीं मिलने पर आवंटी बृहस्पतिवार को जिला नगर योजनाकार कार्यालय पहुंचे। यहां पर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जल्द से जल्द पैसा वापस करवाने की मांग की। इन प्रोजेक्ट में चार हजार से अधिक आवंटियों का पैसा फंसा हुआ है।
सेक्टर-68 स्थित सुपरटेक ह्यूज प्रोजेक्ट में 24 टावर हैं और इनमें करीब 700 फ्लैट हैं। प्रोजेक्ट में सिर्फ चार टावर बने हैं, बाकी के 20 टावर पर काम भी शुरू नहीं हुआ है। यह प्रोजेक्ट 2013 में शुरू हुआ था और 2019 तक फ्लैट मिल जाने थे। इसी तरह सुपरटेक के अजालिया, आफिसर एन्क्लेव, हाईराइज, हिल्टन, लो राइज, अराविले और बसेरा प्रोजेक्ट हैं। इनमें भी निर्माण कार्य अधूरा है। बल्कि अधूरा निर्माण जंग लगे होने के चलते बेहद खराब हालत में पहुंच गया है। डीटीपी कार्यालय पहुंचे एसके सचदेवा कहते हैं कि अराविले प्रोजेक्ट में नौ एकड़ जमीन थी। लाइसेंस हासिल करने के लिए 12 एकड़ जमीन दिखाई गई और इस तरह बहुत बड़ी धोखाधड़ी की।
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एसके सचदेवा ने कहा कि डीटीपी कार्यालय के बुलाने पर सुपरटेक की तरफ से एक कर्मचारी आया था, वह बैठक से पहले ही चला गया। बिल्डर पक्ष के कुछ लोग ईडी की कस्टडी में हैं। जो बचे हैं वह कुछ कर नहीं रहे हैं। इसके बाद भी संबंधित विभाग कुछ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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लोगों के करोड़ों रुपये डूबे

सभी प्रोजेक्ट में कुल दो हजार से ज्यादा यूनिट हैं। सभी के खरीदार भटक रहे हैं। सुपरटेक अजालिया प्रोजेक्ट के निकुंज कहते हैं कि लोगों के पैसे डूब चुके हैं। किसी ने 35 लाख दिए, किसी ने 50 लाख दिए। किसी ने पूरा भुगतान तक कर दिया। इसके बाद भी जमीन पर कोई निर्माण नहीं हुआ है। जो टावर पूरे हुए भी हैं उसके लिए भी बिल्डर के पास ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट नहीं हैं। सभी प्रोजेक्ट में एक फ्लैट की कीमत 80 लाख से एक करोड़ रुपये तक है। एसके सचदेवा ने बताया कि बैठक में वरिष्ठ नागरिक पीएन गर्ग को भी आमंत्रित किया था लेकिन उनको सूचना ही नहीं दी। पीएन गर्ग इस मामले को बारीकी से जानते हैं। इसी के चलते उन्हें नहीं बुलाया।




खरीदारों और परिवार की महिलाओं तक को कर रहे परेशान

खरीदार मुकेश खुराना कहते हैं कि बिल्डर अधिकारियों और बैंकरों के साथ मिलकर खरीदारों को परेशान कर रहे हैं। पैसा मांग रहे हैं। अदालत ने कब्जा न देने तक खरीदार को परेशान न करने का आदेश दिया है। इसके बाद भी परिवार की महिलाओं तक को परेशान किया जा रहा है।




सुपरटेक मामले पर चंडीगढ़ से उच्च अधिकारियों के स्तर से नजर रखी जा रही है। खरीदारों ने जो भी मांग रखी है उससे मुख्यालय को अवगत करा दिया जाएगा।
- मनीष यादव, डीटीपी प्रवर्तन
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