फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Buildings erected in place of 28 hospitals

28 अस्पतालों की जगह खड़ी कर दी गईं बिल्डिंगें

Wed, 02 Jun 2021 11:52 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jun 2021 11:52 PM IST
विज्ञापन
Buildings erected in place of 28 hospitals
गुरुग्राम। जिले में सेक्टरों में अस्पतालों के लिए छोड़ी गईं जगहों पर बिल्डरों ने बहुमंजिला बिल्डिंगें खड़ी कर दी है। पिछले दिनों कोविड अस्पताल बनाने के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने जमीन तलाशने का अभियान चलाया गया, तब यह खुलासा हुआ। इस बारे में जिला उपायुक्त ने एचएसवीपी और जिला योजनाकार से जानकारी भी मांगी थी। जिसमें यह बताया गया कि शहर के विभिन्न सेक्टरों में विकसित की गईं कालोनियों में अस्पतालों के लिए जो स्थान रिजर्व किए गए थे, उनमें से 28 में अस्पताल नहीं हैं। उन स्थानों पर बहुमंजिला इमारतें खड़ी हुईं हैं।
विज्ञापन

शहर में करीब एक हजार से अधिक अधिकृत कालोनी और 50 से अधिक सेक्टर हैं। सरकार के निर्देशानुसार हर कालोनी तथा सेक्टर में सामुदायिक भवन, खेल के मैदान तथा कुछ सेक्टरों को मिलाकर, स्कूल, छोटे औषधालय तथा अस्पताल के लिए जमीन छोड़ने का प्रावधान है। इनके लिए जमीन कम दरों में बेचने का भी नियम है लेकिन इस नियम के विपरीत एचएसवीपी और डीटीपी विभाग ने बिल्डिरों से मिलकर इन जमीनों पर कॉमर्शिल कॉम्पलेक्स तथा आवासीय भवन बनवा दिए। जिनको बिल्डरों ने अधिक दामों में बेचकर मोटा मुनाफा कमा लिया है।
विज्ञापन

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शहर में अस्पताल तथा खेल के मैदानों के लिए एक सौ से अधिक साइट निर्धारित की गईं थी। अब इस खुलासे के बाद जिला उपायुक्त ने फिर से एचएसवीपी के प्रशासक और डीटीपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जिसमें कहा गया है कि गुरुग्राम और मानेसर के सभी सेक्टरों में कितने स्थानों पर अस्पताल व डिस्पेंसरी के लिए जमीन छोड़ी गईं थीं। अब वहां पर क्या स्थिति है, इन स्थानों पर अस्पताल तथा डिस्पेंसरी के स्थान पर बिल्डिंगें कैसे बन गईं। यही जानकारी खेल के मैदान और स्टेडियम के लिए छोड़ी गईं जमीनों के बारे में मांगी गई है। पूर्व में की गई जांच प्राथमिक थी, विस्तृत जांच करने पर अवैध निर्माण करने वाले इस तरह के स्थानों की संख्या अधिक भी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एचएसवीपी और डीटीपी की मिलीभगत से पास हुए नक्शे
अस्पताल, खेल के मैदान, सामुदायिक भवनों के लिए रिजर्व की गई जगहों के नक्शे पास नहीं होने चाहिए थे। लेकिन एचएसवीपी और डीटीपी की मिलीभगत से नक्शे पास हो गए। इतना ही नहीं इन अवैध निर्माण को संबंधित विभागों का संरक्षण भी मिलता रहा, जबकि शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने इनके खिलाफ शिकायतें भी की थीं, लेकिन उनको दरकिनार कर दिया गया।

ये हैं मानक
एक टाउनशिप में एक औषधालय, प्राथमिक विद्यालय, क्लब और एक सामुदायिक केंद्र का निर्माण करना अनिवार्य है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, कुछ साइटों को डेवलपर्स द्वारा मानकों के अनुसार इन सभी व्यवस्था न करके निजी पार्टियों को बेच दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed